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मुजफ्फरनगर को मिला तीन हजार करोड़ निवेश का लक्ष्य
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लखनऊ में फरवरी 2023 के दूसरे सप्ताह में होगा प्रथम ग्लोबल इन्वेस्टर समिट
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए फरवरी 2023 के दूसरे सप्ताह में प्रथम ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन लखनऊ में कर रही है। मुजफ्फरनगर जनपद को तीन हजार करोड़ निवेश का लक्ष्य मिला है। जिला उद्योग केंद्र ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य ने बताया कि जनपद के समस्त औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों, निर्यातकों एवं भावी उद्यमियों को अधिक से अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने नवीन एमएसएमई नीति-2022 घोषित की है। इस नीति में उद्योग स्थापना के लिये भूमि क्रय किए जाने पर 75 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट तथा महिला उद्यमियों को 100 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। औद्योगिक क्षेत्र की भूमि के विकास को नई नीति में विशेष प्राविधान किग गए हैं। स्वीकृत परियोजना लागत में 50 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज की प्रतिपूर्ति सात वर्ष तक किये जाने का प्रावधान है।
बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से महायोजना-2031 प्रस्तावित है। इसमें मेरठ रोड़ सुजडू से बेगराजपुर तक, जानसठ बाईपास रोड़ से शेरनगर तक, भोपा रोड़ बाईपास से जटमुझेड़ा तक तथा शामली-बुढ़ाना बाईपास के पास ग्राम मीरापुर में औद्योगिक विकास को महायोजना में भूमि चिह्नित की गई है। सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना को अलग-अलग सब्सिडी की व्यवस्था है।
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए फरवरी 2023 के दूसरे सप्ताह में प्रथम ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन लखनऊ में कर रही है। मुजफ्फरनगर जनपद को तीन हजार करोड़ निवेश का लक्ष्य मिला है। जिला उद्योग केंद्र ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य ने बताया कि जनपद के समस्त औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों, निर्यातकों एवं भावी उद्यमियों को अधिक से अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने नवीन एमएसएमई नीति-2022 घोषित की है। इस नीति में उद्योग स्थापना के लिये भूमि क्रय किए जाने पर 75 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट तथा महिला उद्यमियों को 100 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। औद्योगिक क्षेत्र की भूमि के विकास को नई नीति में विशेष प्राविधान किग गए हैं। स्वीकृत परियोजना लागत में 50 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज की प्रतिपूर्ति सात वर्ष तक किये जाने का प्रावधान है।
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बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से महायोजना-2031 प्रस्तावित है। इसमें मेरठ रोड़ सुजडू से बेगराजपुर तक, जानसठ बाईपास रोड़ से शेरनगर तक, भोपा रोड़ बाईपास से जटमुझेड़ा तक तथा शामली-बुढ़ाना बाईपास के पास ग्राम मीरापुर में औद्योगिक विकास को महायोजना में भूमि चिह्नित की गई है। सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना को अलग-अलग सब्सिडी की व्यवस्था है।
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