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कोर्ट ने बहाल कर दिया, शासन में अटके चेयरमैन के अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 31 May 2017 12:20 AM IST
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चेयरमैन पंकज अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पालिका के चेयरमैन पंकज अग्रवाल को भले ही कोर्ट से राहत मिल गई हो, लेकिन शासन स्तर पर अभी कोई हलचल नहीं है। इसके चलते पालिका में चेयरमैन के अधिकारों पर अभी तक असमंजस है। हालांकि मंगलवार को चेयरमैन ने कार्यालय पहुंचकर कुछ फाइलें देखीं, लेकिन ईओ ने साफ कर दिया है कि चेयरमैन के कोई हस्ताक्षर फाइल पर मान्य नहीं हैं।
शासन ने एक अप्रैल 2017 को चेयरमैन पंकज अग्रवाल को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। पंकज अग्रवाल ने हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ी और बहाल हो गए। शासन ने 17 मई को बहाली के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन अधिकार सीज कर दिए। इसके बाद फिर से मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पंकज अग्रवाल को राहत मिल गई। हाईकोर्ट ने पंकज के अधिकार सीज करने की कार्रवाई को निराधार मानते हुए इन्हें निरस्त कर दिए। अब पालिका में चेयरमैन पंकज अग्रवाल को पूरे अधिकार हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर पंकज अग्रवाल ने मंगलवार को नगर पालिका पहुंचकर कार्यालय में कार्यभार देखा। यहां चेयरमैन ने कुछ फाइलों का अवलोकन किया और जांच-पड़ताल की। चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज पंकज के अधिकारों पर सस्पेंस बना है। ईओ अजीत सिंह ने बताया कि पंकज अग्रवाल को हाईकोर्ट से आदेश मिले हैं, लेकिन शासन स्तर से अभी पालिका में उनके अधिकार बहाल होने संबंधी कोई आदेश नहीं आए हैं। ऐसे में यदि पंकज अग्रवाल किसी फाइल या शिकायत पर दस्तखत करते हैं तो यह स्वीकार्य नहीं होंगे। शासन से विधिवत आदेश आने का इंतजार किया जा रहा है।
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प्रशासक के हस्ताक्षर मान्य
नगर पालिका के चेयरमैन की बर्खास्तगी के बाद प्रशासन ने यहां एडीएम वित्त सुनील सिंह को प्रशासक के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि पंकज अग्रवाल को शासन से राहत नहीं मिलने के कारण पालिका की फाइलों पर प्रशासक सुुनील सिंह के हस्ताक्षर मान्य बताए गए हैं।
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शासन ने एक अप्रैल 2017 को चेयरमैन पंकज अग्रवाल को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। पंकज अग्रवाल ने हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ी और बहाल हो गए। शासन ने 17 मई को बहाली के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन अधिकार सीज कर दिए। इसके बाद फिर से मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो पंकज अग्रवाल को राहत मिल गई। हाईकोर्ट ने पंकज के अधिकार सीज करने की कार्रवाई को निराधार मानते हुए इन्हें निरस्त कर दिए। अब पालिका में चेयरमैन पंकज अग्रवाल को पूरे अधिकार हैं।
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हाईकोर्ट के आदेश पर पंकज अग्रवाल ने मंगलवार को नगर पालिका पहुंचकर कार्यालय में कार्यभार देखा। यहां चेयरमैन ने कुछ फाइलों का अवलोकन किया और जांच-पड़ताल की। चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज पंकज के अधिकारों पर सस्पेंस बना है। ईओ अजीत सिंह ने बताया कि पंकज अग्रवाल को हाईकोर्ट से आदेश मिले हैं, लेकिन शासन स्तर से अभी पालिका में उनके अधिकार बहाल होने संबंधी कोई आदेश नहीं आए हैं। ऐसे में यदि पंकज अग्रवाल किसी फाइल या शिकायत पर दस्तखत करते हैं तो यह स्वीकार्य नहीं होंगे। शासन से विधिवत आदेश आने का इंतजार किया जा रहा है।
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प्रशासक के हस्ताक्षर मान्य
नगर पालिका के चेयरमैन की बर्खास्तगी के बाद प्रशासन ने यहां एडीएम वित्त सुनील सिंह को प्रशासक के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि पंकज अग्रवाल को शासन से राहत नहीं मिलने के कारण पालिका की फाइलों पर प्रशासक सुुनील सिंह के हस्ताक्षर मान्य बताए गए हैं।