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150 वर्षों से गाय पाल रहा मुस्लिम परिवार       

Sat, 17 Jun 2017 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 17 Jun 2017 12:32 AM IST
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Muslim family for over 150 years
भोकरहेड़ी में गाय पालने वाला मुस्लिम परिवार। - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर के मोरना में गौ संरक्षण का प्रण करने वाली देश-प्रदेश की सरकार के लिए मुस्लिम शेख परिवार ने एक मिसाल पेश की है। 150 वर्षों से गौ सेवा में लगा मुस्लिम शेख परिवार गौ सेवा को सबसे बड़ी सेवा मानते हुए सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा है। सैकड़ों देशी नस्ल की गायों को पालकर आधुनिक नंद बने मुस्लिम परिवार ने प्रदेश की योगी सरकार से चरवाहों को माफियाओं के चंगुल से छुड़ाने की गुहार लगाई है।       
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गाय पर देश की सियासत कितनी भी गर्म हो, किंतु अपवाद ही सही कस्बा भोकरहेड़ी के मोहल्ला पठानान निवासी मुस्लिम शेख परिवार ने सांप्रदायिक सौहार्द की एक इबारत जरूर लिख दी है। शेख परिवार के ग्वाले 24 वर्षीय शाहनवाज ने बताया कि उसके पूर्वज मोहम्मद अली शेख लगभग 150 वर्षों से देशी नस्ल की गाय पालते आ रहे हैं। चौथी पीढ़ी भी इसी कार्य में लगी हुई है। आज तक शेख परिवार ने कोई बछड़ा व गौधन नहीं बेचा है और न ही दूध बेचा है। अलबत्ता बीमारों के लिए मुफ्त में दूध उपलब्ध है। जिसकी चर्चा पूरे कस्बे में है। सैकड़ों गायों की सेवा में परिवार के अतीक, नसरीन, नबील, अलीशान, इफ्रहीम, लईक, गुलशन, शहादत, अफराज, महेश, शाहजमाल आदि इजहार शेख व उस्मान शेख के वंशज हैं, जो सवेरे से गौसेवा में लग जाते हैं। 

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गौधुली से लौटती गाय की गले में बंधी घंटी की गूंज उन्हें सारे घरेलू कार्य छोड़ने पर मजबूर कर देती है। शेख परिवार ने बताया कि उन्होंने कभी गाय के गले में रस्सा नहीं डाला है। इस्लाम धर्म में भी गाय का अपना महत्व है। देशी नस्ल की गाय भारतीय संस्कृति की पहचान है। इसलिए वह केवल देशी नस्ल की ही गाय रखते हैं। खादर क्षेत्र में उनकी गाय चरने जाती हैं, किंतु माफिया ने भूमि कब्जा कर चरवाहों को छोटा कर दिया है। जिस कारण उनकी गाय अब भूखी रहती हैं। महंगाई के दौर में गौसेवा काफी मुश्किल कार्य है। बिना सरकारी मदद के वो पूर्वजों की विरासत को कब तक संभाल पाएंगे, कहना मुश्किल है।

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