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ट्रैफिक नियमों से खाकी की बेरूखी
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ातायात नियमो से बेपरवाह बाईक सवार पुलिसकर्मी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
बिना हेलमेट लगाए वाहन चला रहे अधिकांश पुलिसकर्मी
मुजफ्फरनगर। एक नवंबर से शुरू हुए यातायात माह में एक ओर जहां आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया जा रहा है, वहीं खाकी इससे बेरुखी रखे हुए है। ट्रैफिक पुलिस को छोड़ दें तो अधिकांश पुलिसकर्मी दुपहिया वाहन चलाते हुए हेलमेट से परहेज रखकर धड़ल्ले से वाहन दौड़ा रहे हैं।
प्रतिवर्ष एक से 30 नवंबर तक प्रदेश भर में यातायात माह जोरशोर से मनाया जाता है। एक माह की इस अवधि में आम जनमानस को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करते हुए रैली निकालकर, परचे बंटवाकर व गोष्ठियां आयोजित कर जागरूक किया जाता है। हालांकि जोरशोर से यातायात माह का प्रचार-प्रसार करने वाली खाकी खुद यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आती है। अमर उजाला ने शुक्रवार को यातायात नियमों के पालन को लेकर खाकी की जागरूकता को अपने कैमरे में कैद किया तो नतीजे बेहद चौंकाने वाले थे। कैमरे की जद में आए अधिकांश पुलिसकर्मी हेलमेट का इस्तेमाल करना तो दूर, उसे साथ लेना तक जरूरी नहीं समझ रहे हैं। एसआई हों या आरक्षी, होमगार्ड हों या पीआरडी के जवान, अधिकांश पुलिसकर्मी बिना हेमलेट के ही शहर में बाइक दौड़ाते नजर आए। हालांकि, यातायात पुलिस इसके लिए अपवाद रही और ट्रैफिक पुलिस के अधिकांश कर्मचारी दुपहिया चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल करते मिले। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जब कानून के कर्णधार ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता से क्या और कैसे अपेक्षा की जा सकती है कि वे तमाम नियमों का पालन करें ?
इन्होंने कहा---
- नियम और कानून सभी के लिए समान है। पुलिस वालों को भी यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। चेकिंग में यदि कोई कर्मचारी बिना हेलमेट के पाया गया तो उसका भी चालान किया जाएगा।- बीबी चौरसिया एसपी यातायात
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मुजफ्फरनगर। एक नवंबर से शुरू हुए यातायात माह में एक ओर जहां आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया जा रहा है, वहीं खाकी इससे बेरुखी रखे हुए है। ट्रैफिक पुलिस को छोड़ दें तो अधिकांश पुलिसकर्मी दुपहिया वाहन चलाते हुए हेलमेट से परहेज रखकर धड़ल्ले से वाहन दौड़ा रहे हैं।
प्रतिवर्ष एक से 30 नवंबर तक प्रदेश भर में यातायात माह जोरशोर से मनाया जाता है। एक माह की इस अवधि में आम जनमानस को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करते हुए रैली निकालकर, परचे बंटवाकर व गोष्ठियां आयोजित कर जागरूक किया जाता है। हालांकि जोरशोर से यातायात माह का प्रचार-प्रसार करने वाली खाकी खुद यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आती है। अमर उजाला ने शुक्रवार को यातायात नियमों के पालन को लेकर खाकी की जागरूकता को अपने कैमरे में कैद किया तो नतीजे बेहद चौंकाने वाले थे। कैमरे की जद में आए अधिकांश पुलिसकर्मी हेलमेट का इस्तेमाल करना तो दूर, उसे साथ लेना तक जरूरी नहीं समझ रहे हैं। एसआई हों या आरक्षी, होमगार्ड हों या पीआरडी के जवान, अधिकांश पुलिसकर्मी बिना हेमलेट के ही शहर में बाइक दौड़ाते नजर आए। हालांकि, यातायात पुलिस इसके लिए अपवाद रही और ट्रैफिक पुलिस के अधिकांश कर्मचारी दुपहिया चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल करते मिले। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जब कानून के कर्णधार ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता से क्या और कैसे अपेक्षा की जा सकती है कि वे तमाम नियमों का पालन करें ?
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इन्होंने कहा---
- नियम और कानून सभी के लिए समान है। पुलिस वालों को भी यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। चेकिंग में यदि कोई कर्मचारी बिना हेलमेट के पाया गया तो उसका भी चालान किया जाएगा।- बीबी चौरसिया एसपी यातायात

यातायात नियमो से बेपरवाह स्कूटी सवार पुलिसकर्मी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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