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लिफाफा प्रकरण: कई लोग हुए भूमिगत
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लिफाफा प्रकरण में कई लोग हुए भूमिगत
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट का लिफाफा प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। जांच आगे बढ़ रही है तो नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस को असदजमा के मोबाइल में रिकोर्डिंग मिलने के बाद कई चर्चित चेहरे भूमिगत हो गए है। पुलिस ने इस मामले में असदजमा की चार्जशीट दाखिल करने के बाद बाकी जांच जारी रखी है।
कलक्ट्रेट के जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में महिला कल्याण अधिकारी के नाम आधी रात में लिफाफा डालने का मामला लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर असदजमा एडवोकेट को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अशोक बालियान द्वारा लिखाए गए मुकदमे आधार पर अधिवक्ता रोनशा वर्मा को भी सह आरोपी बनाया था। असद जमा इस समय जेल में है और जिला जज ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। रोनशा वर्मा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। लगातार जांच के बाद पुलिस इस मामले में असदजमा को लेकर चार्ज शीट दाखिल कर चुकी है। बाकी जांच अभी जारी है। इस मामले में सबूत के तौर पर पुलिस को असदजमा का मोबाइल मिला है, जिसमें तमाम रिकोर्डिंग मिली है। महिलाओं को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। पुलिस रिकोर्डिंग के आधार पर अन्य सबूत भी जुटा रही है। अब तक काफी संख्या में महिलाओं के बयान भी पुलिस ने लिए हैं।
ब्लैकमेलिंग में हो सकती है कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। लिफाफा प्रकरण में एक ही वर्ग की दो दर्जन से अधिक महिलाओं को ब्लैकमेल करने और गलत तरीके से फंसाए जाने के मामले में कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में एक हिंदू संगठन की मांग पर डीएम ने पुलिस से सबूतों के आधार पर रिपोर्ट तलब की थी। पुलिस ने डीएम सीबी सिंह को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
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मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट का लिफाफा प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। जांच आगे बढ़ रही है तो नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस को असदजमा के मोबाइल में रिकोर्डिंग मिलने के बाद कई चर्चित चेहरे भूमिगत हो गए है। पुलिस ने इस मामले में असदजमा की चार्जशीट दाखिल करने के बाद बाकी जांच जारी रखी है।
कलक्ट्रेट के जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में महिला कल्याण अधिकारी के नाम आधी रात में लिफाफा डालने का मामला लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर असदजमा एडवोकेट को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अशोक बालियान द्वारा लिखाए गए मुकदमे आधार पर अधिवक्ता रोनशा वर्मा को भी सह आरोपी बनाया था। असद जमा इस समय जेल में है और जिला जज ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। रोनशा वर्मा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। लगातार जांच के बाद पुलिस इस मामले में असदजमा को लेकर चार्ज शीट दाखिल कर चुकी है। बाकी जांच अभी जारी है। इस मामले में सबूत के तौर पर पुलिस को असदजमा का मोबाइल मिला है, जिसमें तमाम रिकोर्डिंग मिली है। महिलाओं को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। पुलिस रिकोर्डिंग के आधार पर अन्य सबूत भी जुटा रही है। अब तक काफी संख्या में महिलाओं के बयान भी पुलिस ने लिए हैं।
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ब्लैकमेलिंग में हो सकती है कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। लिफाफा प्रकरण में एक ही वर्ग की दो दर्जन से अधिक महिलाओं को ब्लैकमेल करने और गलत तरीके से फंसाए जाने के मामले में कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में एक हिंदू संगठन की मांग पर डीएम ने पुलिस से सबूतों के आधार पर रिपोर्ट तलब की थी। पुलिस ने डीएम सीबी सिंह को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
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