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मुजफ्फरनगर: दलित पुष्पेंद्र की हत्या में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास
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- शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के सांपला गांव का मामला
- 13 जनवरी 2007 को जमीन की रंजिश में अंजाम दी गई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जमीन की रंजिश में 16 साल पहले शामली के सांपला गांव में दलित पुष्पेंद्र की हत्या में दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी रजनीश कुमार ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सहदेव सिंह ने बताया कि शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के सांपला गांव में 13 जनवरी 2007 की सुबह पुष्पेंद्र कुमार अपने चचेरे भाई सुभाष के साथ खेत पर गया था। क्रशर के पास खड़े गांव के ही रामफल और बिजेंद्र सिंह पुत्र मोतीराम की पुरानी जमीन की रंजिश को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद अभियुक्तों ने पुष्पेंद्र को घेर लिया और गोली मार कर हत्या कर दी थी। सुभाष किसी तरह जान बचाकर गांव की तरफ भाग गया था। पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के पिता ब्रजपाल सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया। दोनों को धारा 302 में उम्रकैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। दोषी बिजेंद्र को आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा सुनाई गई है।
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- 13 जनवरी 2007 को जमीन की रंजिश में अंजाम दी गई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जमीन की रंजिश में 16 साल पहले शामली के सांपला गांव में दलित पुष्पेंद्र की हत्या में दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी रजनीश कुमार ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सहदेव सिंह ने बताया कि शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के सांपला गांव में 13 जनवरी 2007 की सुबह पुष्पेंद्र कुमार अपने चचेरे भाई सुभाष के साथ खेत पर गया था। क्रशर के पास खड़े गांव के ही रामफल और बिजेंद्र सिंह पुत्र मोतीराम की पुरानी जमीन की रंजिश को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद अभियुक्तों ने पुष्पेंद्र को घेर लिया और गोली मार कर हत्या कर दी थी। सुभाष किसी तरह जान बचाकर गांव की तरफ भाग गया था। पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के पिता ब्रजपाल सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
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प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया। दोनों को धारा 302 में उम्रकैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। दोषी बिजेंद्र को आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा सुनाई गई है।
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