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Muzaffarnagar News: गैर इरादतन हत्या में दोषी को आजीवन कारावास
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मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के मामले में एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
शामली जनपद के गांव रामगढ़ निवासी सदाराम ने 15 जनवरी 2017 को पुलिस को सूचना दी थी। बताया था कि उसके बेटे धर्मेन्द्र को गांव के ही चमनलाल ने फोन कर अपने घर बुलाया था। कुछ समय पश्चात आरोपी चमनलाल के बेटे सुरेन्द्र ने फोन कर बताया कि उसका बेटा उनके मकान में पड़ा है, उसे उठाकर ले जाए।
आरोप था कि चमनलाल, उसके बेटे सुरेन्द्र व जितेन्द्र एवं अन्य युवक उसके बेटे की लाठी-डंडों से पिटाई कर रहे है। वह गंभीर हालत में बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस संबंध में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी। मामले की सुनवाई पाक्सो एक्ट कोर्ट-दो अंजनी कुमार सिंह की कोर्ट में हुई है। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चमनलाल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने अन्य तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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शामली जनपद के गांव रामगढ़ निवासी सदाराम ने 15 जनवरी 2017 को पुलिस को सूचना दी थी। बताया था कि उसके बेटे धर्मेन्द्र को गांव के ही चमनलाल ने फोन कर अपने घर बुलाया था। कुछ समय पश्चात आरोपी चमनलाल के बेटे सुरेन्द्र ने फोन कर बताया कि उसका बेटा उनके मकान में पड़ा है, उसे उठाकर ले जाए।
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आरोप था कि चमनलाल, उसके बेटे सुरेन्द्र व जितेन्द्र एवं अन्य युवक उसके बेटे की लाठी-डंडों से पिटाई कर रहे है। वह गंभीर हालत में बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस संबंध में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी। मामले की सुनवाई पाक्सो एक्ट कोर्ट-दो अंजनी कुमार सिंह की कोर्ट में हुई है। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चमनलाल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने अन्य तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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