वकीलों-दस्तावेज लेखकों में ठनी
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नवीन तहसील में सरकार की ओर से वकीलों के बैठने को पक्के चैंबर बनाकर दिए थे। बाकी बचे वकील बिना सीट के बार एसोसिएशन के कैंपस में खुले में ही तंबू लगाकर प्रैक्टिस कर रहे हैं। दस्तावेज लेखक भी तंबू लगाकर वकीलों के बीच में ही लेखन का कार्य करते चले आ रहे हैं।
शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री की मांग को लेकर मंडी स्थल में स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय की तालाबंदी कर धरना देकर रजिस्ट्रार व कर्मचारियों को बंधक बनाया था। सीट की जगह आवंटित नहीं होने को लेकर दस्तावेज लेखकों ने वकीलों का साथ नहीं दिया था। इतना ही विरोध के चलते शुक्रवार को दस्तावेज लेखक रजिस्ट्री करने को सब रजिस्ट्रार कार्यालय पर पहुंच गए, जहां पर रजिस्ट्री करने को लेकर वकीलों और दस्तावेज लेखकों के बीच नोकझोंक हो गई थी।
दस्तावेज लेखकों की इस हरकत को लेकर वकीलों में आक्रोश था। शनिवार को अधिवक्ताओं ने नवीन तहसील में बार एसोसिएशन के कैंपस में एक दस्तावेज लेखक की सीट का तंबू उखाड़ दिया तथा बाकी विरोध करने वाले दस्तावेज लेखकों को कैंपस से चले जाने की चेतावनी दे डाली थी।
दस्तावेज लेखक अमित कुमार, आदेश मोतला, मजाहिर अहमद, मोहम्मद इकबाल, मनोज कुमार सैनी, राहुल, रविकांत आदि ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चतरपाल सिंह व महासचिव नवीन कुमार उपाध्याय को खेद प्रकट करते हुए पत्र लिखकर भेजा। खेद पत्र पढ़ने के बाद वकीलों का गुस्सा शांत हुआ। महासचिव नवीन कुमार उपाध्याय ने बताया कि दस्तावेज लेखकों ने शुक्रवार की घटना में अपना खेद प्रकट कर लिख दिया है। इसलिए रजिस्ट्री का नवीन तहसील में स्थानांतरित कराने की मांग को लेकर मिलजुल कर लड़ा जाएगा।