{"_id":"5f32ec368ebc3e3cb654103f","slug":"krishna-janmashtami-temple-decorated-not-decorated-with-gorgeous-tableaux-muzaffarnagar-news-mrt495821489","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं ने मंदिरों में बांके बिहारी को झूला झुलाकर चढ़ाया प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं ने मंदिरों में बांके बिहारी को झूला झुलाकर चढ़ाया प्रसाद
विज्ञापन
जन्माष्टमी पर्व पर बालाजी धाम मंदिर में झूला झूलाते राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मंदिर तो सजे, नहीं सजाई गईं भव्य झांकियां
मुजफ्फरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का हर्षोल्लास इस बार फीका रहा। वैश्विक महामारी की दहशत के चलते इस बार मंदिर तो सजाए गए, लेकिन हर साल की तरह भव्य झांकियां नदारद हैं। गली मोहल्लों में भी झांकी नहीं लगाई गई। मंदिरों में मंगलवार को श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी कम रही। बुधवार को भी पर्व मनाया जाएगा।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दहशत इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर लोगों के उत्साह पर भारी पड़ी है। मंगलवार को भक्तों ने जन्माष्टमी पर्व ़ मनाया, लेकिन कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ। घरों में ही लड्डू गोपालजी का मंदिर रंगीन रोशनी से सजाया गया। ठाकुरजी का भव्य श्रृंगार किया गया। कोविड-19 के साये में इस बार मंदिर तो हर बार की तरह ही सजाए गए, लेकिन हर साल नजर आने वाली भव्य झांकियां नदारद रहीं। मंदिर प्रांगण में हर वर्ष रहने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भी कहीं नहीं दिखाई दी। शहर के गांधी कॉलोनी स्थित श्रीगोलोक धाम, श्रीबालाजी धाम, श्रीगणेश धाम, श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर गांधी कॉलोनी, संकीर्तन मंदिर नई मंडी और आत्मबोध योग आश्रम नदी रोड मंदिर में हर साल सबसे अधिक श्रद्धालु देर रात तक भव्य झांकियों का आनंद उठाते थे। इस बार मंदिर प्रांगण हर वर्ष की अपेक्षा सूने-सूने रहे। श्रद्धालुगण मंदिर तो पहुंचे, लेकिन वहां केवल बांके बिहारी को पालना झुलाने के बाद प्रसाद चढ़ाकर लौट आए। इस बार अमरनाथ गुफा, मां वैष्णो देवी का दरबार आदि झांकी भी नहीं लगी। यहां तक की पुलिस लाइन में भी कोई कार्यक्रम नहीं हुआ।
मायूस रहे खिलौना विक्रेता
मुजफ्फरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर हर साल शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में सजाईं गईं भव्य झांकियों को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे, जिनके साथ बड़ी संख्या बच्चों की भी होती थी। मंदिरों के दर्शन कर लौटते समय बच्चे मंदिरों के बाहर खिलौने भी खरीदते थे। इस बार ये सब नदारद है। यही वजह रही कि इस बार मंदिरों के बाहर खिलौने वाले तो खड़े मिले, लेकिन खरीदारी न होने से सबके चेहरे मायूस दिखाई दिए। मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी राजेंद्र कहते हैं कि हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हजारों रुपयों के खिलौने बिकते थे। इस बार भी जन्माष्टमी के लिए खिलौने खरीदे थे, लेकिन मुश्किल से कुछ ही खिलौने बिक सके। अब पूरी उम्मीद बुधवार के व्रत पर है, कि शायद कुछ खिलौने बिकें और उसके घर का खर्च निकल सके।
विज्ञापन
सजाए गए प्राचीन मंदिर
शाहपुर। कस्बा व देहात क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। कस्बे के प्राचीन मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है, लेकिन इस बार झांकियां नहीं लगाई गईं। श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे तो जरूर, लेकिन पूजा-अर्चना कर लौट आए।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का हर्षोल्लास इस बार फीका रहा। वैश्विक महामारी की दहशत के चलते इस बार मंदिर तो सजाए गए, लेकिन हर साल की तरह भव्य झांकियां नदारद हैं। गली मोहल्लों में भी झांकी नहीं लगाई गई। मंदिरों में मंगलवार को श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी कम रही। बुधवार को भी पर्व मनाया जाएगा।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दहशत इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर लोगों के उत्साह पर भारी पड़ी है। मंगलवार को भक्तों ने जन्माष्टमी पर्व ़ मनाया, लेकिन कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ। घरों में ही लड्डू गोपालजी का मंदिर रंगीन रोशनी से सजाया गया। ठाकुरजी का भव्य श्रृंगार किया गया। कोविड-19 के साये में इस बार मंदिर तो हर बार की तरह ही सजाए गए, लेकिन हर साल नजर आने वाली भव्य झांकियां नदारद रहीं। मंदिर प्रांगण में हर वर्ष रहने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भी कहीं नहीं दिखाई दी। शहर के गांधी कॉलोनी स्थित श्रीगोलोक धाम, श्रीबालाजी धाम, श्रीगणेश धाम, श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर गांधी कॉलोनी, संकीर्तन मंदिर नई मंडी और आत्मबोध योग आश्रम नदी रोड मंदिर में हर साल सबसे अधिक श्रद्धालु देर रात तक भव्य झांकियों का आनंद उठाते थे। इस बार मंदिर प्रांगण हर वर्ष की अपेक्षा सूने-सूने रहे। श्रद्धालुगण मंदिर तो पहुंचे, लेकिन वहां केवल बांके बिहारी को पालना झुलाने के बाद प्रसाद चढ़ाकर लौट आए। इस बार अमरनाथ गुफा, मां वैष्णो देवी का दरबार आदि झांकी भी नहीं लगी। यहां तक की पुलिस लाइन में भी कोई कार्यक्रम नहीं हुआ।
विज्ञापन
मायूस रहे खिलौना विक्रेता
मुजफ्फरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर हर साल शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में सजाईं गईं भव्य झांकियों को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे, जिनके साथ बड़ी संख्या बच्चों की भी होती थी। मंदिरों के दर्शन कर लौटते समय बच्चे मंदिरों के बाहर खिलौने भी खरीदते थे। इस बार ये सब नदारद है। यही वजह रही कि इस बार मंदिरों के बाहर खिलौने वाले तो खड़े मिले, लेकिन खरीदारी न होने से सबके चेहरे मायूस दिखाई दिए। मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी राजेंद्र कहते हैं कि हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हजारों रुपयों के खिलौने बिकते थे। इस बार भी जन्माष्टमी के लिए खिलौने खरीदे थे, लेकिन मुश्किल से कुछ ही खिलौने बिक सके। अब पूरी उम्मीद बुधवार के व्रत पर है, कि शायद कुछ खिलौने बिकें और उसके घर का खर्च निकल सके।
विज्ञापन
सजाए गए प्राचीन मंदिर
शाहपुर। कस्बा व देहात क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। कस्बे के प्राचीन मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है, लेकिन इस बार झांकियां नहीं लगाई गईं। श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे तो जरूर, लेकिन पूजा-अर्चना कर लौट आए।