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होम आइसोलेशन के मरीजों का जान रहे हाल
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होम आइसोलेशन के मरीजों का जान रहे हाल
मुजफ्फरनगर। जिले में होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज अब सीधे प्रशासन की नजर में हैं। कंट्रोल रूम में तैनात चिकित्सक मरीजों से सीधे बात कर रहे हैं और उनके उपचार में सहयोगी बन रहे हैं। मरीजों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। जिले में वर्तमान में 3200 के करीब मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
कलक्ट्रेट परिसर में बना कंट्रोल रूम कोविड-19 को कंट्रोल से कोविड मरीजों और अस्पतालों पर निगाहें रखी जाती है। कंट्रोल रूम में जिला चिकित्सालय से चिकित्सक को यहां अलग तैनात किया गया है। ड्यूटी पर रहने वाला चिकित्सक होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से सीधे बात करते हैं, उनके हाल चाल जानते हैं। उन्हें बताता है कि उन्हें किन दवाईयों का प्रयोग करना है। क्या सावधानी बरतनी है उसके बारे में लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। 20 मई को कंट्रोल रूम से 11 मरीजों से बात की गई। 21 को 32 मरीजों से उनकी स्थिति जानी गई। 22 मई को 12 मरीजों से सीधे बात की गई। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि हमारा यह प्रयास है कि होम आइसोलेशन में रह रहा मरीज से सीधे चिकित्सक की निगरानी में रहे। इसके लिए कंट्रोल रूम से मरीजों से चिकित्सक सीधे संपर्क कर रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। जिले में होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज अब सीधे प्रशासन की नजर में हैं। कंट्रोल रूम में तैनात चिकित्सक मरीजों से सीधे बात कर रहे हैं और उनके उपचार में सहयोगी बन रहे हैं। मरीजों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। जिले में वर्तमान में 3200 के करीब मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
कलक्ट्रेट परिसर में बना कंट्रोल रूम कोविड-19 को कंट्रोल से कोविड मरीजों और अस्पतालों पर निगाहें रखी जाती है। कंट्रोल रूम में जिला चिकित्सालय से चिकित्सक को यहां अलग तैनात किया गया है। ड्यूटी पर रहने वाला चिकित्सक होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से सीधे बात करते हैं, उनके हाल चाल जानते हैं। उन्हें बताता है कि उन्हें किन दवाईयों का प्रयोग करना है। क्या सावधानी बरतनी है उसके बारे में लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। 20 मई को कंट्रोल रूम से 11 मरीजों से बात की गई। 21 को 32 मरीजों से उनकी स्थिति जानी गई। 22 मई को 12 मरीजों से सीधे बात की गई। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि हमारा यह प्रयास है कि होम आइसोलेशन में रह रहा मरीज से सीधे चिकित्सक की निगरानी में रहे। इसके लिए कंट्रोल रूम से मरीजों से चिकित्सक सीधे संपर्क कर रहे हैं।
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