1967 में खतौली विधानसभा से सीपीआई के सरदार सिंह विधायक चुने गए थे। इसके बाद बीकेडी के टिकट पर वीरेंद्र वर्मा, 1974 में लक्ष्मण सिंह, 1980 में कांग्रेस से धर्मवीर सिंह, 1985 में लोकदल से हरेंद्र सिंह, 1989 में जनता दल से धर्मवीर बालियान, 1991 व 1993 में भाजपा के टिकट पर सुधीर बालियान, बीकेडी के टिकट 1996 और रालोद के टिकट पर 2002 में राजपाल बालियान, 2007 में बसपा के योगराज सिंह, 2012 में रालोद के करतार भड़ाना और 2017 और 2022 में भाजपा के विक्रम सैनी विधायक चुने गए थे।
खतौली सीट का इतिहास: 1967 से 2022 तक, पढ़िए कब-कब कौन जीता, कई नेता तो मंत्री भी बने
Khatauli By Election Results: खतौली उपचुनाव में सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी मदन भैया ने लगभग जीत हासिल कर ली है। उनके सामने भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी करीब 22 हजार वोटों से पीछे रहीं।
खतौली को मिलता रहा है मंत्रालय
साल 2012 में परिसीमन के बाद खतौली सीट की जाट बेल्ट बुढ़ाना विधानसभा का हिस्सा हो गई। इतिहास देखें तो खतौली से जीतने वाले कई नेताओं को मंत्रालय मिला है।
पश्चिमी यूपी की राजनीति के दिग्गज और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे वीरेंद्र वर्मा यहीं से विधायक बने थे। लक्ष्मण सिंह, धर्मवीर बालियान, सुधीर बालियान, योगराज सिंह खतौली से जीतकर ही अलग-अलग सरकारों में मंत्री रहे।
कुल मतदाता 312446
डाले गए वोट 179560
इन प्रत्याशियों ने लड़ा है खतौली का उपचुनाव
प्रत्याशी पार्टी
राजकुमारी सैनी भाजपा
मदन भैया सपा-रालोद-आसपा
रमेश भागीदारी पार्टी (पी)
प्रदीप कुमार निर्दलीय
सुरेश वती निर्दलीय
वकार अजहर निर्दलीय
प्रमोद आर्य निर्दलीय
संजीव कुमार निर्दलीय
निर्मल प्रताप सिंह निर्दलीय
यशपाल सिंह निर्दलीय
युसूफ निर्दलीय
संतोष निर्दलीय
सुदेश निर्दलीय
यजपाल सिंह राठी निर्दलीय
गठबंधन के प्रत्याशी का परिचय
नाम--मदन भैया, पूर्व विधायक
पिता--भूलेराम
प्रत्याशी--रालोद-सपा गठबंधन
पता--शरफुद्दीनपुर जावली
उम्र--63 वर्ष
शिक्षा--बीए, प्रथम वर्ष
मुकदमे--06
नाम--राजकुमारी सैनी, पूर्व प्रधान
पति--विक्रम सैनी, पूर्व विधायक
प्रत्याशी--भाजपा
पता--कवाल, जानसठ
उम्र--52
शिक्षा--साक्षर
मुकदमे -- शून्य