खतौली उपचुनाव: दिखा दिलचस्प नजारा, चंदे की रेजगारी लेकर नामांकन करने पहुंचे मनीष चौधरी
यूपी उपचुनाव अपडेट : मुजफ्फरनगर जनपद की खतौली विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां चंदे की रेजगारी की पोटली कंधे पर लेकर समाजसेवी मनीष चौधरी नामांकन करने पहुंचे।
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की खतौली विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी उठापटक जारी है। इस उपचुनाव में गुरुवार को दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला। आज जहां भाजपा ने अपनी ताकत दिखाने में जुटी है वहीं भाजपा प्रत्याशी विक्रम सैनी की पत्नी राजकुमारी सैनी ने अपना नामांकन पत्र दाखिर कर दिया। वहीं भैंसी गांव के समाजसेवी मनीष चौधरी चंदे की रेजगारी लेकर नामांकन करने पहुंचे।
खतौली के उपचुनाव में दिलचस्प मामला सामने आया है। भैंसी गांव के समाजसेवी मनीष चैधरी ने चंदा एकत्र कर नामांकन फीस जुटाई। उनके पास चंदे के करीब दस हजार रुपये की रेजगारी हो गई।
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अपने कंधे पर रेजगारी की एक पोटली लेकर वह एडीएम प्रशासन के न्यायालय में नामांकन करने पहुंच गए। जहां पर चुनाव अधिकारी एसडीएम खतौली जीत सिंह राय के सामने रेजगारी रख दी और नामांकन की बात कही। एसडीएम ने उन्हे बैंक में फीस जमा करने के लिए भेजा है।
बता दें कि गठबंधन से रालोद के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी मदन भैया पहले ही नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं। वहीं कवाल कांड में मारे गए गौरव की मां सुरेश देवी ने भी गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। दरअसल, सुरेश देवी के बेटे गौरव की कवाल गांव में 27 अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद दंगा भड़क गया था।
चुनावी माहौल में नेताओं की बयानबाजी भी तेज हो गई है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने रालोद प्रत्याशी मदन भैया पर जमकर निशाना साधा। गुरुवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने खतौली उप चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी मदन भैया पर सियासी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऐसे बाहुबली मुजफ्फरनगर की गली-गली में हैं, लेकिन जब से भाजपा की सरकार बनी है ढूंढे नहीं मिल पा रहे हैं।