फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   kanya bhroon hatya samaj par kalank : devovrat

कन्या भ्रूण हत्या समाज पर कलंक : देवव्रत

Sat, 24 Sep 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 24 Sep 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
kanya bhroon hatya samaj par kalank : devovrat
कार्यक्रम को संबो‌िध्ात करते राज्यपाल आचार्य डॉ देवव्रत। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल डॉ देवव्रत ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है। देश की शान, बेटी देश का मान-सम्मान हैं। बेटियों के खुशहाल जीवन के लिए समाज से दहेज की बीमारी को समाप्त करना होगा। 
विज्ञापन

   उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों ने हमारी जमीन की उर्वरा शक्ति को खत्म कर दिया है। गोमूत्र और गाय के गोबर की खाद से हम अच्छी और लाभप्रद खेती कर सकते हैं। हरित क्रांति आने के बाद हमारा अनाज का उत्पादन तो बढ़ा, साथ ही बीमारियां भी बढ़ गईं। फल, सब्जी, अनाज द्वारा जो जहर हमारे शरीर में जा रहा है, उससे हम जैविक खेती से ही बच सकते हैं।       
विज्ञापन


भोपा रोड पर पंजाबी बारात घर में वेद विद्या परिषद द्वारा आयोजित कन्या भ्रूण हत्या एवं जैविक खेती कार्यशाला में महामहिम आचार्य डॉ देवव्रत ने कहा कि बेटियों का प्रतिशत उन्हीं इलाकों में घटा है, जहां के लोग शिक्षित हैं। हिमाचल के किन्नौर जिले में लड़कियों का अनुपात लड़कों से ज्यादा है। पंजाब, हरियाणा से सटे जिलों कांगडा़, बिलासपुर आदि में लड़कियों का प्रतिशत कम है। सर्वे में यह साफ है कि भ्रूण हत्या जैसा पाप पढे़-लिखे लोग ही ज्यादा कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

सभ्य समाज में भ्रूण हत्या एक कलंक है। बेटियों के प्रति सोच बदलने की आवश्यकता है। समाज के चिंतन को बदलने की जरूरत है। सास को बहू को बेटी का दर्जा देना होगा। सभी परिवारों में यह परंपरा शुरू होगी तभी सबकी बेटी सुखी रह पाएंगी। जो लोग अनाथ आश्रमों में रहते हैं, उनका सर्वे करा लो ज्यादातर बेटे वाले हैं। बेटी मां-बाप को कभी अनाथ आश्रम नहीं जाने देती। समाज में दहेज का कारण भी पढे़-लिखे संपन्न परिवार हैं।  दहेज को प्रतिष्ठा से जोड़कर समाज में गलत संदेश दिया जाता है। दहेज समाप्त हो जाए तो बेटियों का जीवन सुखमय हो जाएगा। हमारे समाज, राष्ट्र और परिवार की शान बेटिया हैं।       
राज्यपाल ने कहा कि फल, सब्जी, दूध, अनाज से हमारे अंदर जहर जा रहा है। हरित क्रांति ने उत्पादन तो बढ़ा दिया साथ ही हमें बीमारी भी परोस दी। रासायनिक खादों और कीटनाशकों ने हमारी जमीन की उर्वरा शक्ति को नष्ट कर दिया है।

देशी गाय का मूत्र और गोबर ही हमारी खेती को बचा सकते हैं। न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक मान चुके हैं कि भारतीय नस्ल की गाय का दूध बीमारियों से रक्षा करता है और अन्य देशों की गाय का दूध बीमारी को बढ़ा़ता है। गाय के गोबर से चार दिन में खाद तैयार हो जाती है, जिससे हम खेत में केंचुए ला सकते हैं। केंचुए ही किसान के मित्र हैं। 


भारत सरकार पूरे देश में जैविक खेती के लिए कार्य कर रही है। जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बलराज सिंह, डॉ भोपाल सिंह तोमर, डॉ पीके सिंह, डॉ नरेश मलिक ने विचार रखे।  डॉ जितेंद्र आर्य, इंद्रपाल सिंह, डॉ सुनील आर्य कृष्णपाल सिंह, योगेश बालियान, गुरुदत्त आर्य आदि रहे। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ अलका चौधरी, राखी भारद्वाज, राज्यश्री, नवाब सिंह, वर्षा चौधरी को सम्मानित किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed