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तीन तलाक का प्रचलन गैर इस्लामी : कल्बे जव्वाद
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 12 Nov 2016 01:13 AM IST
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कार्यक्रम को संबोधित करते मुस्लिम धर्मगुरु।
- फोटो : अमर उजाला
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मोरना में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने एक बार में तीन तलाक के प्रचलन को गैर इस्लामी बताया है तथा धर्मगुरुओं द्वारा तलाक के बारे में विस्तारपूर्वक समझाने की बात कही है। उन्होंने तीन तलाक पर हो रही राजनीति पर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा मुसलमानों के पिछड़ेपन के कारण तीन तलाक है, जिसके प्रति सरकार व मुसलमानों को गंभीर होेना पड़ेगा।
ग्राम तिस्सा में सादात अंजुमने अब्बासिया द्वारा आयोजित अशरे सानी की मजलिस में लखनऊ से आए शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने अपने खिताब में कहा कि आज अज्ञानी लोग मार्गदर्शक बन गए हैं, जिस कारण लोग पथभ्रष्ट हो रहे हैं। गुमराह होने के कारण शैतानी प्रवृत्ति उनका संचालन कर रही है, जिससे विश्व में हिंसा बढ़ रही है। हक व सत्य की आवाज उठाने वाले हमेशा ही अल्प संख्या में होते हैं और रास्ता पूछने वालों की संख्या हमेशा ही अधिक रही है।
सही मार्गदर्शन सही ज्ञान से होता है। अहिंसा को मानने वाले अक्सर हिंसा के शिकार हुए हैं और उनमें सबसे बड़ी मिसाल हुसैन और उनके परिवार की शहादत है। प्रेस वार्ता में कल्बे जव्वाद ने तलाक पर हो रही सियासत पर खेद प्रकट किया। उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर कहा कि सरकार को चाहिए कि वे नेताओं व बिचौलिओं से बात न करके सीधे जनता से बात करें। बलूचिस्तान का मसला पाकिस्तान का भीतरी मामला है।
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सरकार को बलूचियों को नैतिक समर्थन देना चाहिए। शिया और सुन्नी समाज के बीच बाहरी शक्तियों ने भ्रम की दीवार खड़ी करने के प्रयास किए हैं। कार्यक्रम का आयोजन करने वाली कमेटी के अध्यक्ष जावेद अब्बास ने सभी आगंतुकों का स्वागत कर धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अनवर अली, गय्यूर अली, अनीस अब्बास, नजर अब्बास, मुमताज चेयरमैन, जव्वाद अली, शमशुल, रईस अब्बास, फय्याज अली, मुबारिक हुसैन, जाकिर रजा, नासिर अब्बास, बाबर अली आदि उपस्थित रहे। शबी हैदर ने नोहाख्वानी की।
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ग्राम तिस्सा में सादात अंजुमने अब्बासिया द्वारा आयोजित अशरे सानी की मजलिस में लखनऊ से आए शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने अपने खिताब में कहा कि आज अज्ञानी लोग मार्गदर्शक बन गए हैं, जिस कारण लोग पथभ्रष्ट हो रहे हैं। गुमराह होने के कारण शैतानी प्रवृत्ति उनका संचालन कर रही है, जिससे विश्व में हिंसा बढ़ रही है। हक व सत्य की आवाज उठाने वाले हमेशा ही अल्प संख्या में होते हैं और रास्ता पूछने वालों की संख्या हमेशा ही अधिक रही है।
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सही मार्गदर्शन सही ज्ञान से होता है। अहिंसा को मानने वाले अक्सर हिंसा के शिकार हुए हैं और उनमें सबसे बड़ी मिसाल हुसैन और उनके परिवार की शहादत है। प्रेस वार्ता में कल्बे जव्वाद ने तलाक पर हो रही सियासत पर खेद प्रकट किया। उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर कहा कि सरकार को चाहिए कि वे नेताओं व बिचौलिओं से बात न करके सीधे जनता से बात करें। बलूचिस्तान का मसला पाकिस्तान का भीतरी मामला है।
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सरकार को बलूचियों को नैतिक समर्थन देना चाहिए। शिया और सुन्नी समाज के बीच बाहरी शक्तियों ने भ्रम की दीवार खड़ी करने के प्रयास किए हैं। कार्यक्रम का आयोजन करने वाली कमेटी के अध्यक्ष जावेद अब्बास ने सभी आगंतुकों का स्वागत कर धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अनवर अली, गय्यूर अली, अनीस अब्बास, नजर अब्बास, मुमताज चेयरमैन, जव्वाद अली, शमशुल, रईस अब्बास, फय्याज अली, मुबारिक हुसैन, जाकिर रजा, नासिर अब्बास, बाबर अली आदि उपस्थित रहे। शबी हैदर ने नोहाख्वानी की।