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Muzaffarnagar News: संशोधित जेल के हेड वार्डर निलंबित, चार कर्मचारियों की भूमिका की जांच को नामित होगी टीम
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-जेल में शाहनवाज राना से मोबाइल बरामदगी के मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ ने कार्रवाई की
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जेल में पूर्व विधायक शाहनवाज राना से मोबाइल बरामदगी के मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ ने कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही मानते हुए बैरक के हेड वार्डर रामरूप को शनिवार देर रात निलंबित कर अन्य चार कर्मचारियों की भूमिका तय करने के लिए विभागीय कार्रवाई अनुशंसित की है। कार्रवाई के लिए अब जांच टीम नामित की जाएगी। उधर, पूर्व विधायक को शुक्रवार रात मुजफ्फरनगर से चित्रकूट जेल भेज दिया गया।
धोखाधड़ी के मामले में पूर्व विधायक शाहनवाज राना पांच दिसंबर 2024 से जेल में बंद हैं, उन्हें तन्हाई बैरक में रखा गया था। 25 मार्च की रात चेकिंग के दौरान उनके पास से एक मोबाइल बरामद हुआ था। आरोप था कि उन्होंने जेलर राजेश कुमार सिंह के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें धमकी दी थी। साथ ही उनके खिलाफ नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में जेल अधिकारियों ने जांच शुरू कराई थी। जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया जिस बैरक में पूर्व विधायक बंद थे, उस बैरक के हेड वार्डर व चार अन्य कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण आने के बाद रिपोर्ट बनाकर जेल अधीक्षक ने मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को भेजी थी।
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बताया जा रहा है कि चूंकि हेड वार्डर पूर्व विधायक की तन्हाई बैरक के प्रभारी थे। प्रथम दृष्टया उनकी लापरवाही मानते हुए हेड वार्डर को शनिवार देर रात निलंबित किया गया है।
जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि उनकी रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ ने हेड वार्डर रामरूप का निलंबित कर दिया। अन्य चारों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अनुशंसित की है। अब उनकी भूमिका को लेकर जांच टीम नामित की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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इनसेट
इस मामले में जेल में हैं पूर्व विधायक शाहनवाज
मुजफ्फरनगर। सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रदुमन चौधरी ने पिछले साल नौ दिसंबर को सिविल लाइन थाने में सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर पूर्व विधायक के बेटे शाह आजम राना के अलावा कामरान राना, जिया अब्बास जैदी और तौसिफ कुरैशी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
वादी का कहना था कि जंबूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी।
कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें फर्जी कागजात मिले। न्यू यूपी उत्तरांचल टीपीटी कंपनी रामपुर चुंगी रुड़की, अयान रोड लाइंस राना चौक, हरियाणा महाराष्ट्र फ्रेट कैरियर कैथल हरियाणा, बरकत धर्मकांटा मेरठ रोड की बिल्टी फर्जी पेश की गई।
इन संस्थानों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। वेदांशु रोड कैरियर औद्योगिक क्षेत्र गाजियाबाद की बिल्टी असत्यापित पाई गई। कंपनी पर 27 करोड़ दो लाख 47 हजार 588 रुपये बकाया था, जिसे जमा नहीं कराया।
कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों से आईटीसी क्लेम किया। सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने के लिए फर्जी बिल्टियां तैयार की गई है। इस मामले में पूर्व विधायक को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। जमानत पर सुनवाई हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जेल में पूर्व विधायक शाहनवाज राना से मोबाइल बरामदगी के मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ ने कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही मानते हुए बैरक के हेड वार्डर रामरूप को शनिवार देर रात निलंबित कर अन्य चार कर्मचारियों की भूमिका तय करने के लिए विभागीय कार्रवाई अनुशंसित की है। कार्रवाई के लिए अब जांच टीम नामित की जाएगी। उधर, पूर्व विधायक को शुक्रवार रात मुजफ्फरनगर से चित्रकूट जेल भेज दिया गया।
धोखाधड़ी के मामले में पूर्व विधायक शाहनवाज राना पांच दिसंबर 2024 से जेल में बंद हैं, उन्हें तन्हाई बैरक में रखा गया था। 25 मार्च की रात चेकिंग के दौरान उनके पास से एक मोबाइल बरामद हुआ था। आरोप था कि उन्होंने जेलर राजेश कुमार सिंह के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें धमकी दी थी। साथ ही उनके खिलाफ नई मंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस मामले में जेल अधिकारियों ने जांच शुरू कराई थी। जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया जिस बैरक में पूर्व विधायक बंद थे, उस बैरक के हेड वार्डर व चार अन्य कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण आने के बाद रिपोर्ट बनाकर जेल अधीक्षक ने मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को भेजी थी।
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बताया जा रहा है कि चूंकि हेड वार्डर पूर्व विधायक की तन्हाई बैरक के प्रभारी थे। प्रथम दृष्टया उनकी लापरवाही मानते हुए हेड वार्डर को शनिवार देर रात निलंबित किया गया है।
जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि उनकी रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ ने हेड वार्डर रामरूप का निलंबित कर दिया। अन्य चारों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अनुशंसित की है। अब उनकी भूमिका को लेकर जांच टीम नामित की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
इनसेट
इस मामले में जेल में हैं पूर्व विधायक शाहनवाज
मुजफ्फरनगर। सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रदुमन चौधरी ने पिछले साल नौ दिसंबर को सिविल लाइन थाने में सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर पूर्व विधायक के बेटे शाह आजम राना के अलावा कामरान राना, जिया अब्बास जैदी और तौसिफ कुरैशी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
वादी का कहना था कि जंबूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी।
कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें फर्जी कागजात मिले। न्यू यूपी उत्तरांचल टीपीटी कंपनी रामपुर चुंगी रुड़की, अयान रोड लाइंस राना चौक, हरियाणा महाराष्ट्र फ्रेट कैरियर कैथल हरियाणा, बरकत धर्मकांटा मेरठ रोड की बिल्टी फर्जी पेश की गई।
इन संस्थानों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। वेदांशु रोड कैरियर औद्योगिक क्षेत्र गाजियाबाद की बिल्टी असत्यापित पाई गई। कंपनी पर 27 करोड़ दो लाख 47 हजार 588 रुपये बकाया था, जिसे जमा नहीं कराया।
कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों से आईटीसी क्लेम किया। सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने के लिए फर्जी बिल्टियां तैयार की गई है। इस मामले में पूर्व विधायक को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। जमानत पर सुनवाई हाईकोर्ट में विचाराधीन है।