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शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार पर वोट करेंगी बेटियां
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मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव में छात्राओं के मुद्दे शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार है। छात्राओं का कहना है कि देहात क्षेत्र तक उच्च शिक्षा का इंतजाम किया जाना जरूरी है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों को उच्च शिक्षा मिल सकेगी। रोजगारपरक शिक्षा मिलेगी, तो छात्राएं आत्मनिर्भर होंगी। लड़कियों को शत-प्रतिशत शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। नर्सरी से स्नातक तक की शिक्षा मुफ्त मिलनी चाहिए। जो भी सरकार बनें, उसकी जिम्मेदारी है कि वह बेटियों के मुद्दों को पूरा करें।
बालिका सुरक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता
रतनपुरी निवासी बीए फाइनल की छात्रा खुशी वर्मा का कहना है कि बालिका सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समाज में बालिकाएं सुरक्षित होंगी, तो तभी वे जागरूक एवं निडर होकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाएंगी। रोजगार के अवसरों का भी पूर्ण लाभ उठा सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा का अभाव है। सरकार बालिकाओं के लिए रोजगार के भी पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराए, ताकि वे समाज निर्माण में अपनी सहभागिता अदा कर सकें।
लड़कियों की शिक्षा का हो समुचित इंतजाम
मंसूरपुर निवासी बीटीसी की छात्रा अंजुल शर्मा का कहना है कि प्राणी के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। सरकार को महिलाओं की शिक्षा की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए अधिक से अधिक तकनीकी संस्थान खोले जाएं, ताकि महिला तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार कर सकें। महिला के पास रोजगार होगा, तो वह किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहेगी। उसमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह समाज में आत्म सम्मान के साथ अपना जीवन निर्वहन कर सकेगी। सरकार महिलाओं के लिए समाज में सुरक्षित माहौल बनाएं, ताकि महिलाएं निडर होकर स्कूल कॉलेज तथा अपने कार्यस्थल पर सुरक्षा की भावना के साथ जा सके।
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निजी स्कूलों में भी छात्राओं को मिले मुफ्त शिक्षा
शाहपुर कस्बा निवासी बीएससी की छात्रा इशिका सैनी का कहना है कि सरकार बालिकाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार परक शिक्षा दिलाने के लिए ठोस योजना बनाएं। जिससे वह आत्मनिर्भर बन सके। सरकार बालिकाओं को स्कूल कॉलेज आदि स्थानों पर आने जाने के लिए उनकी सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम करें। निजी स्कूलों में भी उच्च शिक्षा की व्यवस्था नि:शुल्क होनी चाहिए।
छात्राओं की सुरक्षा होनी चाहिए प्राथमिकता
पुरकाजी निवासी बीकॉम की छात्रा निदा कौशर का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा सरकार की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। समाज में छात्राएं सुरक्षित होंगी, तो वह जागरूक और निर्भीक होकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाएंगी। वह निर्भीक होकर घर से बाहर कहीं क्षेत्रों में जाकर भी शिक्षा प्राप्त व नौकरी कर सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का भी अभाव है। जिस कारण वह उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च शिक्षा के साधन उपलब्ध होने चाहिए। सरकार को महिलाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराएं जाने चाहिए, ताकि वह किसी के ऊपर निर्भर ना रहें और आत्म सम्मान के साथ अपना जीवन निर्वहन कर सकें।
देहात में छात्राओं के लिए हो उच्च शिक्षा की व्यवस्था
छात्रा तनु चौधरी का कहना है कि सरकार कोई भी बनें, लेकिन छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की व्यवस्था निशुल्क होनी चाहिए। छात्राओं को भी अपने मुद्दों पर वोट करना चाहिए। शहरों से लेकर देहात तक उच्च शिक्षण संस्थान खोले जाने चाहिए। रोजगारपरक शिक्षा से ही आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और बेटियों को समाज में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सरकार की जिम्मेदारी है कि सिर्फ बातें नहीं होनी चाहिए, लड़कियों के लिए बेहतर से बेहतर कार्य होनी चाहिए।
महिलाओं को मिले नौकरी में आरक्षण
खतौली में एमए प्रथम वर्ष की छात्रा पारूल शर्मा का कहना है कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार रोजगार परक शिक्षा भी शुरू करें, बड़े स्कूल, कालेजों में छात्राओं की फीस आधी हो, जिससे माता पिता अपनी बालिकाओं को आगे बढ़ाने का काम कर सके, छात्राओं के साथ महिलाओं की सुरक्षा भी अहम मुद्दा है, इस पर भी ध्यान देना चाहिए। छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को कठोर सजा का प्रावधान हो। महिलाओं को नौकरी में अलग से आरक्षण दिया जाए।
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बालिका सुरक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता
रतनपुरी निवासी बीए फाइनल की छात्रा खुशी वर्मा का कहना है कि बालिका सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समाज में बालिकाएं सुरक्षित होंगी, तो तभी वे जागरूक एवं निडर होकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाएंगी। रोजगार के अवसरों का भी पूर्ण लाभ उठा सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा का अभाव है। सरकार बालिकाओं के लिए रोजगार के भी पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराए, ताकि वे समाज निर्माण में अपनी सहभागिता अदा कर सकें।
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लड़कियों की शिक्षा का हो समुचित इंतजाम
मंसूरपुर निवासी बीटीसी की छात्रा अंजुल शर्मा का कहना है कि प्राणी के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। सरकार को महिलाओं की शिक्षा की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए अधिक से अधिक तकनीकी संस्थान खोले जाएं, ताकि महिला तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार कर सकें। महिला के पास रोजगार होगा, तो वह किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहेगी। उसमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह समाज में आत्म सम्मान के साथ अपना जीवन निर्वहन कर सकेगी। सरकार महिलाओं के लिए समाज में सुरक्षित माहौल बनाएं, ताकि महिलाएं निडर होकर स्कूल कॉलेज तथा अपने कार्यस्थल पर सुरक्षा की भावना के साथ जा सके।
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निजी स्कूलों में भी छात्राओं को मिले मुफ्त शिक्षा
शाहपुर कस्बा निवासी बीएससी की छात्रा इशिका सैनी का कहना है कि सरकार बालिकाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार परक शिक्षा दिलाने के लिए ठोस योजना बनाएं। जिससे वह आत्मनिर्भर बन सके। सरकार बालिकाओं को स्कूल कॉलेज आदि स्थानों पर आने जाने के लिए उनकी सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम करें। निजी स्कूलों में भी उच्च शिक्षा की व्यवस्था नि:शुल्क होनी चाहिए।
छात्राओं की सुरक्षा होनी चाहिए प्राथमिकता
पुरकाजी निवासी बीकॉम की छात्रा निदा कौशर का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा सरकार की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। समाज में छात्राएं सुरक्षित होंगी, तो वह जागरूक और निर्भीक होकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाएंगी। वह निर्भीक होकर घर से बाहर कहीं क्षेत्रों में जाकर भी शिक्षा प्राप्त व नौकरी कर सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का भी अभाव है। जिस कारण वह उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च शिक्षा के साधन उपलब्ध होने चाहिए। सरकार को महिलाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराएं जाने चाहिए, ताकि वह किसी के ऊपर निर्भर ना रहें और आत्म सम्मान के साथ अपना जीवन निर्वहन कर सकें।
देहात में छात्राओं के लिए हो उच्च शिक्षा की व्यवस्था
छात्रा तनु चौधरी का कहना है कि सरकार कोई भी बनें, लेकिन छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की व्यवस्था निशुल्क होनी चाहिए। छात्राओं को भी अपने मुद्दों पर वोट करना चाहिए। शहरों से लेकर देहात तक उच्च शिक्षण संस्थान खोले जाने चाहिए। रोजगारपरक शिक्षा से ही आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और बेटियों को समाज में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सरकार की जिम्मेदारी है कि सिर्फ बातें नहीं होनी चाहिए, लड़कियों के लिए बेहतर से बेहतर कार्य होनी चाहिए।
महिलाओं को मिले नौकरी में आरक्षण
खतौली में एमए प्रथम वर्ष की छात्रा पारूल शर्मा का कहना है कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार रोजगार परक शिक्षा भी शुरू करें, बड़े स्कूल, कालेजों में छात्राओं की फीस आधी हो, जिससे माता पिता अपनी बालिकाओं को आगे बढ़ाने का काम कर सके, छात्राओं के साथ महिलाओं की सुरक्षा भी अहम मुद्दा है, इस पर भी ध्यान देना चाहिए। छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को कठोर सजा का प्रावधान हो। महिलाओं को नौकरी में अलग से आरक्षण दिया जाए।