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दरवाजा बंद कर धराशायी की जा हरी ऐतिहासिक इमारत
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छपार में स्थित ऐतिहासिक इमारत जिसे गेट बंद कर अंदर से गिराया जा रहा है
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर, छपार। गांव में स्थित तीन सौ वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत को बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के जेसीबी लगा कर तोड़ा जा रहा है। घनी आबादी के बीच में होने के कारण के कारण ग्रामीणों को जानमाल का खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान जुबैर उर्फ बबलू त्यागी ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर जांच कर आरोपी के विरुद्ध कार्यवाई की मांग की है।
कस्बे के बीच घनी आबादी में ऐतिहासिक इमारत है। जो लगभग तीन सौ वर्ष पुरानी है, अब जर्जर हालत है। सौ वर्षों से उसके मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के नई मंडी निवासी व्यक्ति ने उसे खरीद लिया है ओर पिछले तीन माह से गेट बंद कर अंदर ही अंदर तुड़ाई चल रही है।
इमारत के मालिक फिलहाल सहारनपुर में रहते है। ग्राम प्रधान का आरोप है कि जिस इमारत को क्षेत्र में गढ़ी के नाम से जाना जाता है, उसे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के तोड़ा जा रहा है। उसके चारो ओर घनी बस्ती होने के कारण लोगों की जानमाल का खतरा बना हुआ है। कई बार ग्रामीणों ने एसडीएम सदर व तहसीलदार को अवगत भी कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। ग्राम प्रधान का कहना है कि जिलाधिकारी ने जांच कराकर कार्यवाई का आश्वासन दिया है।
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कस्बे के बीच घनी आबादी में ऐतिहासिक इमारत है। जो लगभग तीन सौ वर्ष पुरानी है, अब जर्जर हालत है। सौ वर्षों से उसके मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के नई मंडी निवासी व्यक्ति ने उसे खरीद लिया है ओर पिछले तीन माह से गेट बंद कर अंदर ही अंदर तुड़ाई चल रही है।
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इमारत के मालिक फिलहाल सहारनपुर में रहते है। ग्राम प्रधान का आरोप है कि जिस इमारत को क्षेत्र में गढ़ी के नाम से जाना जाता है, उसे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के तोड़ा जा रहा है। उसके चारो ओर घनी बस्ती होने के कारण लोगों की जानमाल का खतरा बना हुआ है। कई बार ग्रामीणों ने एसडीएम सदर व तहसीलदार को अवगत भी कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। ग्राम प्रधान का कहना है कि जिलाधिकारी ने जांच कराकर कार्यवाई का आश्वासन दिया है।
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