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हाईवे कर दिया जाम
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:30 AM IST
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बुढ़ाना। लोई गांव का दलित युवक भी हरियाणा के सोनीपत की आगजनी की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को शव गांव पहुंचा। परिवार में कोहराम मच गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने शव को लोई गांव के मेरठ-करनाल हाईवे पर बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। मुकदमा दर्ज कराने और परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर साढ़े तीन घंटे बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए राजी हो गए।
थाना फुगाना क्षेत्र के गांव लोई निवासी दलित धारा का बड़ा बेटा जोगेन्द्र हरियाणा के बहालगढ़ में डेनमार्क की कंपनी डेन ब्लाक में नौकरी करता है।
उसने अपने छोटे भाई कुलदीप (22) को भी उसी कंपनी में नौकरी दिलवाई थी। कुलदीप बाइक के ब्रेक बनाने की इस कंपनी में लाइन लीडर के पद पर तैनात था। 21 फरवरी को कुलदीप बहालगढ़ से अपने गांव लोई आ रहा था।
परिजनों के मुताबिक सोनीपत के मुरथल में जाट आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे धरना प्रदर्शन एवं जाम में वह फंस गया। हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के दौरान वह भी अन्य भागने वालों के साथ मुरथल के एक होटल में घुस गया।
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होटल में आग लगा दी गई। कुलदीप भी आग की भेंट चढ़ गया। होटल में ही जलकर मौत हो गई। कुलदीप के घर न पहुंचने पर उसके भाई ने उसकी तलाश की और उसके शव को पहचान कर परिजनों को सूचना दी। मंगलवार शाम करीब तीन बजे कुलदीप का शव गांव पहुंचा। घटना से ग्रामीणों में रोष फैल गया।
ग्रामीण कुलदीप के शव को लेकर मेरठ-करनाल हाईवे की लोई नहर पुलिया पर पहुंचे और सड़क के बीचोबीच रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही सीओ फुगाना इंस्पेक्टर सिंह, सीओ बुढ़ाना एसपी शर्मा, थानाध्यक्ष फुगाना वेदप्रकाश गिरि, थानाध्यक्ष बुढ़ाना अरुण त्यागी और तहसीलदार पुलिस बल के साथ पहुंचे।
ग्रामीणों ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करने और उत्तर प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीणों ने घटना की तहरीर अधिकारियों को दी। ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि घटना दूसरे प्रदेश की है, लेकिन वे अपने स्तर से उनकी मांग को उच्चाधिकारियों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे।
ग्रामीणों को सरकार से आर्थिक सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण शांत हो गए। अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शाम साढ़े छह बजे जाम खोल दिया और गांव वापस लौट गए।
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गुस्साए ग्रामीणों ने शव को लोई गांव के मेरठ-करनाल हाईवे पर बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। मुकदमा दर्ज कराने और परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर साढ़े तीन घंटे बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए राजी हो गए।
थाना फुगाना क्षेत्र के गांव लोई निवासी दलित धारा का बड़ा बेटा जोगेन्द्र हरियाणा के बहालगढ़ में डेनमार्क की कंपनी डेन ब्लाक में नौकरी करता है।
उसने अपने छोटे भाई कुलदीप (22) को भी उसी कंपनी में नौकरी दिलवाई थी। कुलदीप बाइक के ब्रेक बनाने की इस कंपनी में लाइन लीडर के पद पर तैनात था। 21 फरवरी को कुलदीप बहालगढ़ से अपने गांव लोई आ रहा था।
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परिजनों के मुताबिक सोनीपत के मुरथल में जाट आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे धरना प्रदर्शन एवं जाम में वह फंस गया। हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के दौरान वह भी अन्य भागने वालों के साथ मुरथल के एक होटल में घुस गया।
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होटल में आग लगा दी गई। कुलदीप भी आग की भेंट चढ़ गया। होटल में ही जलकर मौत हो गई। कुलदीप के घर न पहुंचने पर उसके भाई ने उसकी तलाश की और उसके शव को पहचान कर परिजनों को सूचना दी। मंगलवार शाम करीब तीन बजे कुलदीप का शव गांव पहुंचा। घटना से ग्रामीणों में रोष फैल गया।
ग्रामीण कुलदीप के शव को लेकर मेरठ-करनाल हाईवे की लोई नहर पुलिया पर पहुंचे और सड़क के बीचोबीच रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही सीओ फुगाना इंस्पेक्टर सिंह, सीओ बुढ़ाना एसपी शर्मा, थानाध्यक्ष फुगाना वेदप्रकाश गिरि, थानाध्यक्ष बुढ़ाना अरुण त्यागी और तहसीलदार पुलिस बल के साथ पहुंचे।
ग्रामीणों ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करने और उत्तर प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीणों ने घटना की तहरीर अधिकारियों को दी। ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि घटना दूसरे प्रदेश की है, लेकिन वे अपने स्तर से उनकी मांग को उच्चाधिकारियों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे।
ग्रामीणों को सरकार से आर्थिक सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण शांत हो गए। अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शाम साढ़े छह बजे जाम खोल दिया और गांव वापस लौट गए।