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चेकिंग में पकड़ा साढ़े चार करोड़ कैश
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:37 AM IST
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वाहनों की चेकिंग।
- फोटो : अमर उजाला
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जिलेभर में चल रही पुलिस की चेकिंग मेें अलग-अलग जगहों से चार करोड़ 44 लाख 15 हजार की नगदी पुलिस ने बरामद की है। पकड़ी गई नगदी में अधिकतर कैश बैंकों, टांसपोर्टर और दिल्ली के कारोबारी का निकला। पुलिस ने पकड़ी गई रकम को सीज कर दिया। आयकर विभाग की टीमें मामले की जांच में जुट गई हैं। कप्तान के निर्देश पर पुलिस ने बैंक की चार करोड़ 15 लाख की नगदी वापस कर दी है।
चुनाव आयोग के आदेश पर जनपद पुलिस हाईवे और अन्य मार्गों पर दिन-रात चेकिंग में जुटी है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने खतौली, शहर और जानसठ से करोड़ों की नगदी पकड़ी। खतौली इंस्पेक्टर केपी सिंह टीम के साथ सुबह वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। भंगेला पुलिस चौकी के सामने सुबह करीब नौ बजे दिल्ली के महारानी बाग निवासी फैक्ट्री मालिक पंकज मोरारका पुत्र ब्रजमोहन मोरारका फॉरच्यूनर कार से दो लाख की नगदी बरामद की।
पंकज के अनुसार वह रकम को रुड़की स्थित पंखे की फैक्ट्री में लेकर जा रहा था। शाम को पुलिस ने मेरठ की ओर से आ रही एसआईएस कंपनी के नाम की बैंक वैन को रोक लिया। वैन को देवबंद के रणखंडी निवासी चालक अक्षय कुमार चला रहा था। पुलिस ने वैन की तलाशी ली तो उसके भीतर 2000 और 500 के नोटों की 25 लाख की नगदी रखी थी। वैन में बैठे मंसूरपुर यूनियन बैंक के हेड कैशियर विक्रम सिंह ने शाखा प्रबंधक द्वारा मेरठ कैंट से कैश लाने के लिए उनका अथॉरिटी लैटर पुलिस को दिखाया। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पत्र में कितनी रकम लानी थी, उसका कहीं जिक्र नहीं किया गया है।
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कागजात पूरे नहीं होने पर पुलिस ने 25 लाख रुपये की रकम अपने कब्जे में ले ली। थोड़ी ही देर बाद मेरठ की ओर से आ रही इनोवा कार को पुलिस ने रोक लिया। कार में जिला सहारनपुर के लाखनौर की ओबीसी बैंक के शाखा प्रबंधक रतिराम गौतम अपने स्टॉफ एवं बैंक गार्ड के साथ मेरठ से कैश लेकर सहारनपुर जा रहे थे।
पूछताछ करने पर शाखा प्रबंधक ने बताया कि उनकी कार में बैंक के तीन करोड़ 90 लाख रुपये कैश मौजूद है। कैश को वह मेरठ से लेकर आ रहे हैं। पुलिस का कहना था कि आचार संहिता के दौरान इतनी बड़ी रकम को सिक्योरिटी गाड़ी में ले जाने के बजाए, प्राइवेट गाड़ी में नहीं ले जाया जा सकता।
मौके पर पहुंचे सीओ हरिराम यादव ने भी पुलिस टीम से कैश के बारे में जानकारी ली। चेकिंग के दौरान पुलिस बल के साथ स्टेटिक टीम के अधिकारी भी मौजूद रहे। सीओ ने इस संबंध में एसएसपी बबलू कुमार को भी अवगत कराया। एसएसपी ने मौके पर जाकर मामले की जानकारी ली और बैंककर्मियों से पकड़ी गई चार करोड़ 15 लाख की रकम को वापस कर दिया।
उधर, शहर कोतवाली पुलिस ने दिन में वहलना चौक पर चेकिंग के दौरान बैंक का कैश ले जा रही गाड़ी को पकड़ लिया। गाड़ी के भीतर 24 लाख की नगदी थी। वैन में मौजूद स्टाफ पकड़ी गई रकम के कागजात नहीं दिखा सका और ना ही कोई संतुष्टि भरा जवाब दे सके। उनके पास छह लाख का बिना डेट वाला चेक था।
कोतवाल पीपी सिंह ने इनकम टैक्स विभाग की टीम को बुलाकर रकम को सीज करा दिया। उधर, जानसठ में कोतवाल अमरदीप सिंह ने पानीपत-खटीमा मार्ग पर चेकिंग के दौरान मुजफ्फरनगर की ओर से जा रही फॉरच्यूनर कार से तीन लाख 15 हजार की नगदी बरामद की। कार को शहर का प्रमुख ट्रांसपोर्टर और सपा नेता का पुत्र चला रहा था। पीड़ित ने बताया कि पकड़ी गई रकम को ट्रकों में डलवाए गए डीजल का भुगतान कराने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने रकम को सीज कर दो युवकों को हिरासत में लिया है।
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चुनाव आयोग के आदेश पर जनपद पुलिस हाईवे और अन्य मार्गों पर दिन-रात चेकिंग में जुटी है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने खतौली, शहर और जानसठ से करोड़ों की नगदी पकड़ी। खतौली इंस्पेक्टर केपी सिंह टीम के साथ सुबह वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। भंगेला पुलिस चौकी के सामने सुबह करीब नौ बजे दिल्ली के महारानी बाग निवासी फैक्ट्री मालिक पंकज मोरारका पुत्र ब्रजमोहन मोरारका फॉरच्यूनर कार से दो लाख की नगदी बरामद की।
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पंकज के अनुसार वह रकम को रुड़की स्थित पंखे की फैक्ट्री में लेकर जा रहा था। शाम को पुलिस ने मेरठ की ओर से आ रही एसआईएस कंपनी के नाम की बैंक वैन को रोक लिया। वैन को देवबंद के रणखंडी निवासी चालक अक्षय कुमार चला रहा था। पुलिस ने वैन की तलाशी ली तो उसके भीतर 2000 और 500 के नोटों की 25 लाख की नगदी रखी थी। वैन में बैठे मंसूरपुर यूनियन बैंक के हेड कैशियर विक्रम सिंह ने शाखा प्रबंधक द्वारा मेरठ कैंट से कैश लाने के लिए उनका अथॉरिटी लैटर पुलिस को दिखाया। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पत्र में कितनी रकम लानी थी, उसका कहीं जिक्र नहीं किया गया है।
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कागजात पूरे नहीं होने पर पुलिस ने 25 लाख रुपये की रकम अपने कब्जे में ले ली। थोड़ी ही देर बाद मेरठ की ओर से आ रही इनोवा कार को पुलिस ने रोक लिया। कार में जिला सहारनपुर के लाखनौर की ओबीसी बैंक के शाखा प्रबंधक रतिराम गौतम अपने स्टॉफ एवं बैंक गार्ड के साथ मेरठ से कैश लेकर सहारनपुर जा रहे थे।
पूछताछ करने पर शाखा प्रबंधक ने बताया कि उनकी कार में बैंक के तीन करोड़ 90 लाख रुपये कैश मौजूद है। कैश को वह मेरठ से लेकर आ रहे हैं। पुलिस का कहना था कि आचार संहिता के दौरान इतनी बड़ी रकम को सिक्योरिटी गाड़ी में ले जाने के बजाए, प्राइवेट गाड़ी में नहीं ले जाया जा सकता।
मौके पर पहुंचे सीओ हरिराम यादव ने भी पुलिस टीम से कैश के बारे में जानकारी ली। चेकिंग के दौरान पुलिस बल के साथ स्टेटिक टीम के अधिकारी भी मौजूद रहे। सीओ ने इस संबंध में एसएसपी बबलू कुमार को भी अवगत कराया। एसएसपी ने मौके पर जाकर मामले की जानकारी ली और बैंककर्मियों से पकड़ी गई चार करोड़ 15 लाख की रकम को वापस कर दिया।
उधर, शहर कोतवाली पुलिस ने दिन में वहलना चौक पर चेकिंग के दौरान बैंक का कैश ले जा रही गाड़ी को पकड़ लिया। गाड़ी के भीतर 24 लाख की नगदी थी। वैन में मौजूद स्टाफ पकड़ी गई रकम के कागजात नहीं दिखा सका और ना ही कोई संतुष्टि भरा जवाब दे सके। उनके पास छह लाख का बिना डेट वाला चेक था।
कोतवाल पीपी सिंह ने इनकम टैक्स विभाग की टीम को बुलाकर रकम को सीज करा दिया। उधर, जानसठ में कोतवाल अमरदीप सिंह ने पानीपत-खटीमा मार्ग पर चेकिंग के दौरान मुजफ्फरनगर की ओर से जा रही फॉरच्यूनर कार से तीन लाख 15 हजार की नगदी बरामद की। कार को शहर का प्रमुख ट्रांसपोर्टर और सपा नेता का पुत्र चला रहा था। पीड़ित ने बताया कि पकड़ी गई रकम को ट्रकों में डलवाए गए डीजल का भुगतान कराने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने रकम को सीज कर दो युवकों को हिरासत में लिया है।