फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Had there been arrangements in the district, Maha and Sameer would have survived.

जिले में इंतजाम होते तो बच जाते महा और समीर

Thu, 17 Feb 2022 11:41 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 11:41 PM IST
विज्ञापन
Had there been arrangements in the district, Maha and Sameer would have survived.
मुजफ्फरनगर : हादसे में घायल युवक का जिला चिकित्सालय में इलाज करते चिकित्सक। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। हादसे में दो मासूम बच्चों की मौत की वजह स्वास्थ्य विभाग की बदइंतजामी भी है। खतौली में ट्रामा सेंटर पर स्टाफ नहीं है। यही वजह है कि सिर में गंभीर चोट लगने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे घायलों को रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद उपचार मिलने तक काफी समय बर्बाद हो गया, जिससे दो बच्चों की मौत हो गई और घायल निजी अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
विज्ञापन

स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में ट्रामा सेंटर शुरू कराने के लिए सिर्फ बातें हुई हैं। खतौली में ट्रामा सेंटर का भवन बनाया गया, यहां सुविधा देने की बात होती रही, लेकिन इंतजाम नहीं किए गए। न्यूरो सर्जन और एनीथीसिया की तैनाती नहीं हुई। आईसीयू की सुविधा नहीं है। यही वजह है कि हादसों के बाद सिर में गंभीर चोट के मरीज जिला अस्पताल लाए जाते हैं और यहां से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिए जाते हैं। यही बृहस्पतिवार सुबह हुआ।
विज्ञापन

बुढ़ाना मोड़ के निकट हादसा हुआ तो घायल छह लोगों को जिला अस्पताल लाया गया। सिर में गंभीर चोट थी, जिसकी वजह से घायलों को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के पास न तो ट्रामा सेंटर है और न हीं न्यूरोलॉजिस्ट। इसी वजह से बच्चों को रेफर कर दिया गया। हादसे से उपचार मिलने तक करीब दो घंटे निकल गए, जिस कारण दो बच्चों की जान चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगर जिला मुख्यालय पर ही उपचार मिल जाता तो जान बच सकती थी। यही नहीं घायलों को भी महंगे इलाज के लिए निजी अस्पतालों में चक्कर नहीं काटने पड़ते। प्रभारी सीएमएस डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि सुविधा नहीं होने के कारण घायलों को रेफर करना पड़ा था।
हादसे की जानकारी मिलते ही तैनात की मेडिकल टीम
बुढ़ाना मोड़ के पास स्कूली दो बसों में टक्कर होने की सूचना चंद मिनटों में पूरे शहर व आसपास क्षेत्र में फैल गई थी। सोशल मीडिया पर हादसे के फोटो भेजे जाने लगे थे। इस सूचना के मिलते ही आनन फानन में ही जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर तैनात कर दिए गए। ईएमओ डॉ. मशकूर आलम, डॉ. योगेंद्र त्रिखा, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. पीके चतुर्वेदी, डॉ. चारू व अन्य स्टाफ पहुंच गया था। उन्होंने घायलों के पहुंचते ही उन्हें उपचार दिया।

सुविधा बढ़ाने का प्रयास : सीएमओ
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि खतौली स्थित ट्रामा सेंटर में सुविधा बढ़ाने का प्रयास है। अधिकारियों को पत्र लिखे गए हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और अन्य स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed