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गूगल बताएगा ईंट भट्ठों का रास्ता, ईंट पथाई में अब मिलानी होगी थर्मल की राख 

Sat, 06 Jan 2018 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sat, 06 Jan 2018 12:00 AM IST
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Google will tell brick kilns route
ईंट भट्ठा। - फोटो : अमर उजाला
जनपद और शामली के ईंट भट्ठों का हाल अब गूगल बाबा बताएंगे। भट्ठा मालिक को भट्ठे पर खड़े होकर उसकी लोकेशन गूगल पर सुरक्षित करनी होगी। जिसका एक प्रिंट विभाग में अपने कागजातों के साथ लगाना पड़ेगा, ताकि जांच-सर्वे के दौरान विभाग ऑनलाइन भट्ठे की स्थिति का पता लगा सके। इसके अलावा भी ईंट पथाई करने के नियमों में बदलाव किया गया है। 
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) एनसीआर समेत आसपास जिलों में बढ़ते प्रदूषण के लिए वाहनों के साथ ईंट भट्ठों को भी जिम्मेदार माना है। इससे वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण को कम करने तथा ईंट भट्ठों की जांच-पड़ताल के लिए नए सिरे से आदेश दिए गए हैं।
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अभी तक क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सामने निरीक्षण में रास्तों के साथ लोकेशन की समस्या आती थी, क्योंकि अधिकांश ईंट भट्ठे जंगलों की तरफ बने हैं। इनकी जांच सही नहीं हो पाती थी। अब ऐसा नहीं रहेगा। ईंट भट्ठों का अता-पता गूगल से लिया जाएगा।
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इसके लिए भट्ठा स्वामी को अपने कार्य स्थान से इंटरनेट की मदद से अक्षांक एवं देशांतर (लेटीट्यूड एवं लांगीट्यूड) को सुरक्षित रखना होगा। ऐसा करते ही ईंट भट्ठा गूगल पर सेव हो जाएगा। 

इसका गूगल से एक स्क्रीन शॉट या इमेज लेकर स्वामी अपने डॉक्यूमेंट के साथ विभाग में जमा कराएगा। इसकी मदद से पलभर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी तत्काल जांच-पड़ताल कर सकेंगे। भट्ठे की लोकेशन के साथ अफसर अपने वाहन से वहां पहुंच सकते हैं।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डॉ डीसी पांडेय ने बताया कि ईंट भट्ठों पर ऑनलाइन लोकेशन देखकर जांच की जाएगी। अब भट्ठा स्वामी को ईंट पथाई में 25 प्रतिशत थर्मल पॉवर की राख फ्लाई एस मिलाना अनिवार्य है। इसका निरीक्षण कर जांच की जाएगी। 

ईंट में मिलेगा 25 प्रतिशत फ्लाई-एस 
ईंट भट्ठों पर तैयार होने वाली ईंट अब केवल मिट्टी की नहीं होगी। इसमें बिजली बनाने वाले ब्यॉलर की थर्मल राख को मिलाया जाएगा। यह पथाई में वजन के हिसाब से मिलाई जाएगी। भट्ठा स्वामी को 25 प्रतिशत फ्लाई-एस यानि थर्मल की राख मिलाकर पथाई कराएंगे। यह ऐसे होगा, यदि पांच किलो मिट्टी तैयार की गई है तो उसे में एक किलो 25 ग्राम थर्मल राख को मिलाना जरूरी होगा। 


जनपद और शामली में 487 भट्ठे 
यह नियम जनपद और शामली में लगाए गए हैं। जनपद में 333 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। जबकि 154 ईंट भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं। जिन पर विभाग यह नियम लागू कराने के लिए बोर्ड अधिकारी जांच करेंगे।
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