{"_id":"63c583e3a36f8b7fa57dc2e9","slug":"give-religious-education-a-place-in-education-muzaffarnagar-news-c-14-1-81150-2023-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: दीनी तालीम को भी शिक्षा में स्थान दें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: दीनी तालीम को भी शिक्षा में स्थान दें
Mon, 16 Jan 2023 10:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 16 Jan 2023 10:35 PM IST
विज्ञापन
बुढ़ाना में जमीयत उलमा-ए-हिंद के इजलास में मौजूद मौलाना।
- मदरसों की समाज के उत्थान में अहम भूमिका है
फोटो...
संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। मदरसा शाही दारूल कुरआन के इजलास में मौलाना ने कहा कि दीनी तालीम को भी हमें शिक्षा में स्थान देना चाहिए। समाज के उत्थान में मदरसों की भूमिका को अहम बताया।
कस्बे के लुहसाना रोड पर जमीयत कॉलोनी में मदरसा शाही दारुल कुरआन के इजलास का आयोजन हुआ। सोमवार को मौलाना इमरान हुसैनपुरी के संरक्षण व जमीयत उलमा के नगर अध्यक्ष हाफिज शेरदीन की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान इजलास में सभी मौलाना ने कहा कि अभिभावक बच्चों की दीनी तालीम को भी शिक्षा में स्थान दे। शिक्षा महत्त्वपूर्ण है, जिसका कोई मोल नहीं है। उन्होंने कहा कि मदरसों की समाज के उत्थान में अहम भूमिका होती है। मदरसे से पढ़ने वाले देश के सबसे पहले शिक्षा मंत्री बने थे।
कहा कि मदरसों के पढ़ने-पढ़ाने वाले उलमा ने देश की आजादी में भी भाग लिया और जेल भी काटी। इजलास में मौलाना इमरान, मुफ्ती अब्दुल कादिर कासमी, हाफिज अल्लाह मेहर, मौलाना शोएब ने विचार व्यक्त किए। संचालन मौहम्मद आसिफ कुरैशी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो...
संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। मदरसा शाही दारूल कुरआन के इजलास में मौलाना ने कहा कि दीनी तालीम को भी हमें शिक्षा में स्थान देना चाहिए। समाज के उत्थान में मदरसों की भूमिका को अहम बताया।
कस्बे के लुहसाना रोड पर जमीयत कॉलोनी में मदरसा शाही दारुल कुरआन के इजलास का आयोजन हुआ। सोमवार को मौलाना इमरान हुसैनपुरी के संरक्षण व जमीयत उलमा के नगर अध्यक्ष हाफिज शेरदीन की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान इजलास में सभी मौलाना ने कहा कि अभिभावक बच्चों की दीनी तालीम को भी शिक्षा में स्थान दे। शिक्षा महत्त्वपूर्ण है, जिसका कोई मोल नहीं है। उन्होंने कहा कि मदरसों की समाज के उत्थान में अहम भूमिका होती है। मदरसे से पढ़ने वाले देश के सबसे पहले शिक्षा मंत्री बने थे।
विज्ञापन
कहा कि मदरसों के पढ़ने-पढ़ाने वाले उलमा ने देश की आजादी में भी भाग लिया और जेल भी काटी। इजलास में मौलाना इमरान, मुफ्ती अब्दुल कादिर कासमी, हाफिज अल्लाह मेहर, मौलाना शोएब ने विचार व्यक्त किए। संचालन मौहम्मद आसिफ कुरैशी ने किया।
विज्ञापन