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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - 16 घंटे तक दो वोटरों का इंतजार करते रहे चार कर्मचारी
Wed, 10 Apr 2024 03:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 10 Apr 2024 03:58 AM IST
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कलेक्ट्रेट में पोस्टल वोटिंग सेंटर पर मतदान के बाद स्याही का निशान दिखाता अग्निशमनकर्मी। संवाद
- डीएम न्यायालय में लगाया गया पोस्टल वोटिंग सेंटर, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने डाला वोट
- एक मतदाता सुबह 11 बजे और दूसरा मतदाता शाम को सवा चार बजे पहुंचा
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आवश्यक सेवा से जुड़े दो मतदाताओं का वोट डलवाने के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को 16 घंटे इंतजार करना पड़ा। पहले दिन वोट डालने के लिए कोई नहीं पहुंचा। दूसरे दिन एक मतदाता सुबह 11 बजे और दूसरा मतदाता शाम को सवा चार बजे पहुंचा। चार मतदाताओं ने आवेदन किया था, जिसमें दो वोट निरस्त हो गए। इनके लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी।
चुनाव आयोग ने इस बार प्रत्येक श्रेणी के लोगों के मतदान के लिए अलग-अलग व्यवस्था की है। जिले के 85 से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर पर ही वोट डालने की सुविधा दी गई। जिन बुजुर्गों और दिव्यांगों ने 24 मार्च तक आवेदन किया था उनका छह से आठ अप्रैल के बीच घर-घर जाकर वोट डलवा गया। इसी के साथ आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के वोट के लिए डीएम न्यायालय में पोस्टल वोटिंग सेंटर बनाया गया। जिले में आवश्यक सेवाओं से जुड़े फायर ब्रिगेड के चार मतदाताओं ने वोट डालने के लिए आवेदन किया था। वोट डालने के लिए आठ से लेकर दस अप्रैल तक की तिथि तय की गई। इन चार वोटरों में से दो के वोट निरस्त हो गए।
मतदाता सूची और आधार कार्ड का पता अलग होने के कारण दोनों वोट नहीं डाल सके। मतदान के पहले दिन आठ अप्रैल को कोई वोट नहीं डला और नौ अप्रैल को दूसरे दिन सुबह 11 बजे पहला वोटर नरेंद्र कुमार वोट डालने पहुंचा। दूसरा वोटर इंद्रवीर शाम को सवा चार बजे वोट डालने पहुंचा।
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डीएम कोर्ट में मतदाताओं के लिए बनाये गये पीवीसी सेंटर में तैनात पीओ-1 राजेश कुमार सहायक रजिस्ट्री अधिकारी द्वितीय तहसील सदर की देखरेख में मतदान की व्यवस्था रही। उनके साथ दो कर्मचारी और एक विडियोग्राफर भी मौजूद रहा। दो वोट डलवाने के लिए चार कर्मचारियों को आठ घंटे पहले दिन और आठ घंटे दूसरे दिन इंतजार करना पड़ा। मतदान का समय सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक रखा गया। आवश्यक सेवा के जिन चार वोटर ने पोस्टल बैलेट से वोट डालने के लिए आवेदन किया, इनमें सभी फायर ब्रिगेड के कर्मचारी हैं। इंद्रवीर और नरेंद्र कुमार ने वोट डाल दिया है। रामकुमार और कैशर अब्बास का वोट रिजेक्ट हो गया है। इनका वोटर लिस्ट का पता और पहचान पत्र मैच नहीं कर रहे थे।
तीसरा दिन भी तय था : सिंह
जिला उप निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों के वोट डलवाने की अलग से व्यवस्था की गई थी। हमारे यहां चार ने आवेदन किया दो वोट रिजेक्ट हो गए। दो ने दूसरे दिन वोट डाला। दूसरे दिन वोट न डालते तो तीसरा दिन रिजर्व रखा गया था।
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- एक मतदाता सुबह 11 बजे और दूसरा मतदाता शाम को सवा चार बजे पहुंचा
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आवश्यक सेवा से जुड़े दो मतदाताओं का वोट डलवाने के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को 16 घंटे इंतजार करना पड़ा। पहले दिन वोट डालने के लिए कोई नहीं पहुंचा। दूसरे दिन एक मतदाता सुबह 11 बजे और दूसरा मतदाता शाम को सवा चार बजे पहुंचा। चार मतदाताओं ने आवेदन किया था, जिसमें दो वोट निरस्त हो गए। इनके लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी।
चुनाव आयोग ने इस बार प्रत्येक श्रेणी के लोगों के मतदान के लिए अलग-अलग व्यवस्था की है। जिले के 85 से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर पर ही वोट डालने की सुविधा दी गई। जिन बुजुर्गों और दिव्यांगों ने 24 मार्च तक आवेदन किया था उनका छह से आठ अप्रैल के बीच घर-घर जाकर वोट डलवा गया। इसी के साथ आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के वोट के लिए डीएम न्यायालय में पोस्टल वोटिंग सेंटर बनाया गया। जिले में आवश्यक सेवाओं से जुड़े फायर ब्रिगेड के चार मतदाताओं ने वोट डालने के लिए आवेदन किया था। वोट डालने के लिए आठ से लेकर दस अप्रैल तक की तिथि तय की गई। इन चार वोटरों में से दो के वोट निरस्त हो गए।
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मतदाता सूची और आधार कार्ड का पता अलग होने के कारण दोनों वोट नहीं डाल सके। मतदान के पहले दिन आठ अप्रैल को कोई वोट नहीं डला और नौ अप्रैल को दूसरे दिन सुबह 11 बजे पहला वोटर नरेंद्र कुमार वोट डालने पहुंचा। दूसरा वोटर इंद्रवीर शाम को सवा चार बजे वोट डालने पहुंचा।
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डीएम कोर्ट में मतदाताओं के लिए बनाये गये पीवीसी सेंटर में तैनात पीओ-1 राजेश कुमार सहायक रजिस्ट्री अधिकारी द्वितीय तहसील सदर की देखरेख में मतदान की व्यवस्था रही। उनके साथ दो कर्मचारी और एक विडियोग्राफर भी मौजूद रहा। दो वोट डलवाने के लिए चार कर्मचारियों को आठ घंटे पहले दिन और आठ घंटे दूसरे दिन इंतजार करना पड़ा। मतदान का समय सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक रखा गया। आवश्यक सेवा के जिन चार वोटर ने पोस्टल बैलेट से वोट डालने के लिए आवेदन किया, इनमें सभी फायर ब्रिगेड के कर्मचारी हैं। इंद्रवीर और नरेंद्र कुमार ने वोट डाल दिया है। रामकुमार और कैशर अब्बास का वोट रिजेक्ट हो गया है। इनका वोटर लिस्ट का पता और पहचान पत्र मैच नहीं कर रहे थे।
तीसरा दिन भी तय था : सिंह
जिला उप निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों के वोट डलवाने की अलग से व्यवस्था की गई थी। हमारे यहां चार ने आवेदन किया दो वोट रिजेक्ट हो गए। दो ने दूसरे दिन वोट डाला। दूसरे दिन वोट न डालते तो तीसरा दिन रिजर्व रखा गया था।