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हिंसा में चार सभासद भी फंसे
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हिंसा में चार सभासद भी फंसे
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा में नगरपालिका के दो सभासद व दो सभासद के पति भी फंस गए हैं। हिंसा के मुकदमों में नामजद होने के बाद नगरपालिका के सभासदों ने जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में डीएम-एसएसपी के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बुधवार को जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में नगरपालिका बोर्ड के सभासदों ने डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव को बताया कि शुक्रवार को हुई हिंसा में पुलिस की ओर से दो सभासद व दो सभासद पति भी नामजद कर दिए गए हैं। इनमें सभासद आबिद व दिलशाद उर्फ मुन्ना और सभासद पति राहत व वाजिद शामिल हैं। सभासदों ने दावा किया कि हिंसा में नामजद किए गए सभी चारों लोग पुलिस-प्रशासन का सहयोग करते हुए भीड़ को शांत करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए इन्हें भी उपद्रवियों के साथ ही मुकदमों में नामजद कर दिया है। सभासदों ने डीएम-एसएसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमों में वांछित सभासद व सभासद पति को राहत दिए जाने की मांग की। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि मुकदमे में नामजद या हिरासत में लिए गए किसी भी व्यक्ति को पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही जेल भेजा जाएगा। वीडियो व सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने के बाद ही संबंधित व्यक्ति को जेल भेजा जा रहा है। किसी भी बेकसूर को जेल नहीं भेजा जाएगा, चाहे वह सभासद हो या आम नागरिक।
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मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा में नगरपालिका के दो सभासद व दो सभासद के पति भी फंस गए हैं। हिंसा के मुकदमों में नामजद होने के बाद नगरपालिका के सभासदों ने जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में डीएम-एसएसपी के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बुधवार को जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में नगरपालिका बोर्ड के सभासदों ने डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव को बताया कि शुक्रवार को हुई हिंसा में पुलिस की ओर से दो सभासद व दो सभासद पति भी नामजद कर दिए गए हैं। इनमें सभासद आबिद व दिलशाद उर्फ मुन्ना और सभासद पति राहत व वाजिद शामिल हैं। सभासदों ने दावा किया कि हिंसा में नामजद किए गए सभी चारों लोग पुलिस-प्रशासन का सहयोग करते हुए भीड़ को शांत करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए इन्हें भी उपद्रवियों के साथ ही मुकदमों में नामजद कर दिया है। सभासदों ने डीएम-एसएसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमों में वांछित सभासद व सभासद पति को राहत दिए जाने की मांग की। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि मुकदमे में नामजद या हिरासत में लिए गए किसी भी व्यक्ति को पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही जेल भेजा जाएगा। वीडियो व सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने के बाद ही संबंधित व्यक्ति को जेल भेजा जा रहा है। किसी भी बेकसूर को जेल नहीं भेजा जाएगा, चाहे वह सभासद हो या आम नागरिक।
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