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दंगे के मुकदमे में पूर्व सांसद व विधायक कोर्ट में नहीं हुए पेश
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दंगे के मुकदमे में पूर्व सांसद व विधायक कोर्ट में नहीं हुए पेश
मुजफ्फरनगर। कवाल कांड के बाद शहर में खालापार के मीनाक्षी चौक पर सभा करने के मामले में पूर्व सांसद एवं विधायक कोर्ट में पेश नहीं हुए, जबकि चार अन्य आरोपी पेश हुए। अदालत ने सभी को अगली तारीख को पेश होने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में आरोप तय करने के लिए 10 जनवरी की तारीख लगाई है।
छह वर्ष पहले जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में हुए बहुचर्चित कवाल कांड के बाद 30 अगस्त 2013 को मुस्लिम समाज के लोगों ने शहर के खालापार स्थित मीनाक्षी चौक पर प्रशासन की पाबंदी के बाद भी बड़ी सभा की थी। तत्कालीन एसएसपी और डीएम को ज्ञापन भी दिया था। इसके विरोध में हिंदू संगठनों ने पहले 31 अगस्त को और बाद में 7 सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ में पंचायत की थी। इस पंचायत के खत्म होते-होते जिले में दंगा भड़क गया था। दंगा होने पर पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज कराए। इसमें मीनाक्षी चौक पर सभा में शामिल हुए तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, विधायक नूरसलीम राना, विधायक मौलाना जमील अहमद, पूर्व सांसद सईदुज्जमां, उनके बेटे सलमान सईद समेत दस लोग नामजद किए गए थे। अब ये मुकदमे एडीजे-चार की कोर्ट में चल रहे हैं।
बृहस्पतिवार को इस मुकदमे में आरोपियों पर आरोप तय किया जाना था। कोर्ट में असद जमा, अहसान कुरैशी, सुल्तान मुशीर, मुसर्रफ कुरैशी ही पेश हुए, जबकि पूर्व सांसद कादिर राना, सईदुज्ज्मां, पूर्व विधायक मौलाना जमील अहमद, नूरसलीम राना और नौशाद कुरैशी की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने अदालत में हाजरी माफी की अर्जी दाखिल की। अदालत ने अब इस मुकदमे में आरोप तय करने को 10 जनवरी की तारीख लगाई है।
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मुजफ्फरनगर। कवाल कांड के बाद शहर में खालापार के मीनाक्षी चौक पर सभा करने के मामले में पूर्व सांसद एवं विधायक कोर्ट में पेश नहीं हुए, जबकि चार अन्य आरोपी पेश हुए। अदालत ने सभी को अगली तारीख को पेश होने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में आरोप तय करने के लिए 10 जनवरी की तारीख लगाई है।
छह वर्ष पहले जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में हुए बहुचर्चित कवाल कांड के बाद 30 अगस्त 2013 को मुस्लिम समाज के लोगों ने शहर के खालापार स्थित मीनाक्षी चौक पर प्रशासन की पाबंदी के बाद भी बड़ी सभा की थी। तत्कालीन एसएसपी और डीएम को ज्ञापन भी दिया था। इसके विरोध में हिंदू संगठनों ने पहले 31 अगस्त को और बाद में 7 सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ में पंचायत की थी। इस पंचायत के खत्म होते-होते जिले में दंगा भड़क गया था। दंगा होने पर पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज कराए। इसमें मीनाक्षी चौक पर सभा में शामिल हुए तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, विधायक नूरसलीम राना, विधायक मौलाना जमील अहमद, पूर्व सांसद सईदुज्जमां, उनके बेटे सलमान सईद समेत दस लोग नामजद किए गए थे। अब ये मुकदमे एडीजे-चार की कोर्ट में चल रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को इस मुकदमे में आरोपियों पर आरोप तय किया जाना था। कोर्ट में असद जमा, अहसान कुरैशी, सुल्तान मुशीर, मुसर्रफ कुरैशी ही पेश हुए, जबकि पूर्व सांसद कादिर राना, सईदुज्ज्मां, पूर्व विधायक मौलाना जमील अहमद, नूरसलीम राना और नौशाद कुरैशी की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने अदालत में हाजरी माफी की अर्जी दाखिल की। अदालत ने अब इस मुकदमे में आरोप तय करने को 10 जनवरी की तारीख लगाई है।
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