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Muzaffarnagar News: किसानों ने चकबंदी विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा, कार्यालय में दिया धरना
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किसान मजदूर संगठन और सादपुर के ग्रामीणों ने दिया धरना
भ्रष्टाचार और चकंबदी में धांधली किए जाने का आरोप लगाया
सिटी मजिस्ट्रेट ने 15 दिन में समाधान का भरोसा दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चकबंदी विभाग के खिलाफ सादपुर गांव के ग्रामीणों ने हंगामा किया। किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी भी पहुंचे। विभाग के कार्यालय में ही किसान धरने पर बैठ गए। अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और चकंबदी में धांधली किए जाने का आरोप लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने 15 दिन में समाधान का भरोसा दिया।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में गांव सादपुर के ग्रामीण पहुंचे और चकबंदी विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष दीपक सोम के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने चकबंदी कोर्ट के बाहर ही धरना शुरु कर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि नसीरपुर, लखान, दूधली, पीपलशाह, बिराल समेत अन्य गांवों में चकबंदी का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि किसी भी किसान को उसकी जमीन पूरी नहीं दी जा रही है।
बताया कि किसानों के चक बदल दिए गए हैं। पानी की निकासी नहीं दी जा रही है, ना ही गांव से बाइर्पास निकाला जा रहा है। इससे गांव के लोग परेशान है। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने धरने में पहुंचकर 15 दिन में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस मौके पर बबली शर्मा, प्रशांत राणा, मदन सिंह, जिले सिंह, मास्टर योगेश, पृथ्वी सिंह, राजेंद्र सिंह मौजूद रहें।
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कब्जामुक्त नहीं कराई गई सार्वजनिक भूमि
गांव सादपुर के लोगों ने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया। कहा कि ग्रामीणों के सार्वजनिक उपयोग की भूमी कागज और नक्शे में तो अंकित की गई, लेकिन उन्हें कब्जामुक्त नहीं कराया गया। ग्राम समाज को भी नहीं सौंपी गई। उन्होंने मांग रखी कि बंदोबस्त अधिकारी के कार्य की जांच होनी चाहिए। अनुसूचित बस्ती का रकबा पूरा पांच हजार वर्ग मीटर आरक्षित किया जाए और ग्राम समाज को सौंपा जाए। इसके अलावा अन्य मांगें भी उठाई गई। इस मौके पर मांगेराम, सलेंद्र, गंगादास, सुशील कुमार, ऊषा, मांगी, रमा, चतरमोहन, भूषण आदि मौजूद रहें।
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भ्रष्टाचार और चकंबदी में धांधली किए जाने का आरोप लगाया
सिटी मजिस्ट्रेट ने 15 दिन में समाधान का भरोसा दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चकबंदी विभाग के खिलाफ सादपुर गांव के ग्रामीणों ने हंगामा किया। किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी भी पहुंचे। विभाग के कार्यालय में ही किसान धरने पर बैठ गए। अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और चकंबदी में धांधली किए जाने का आरोप लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने 15 दिन में समाधान का भरोसा दिया।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में गांव सादपुर के ग्रामीण पहुंचे और चकबंदी विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष दीपक सोम के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने चकबंदी कोर्ट के बाहर ही धरना शुरु कर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि नसीरपुर, लखान, दूधली, पीपलशाह, बिराल समेत अन्य गांवों में चकबंदी का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि किसी भी किसान को उसकी जमीन पूरी नहीं दी जा रही है।
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बताया कि किसानों के चक बदल दिए गए हैं। पानी की निकासी नहीं दी जा रही है, ना ही गांव से बाइर्पास निकाला जा रहा है। इससे गांव के लोग परेशान है। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने धरने में पहुंचकर 15 दिन में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस मौके पर बबली शर्मा, प्रशांत राणा, मदन सिंह, जिले सिंह, मास्टर योगेश, पृथ्वी सिंह, राजेंद्र सिंह मौजूद रहें।
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कब्जामुक्त नहीं कराई गई सार्वजनिक भूमि
गांव सादपुर के लोगों ने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया। कहा कि ग्रामीणों के सार्वजनिक उपयोग की भूमी कागज और नक्शे में तो अंकित की गई, लेकिन उन्हें कब्जामुक्त नहीं कराया गया। ग्राम समाज को भी नहीं सौंपी गई। उन्होंने मांग रखी कि बंदोबस्त अधिकारी के कार्य की जांच होनी चाहिए। अनुसूचित बस्ती का रकबा पूरा पांच हजार वर्ग मीटर आरक्षित किया जाए और ग्राम समाज को सौंपा जाए। इसके अलावा अन्य मांगें भी उठाई गई। इस मौके पर मांगेराम, सलेंद्र, गंगादास, सुशील कुमार, ऊषा, मांगी, रमा, चतरमोहन, भूषण आदि मौजूद रहें।