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गुस्साए किसानों ने रेलवे ट्रैक कब्जाया
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 09 Nov 2016 12:22 AM IST
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भाकियू जिलाध्यक्ष को ट्रैक से उठाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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भाकियू ने किसानों की भूमि अधिग्रहण का मुआवजा तय नहीं करने के विरोध में भाकियू ने रेलवे फाटक पर कब्जा कर लिया। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत रेलवे ट्रैक पर तख्त बिछाकर बैठ गए। मौके पर पहुंची आरपीएफ एवं जीआरपी ने जिलाध्यक्ष को रेलवे अफसरों से बातचीत करने का आश्वासन देकर रेलवे ट्रैक से उठाया। इसके बाद उन्होंने धरना शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंचे एडीएम एवं एसडीएम को कार्यकर्ताओं ने अपने बीच धरने पर बैठा लिया। एडीएम ने आगामी 18 नवंबर को कमिश्नर से बातचीत करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर दो घंटे बाद धरना समाप्त किया गया।
रेलवे दोहरीकरण के लिए डेडीकेटेड फ्रेड कॉरिडोर द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई थी। रेलवे ने अभी तक किसानों की भूमि का मुआवजा तय नहीं किया है। जिसको लेकर किसानों में आक्रोश है। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत मंगलवार सुबह 11.30 बजे कार्यकर्ताओं के साथ गांव भैंसी के सामने सराय रेलवे फाटक पर पहुंचे। जिलाध्यक्ष रेलवे ट्रैक पर तख्त बिछाकर बैठ गए। इस दौरान वहां पहले से मौजूद आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा एवं पुलिस ने रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर समझा-बुझाकर जिलाध्यक्ष को रेलवे ट्रैक से उठाया।
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इसके बाद वह फाटक के पास कार्यकर्ताओं के साथ धरना देकर बैठ गए। सूचना मिलने पर एडीएम प्रशासन मनोज सिंह, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, सीओ जीआरपी रणधीर सिंह, एएसपी आरपीएफ आरबी प्रसाद, एसओ जीआरपी किशन अवतार, एसओ जीआरपी इंटेलीजेंस मुरादाबाद राजपाल सिंह, एसआईआरपीएफ इंटेलीजेंस गाजियाबाद विश्वामित्र, सीओ खतौली हरिराम यादव पुलिस बल के साथ धरने पर पहुंचे।
कार्यकर्ताओं ने एडीएम एवं एसडीएम को धरने पर अपने बीच बैठा लिया। एडीएम ने कार्यकर्ताओं से बातचीत की और आगामी 18 नंवबर को कमिश्नर से वार्ता कर मुआवजा तय कराने का आश्वासन दिया। जिस पर जिलाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 18 नवंबर तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो अगली बार वे रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे और एक भी ट्रेन को गुजरने नहीं देंगे। एडीएम के आश्वासन पर करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।
भाकियू से निपटने को प्रशासन मुस्तैद रहा
खतौली। भाकियू के रेलवे ट्रैक की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। आरपीएफ एवं जीआरपी सहित स्थानीय पुलिस बल के अलावा फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी बुलाई गई थीं। अगर भाकियू कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर धरना देते तो उनको बल प्रयोग कर उठाने की पूरी तैयारी की गई थी।
अधिकारियों ने आलू-पूरी का स्वाद चखा
खतौली। भाकियू रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरना देने को पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे, इसलिए फाटक के बराबर में ही टैंट लगाकर भट्टियां शुरू कर दी गई थीं। हलवाइयों को आलू-पूरी बनाने के लिए लगा दिया गया था। करीब दो घंटे बाद आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया। धरना समाप्त होने पर जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के आग्रह पर एडीएम, एसपी सिटी, एसडीएम सहित आरपीएफ एवं जीआरपी सीओ सहित समस्त पुलिस बल ने किसानों के बीच बैठकर आलू-पूरी का स्वाद चखा।
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मौके पर पहुंचे एडीएम एवं एसडीएम को कार्यकर्ताओं ने अपने बीच धरने पर बैठा लिया। एडीएम ने आगामी 18 नवंबर को कमिश्नर से बातचीत करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर दो घंटे बाद धरना समाप्त किया गया।
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रेलवे दोहरीकरण के लिए डेडीकेटेड फ्रेड कॉरिडोर द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई थी। रेलवे ने अभी तक किसानों की भूमि का मुआवजा तय नहीं किया है। जिसको लेकर किसानों में आक्रोश है। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत मंगलवार सुबह 11.30 बजे कार्यकर्ताओं के साथ गांव भैंसी के सामने सराय रेलवे फाटक पर पहुंचे। जिलाध्यक्ष रेलवे ट्रैक पर तख्त बिछाकर बैठ गए। इस दौरान वहां पहले से मौजूद आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा एवं पुलिस ने रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर समझा-बुझाकर जिलाध्यक्ष को रेलवे ट्रैक से उठाया।
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इसके बाद वह फाटक के पास कार्यकर्ताओं के साथ धरना देकर बैठ गए। सूचना मिलने पर एडीएम प्रशासन मनोज सिंह, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, सीओ जीआरपी रणधीर सिंह, एएसपी आरपीएफ आरबी प्रसाद, एसओ जीआरपी किशन अवतार, एसओ जीआरपी इंटेलीजेंस मुरादाबाद राजपाल सिंह, एसआईआरपीएफ इंटेलीजेंस गाजियाबाद विश्वामित्र, सीओ खतौली हरिराम यादव पुलिस बल के साथ धरने पर पहुंचे।
कार्यकर्ताओं ने एडीएम एवं एसडीएम को धरने पर अपने बीच बैठा लिया। एडीएम ने कार्यकर्ताओं से बातचीत की और आगामी 18 नंवबर को कमिश्नर से वार्ता कर मुआवजा तय कराने का आश्वासन दिया। जिस पर जिलाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 18 नवंबर तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो अगली बार वे रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे और एक भी ट्रेन को गुजरने नहीं देंगे। एडीएम के आश्वासन पर करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।
भाकियू से निपटने को प्रशासन मुस्तैद रहा
खतौली। भाकियू के रेलवे ट्रैक की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। आरपीएफ एवं जीआरपी सहित स्थानीय पुलिस बल के अलावा फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी बुलाई गई थीं। अगर भाकियू कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर धरना देते तो उनको बल प्रयोग कर उठाने की पूरी तैयारी की गई थी।
अधिकारियों ने आलू-पूरी का स्वाद चखा
खतौली। भाकियू रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरना देने को पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे, इसलिए फाटक के बराबर में ही टैंट लगाकर भट्टियां शुरू कर दी गई थीं। हलवाइयों को आलू-पूरी बनाने के लिए लगा दिया गया था। करीब दो घंटे बाद आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया। धरना समाप्त होने पर जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के आग्रह पर एडीएम, एसपी सिटी, एसडीएम सहित आरपीएफ एवं जीआरपी सीओ सहित समस्त पुलिस बल ने किसानों के बीच बैठकर आलू-पूरी का स्वाद चखा।