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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - थोड़ा सा रक्तचाप बढ़ना भी हो सकता है मस्तिष्क आघात का कारण

Fri, 01 Dec 2023 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 01 Dec 2023 12:35 AM IST
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Even a slight increase in blood pressure can be the cause of brain stroke.
आई एम ए के कार्यक्रम में  मौजूद चिकित्सक। । स्रोत- आई एम ए
- बोले चिकित्सक - मस्तिष्क आघात रोकने के लिए जरूरी है रक्तचाप नियंत्रण
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- आईएमए की ओर किया गया कार्यक्रम का आयोजन, जिले के चिकित्सक रहे मौजूद
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) और अल्सिरेटिव कोलाइटिस के आधुनिकतम निदान व उपचार विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया। चिकित्सकों को दोनों रोगों के आधुनिक उपचार के बारे में बताया गया। उचित आहार और उपचार से बीपी पूर्ण नियंत्रित रखें, क्योंकि थोड़ा सा रक्तचाप बढ़ना भी मस्तिष्क आघात का कारण हो सकता है।
आईएमए ने सर्कुलर रोड स्थित आईएमए भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया। गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल से आए न्यूरो फिजिशियन डॉ. विनय गोयल ने ब्रेन स्ट्रोक और गेस्टोएंट्रोलोजिस्ट डॉ. अभिषेक कथूरिया ने अल्सिरेटिव कोलाइटिस के बारे में विस्तार से बताया। इसके निदान व उपचार की आधुनिकतम विधियों के बारे में जानकारी दी। डॉ. विनय गोयल ने मस्तिष्क आघात (ब्रेन स्ट्रोक ) के निदान व उपचार के बारे में बताया कि ये एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, इससे ग्रस्त मरीज जीवन भर अपंग हो जाता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
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यदि परेशानी होते ही बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में ही समय से तुरंत विषय विशेषज्ञ से अच्छे सेंटर पर इसका इलाज कराया जाए तो जीवन बचाया जा सकता है। दुष्प्रभाव काफी कम करके इससे होने वाली अपंगता को कम से कम किया जा सकता है। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान व मद्यपान करने वाले ज्यादा रिस्क पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप भी इसका मुख्य कारक है, इसको हल्के में नहीं लेना चाहिए। उचित आहार उपचार से इसको पूर्ण नियंत्रित रखें, क्योंकि थोड़ा सा रक्तचाप बढ़ना भी मस्तिष्क आघात का कारण हो सकता है।
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डॉ. अभिषेक कथूरिया ने बताया कि अल्सरेटिव कोलाइटिस के कारण बड़ी आंत में जलन और अल्सर (खुले घाव) विकसित हो जाते हैं। यह इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम बीमारी समूह की एक बीमारी है। इससे खूनी और पेट में ऐंठन वाले दस्त हो सकते है। कभी-कभी यह लक्षण व्यक्ति को रात में बार-बार उठकर शौचालय का उपयोग करने के लिए मजबूर कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा और संचालन साइंटिफिक सचिव डॉ. मनोज काबरा ने किया। डॉ. पूजा चौधरी और डॉ. अनीता शर्मा ने बुके देकर अतिथियों का स्वागत किया।

डॉ. एमआरएस गोयल, डॉ. ईश्वर चंद्रा, डॉ. सुनील सिंघल, डॉ. यूसी गौड़, डॉ. डीएस मलिक, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. आमोद कुमार, डॉ. रवींद्र जैन, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. केडी सिंह, डॉ. सुनील चौधरी, डॉ. कुलदीप सिंह चौहान, डॉ. अजय सिंघल, डॉ. राजेश्वर सिंह, डॉ. अनिल कक्कड़, डॉ. हृदेश कुमार, डॉ. नीष गुप्ता, डॉ. तुषार गुप्ता, डॉ. नीरज काबरा, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. एसी शर्मा, डॉ. रूप किशोर गुप्ता, डॉ. पीके चांद मौजूद रहे। उधर, वरिष्ठ सदस्य दिवंगत डॉ. गिरीश मोहन सिंघल के निधन पर शोक व्यक्त किया गया।

----------------------- - रणवीर सैनी
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