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Muzaffarnagar News: टीईटी अनिवार्यता का शिक्षकों ने किया विरोध, पैदल मार्च कर जताया रोष

Fri, 27 Feb 2026 12:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:45 AM IST
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टीईटी अनिवार्यता के विरोध में पैदल मार्च करते हुए शिक्षक स्रोत संवाद
मुजफ्फरनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बृहस्पतिवार को टीईटी अनिवार्यता विरोध अभियान के अंतर्गत शिक्षकों ने पैदल मार्च किया। पहले शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर जमकर नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षकों ने पैदल मार्च कर डीएम कार्यालय पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने रोष जताते हुए जल्दी से जल्दी समस्या निस्तारण की मांग की।
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पैदल मार्च में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ, महिला शैक्षिक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक संघ से जुड़े शिक्षक शामिल हुए। सभी दोपहर 01 बजे बीएसए कार्यालय पर एकत्रित हुए। एकजुटता दिखाते हुए एक साथ पैदल मार्च किया। नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बालेंद्र कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी शिक्षकों को सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है। आरटीई नियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय है।
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22 फरवरी से प्रदेश स्तर पर यह अभियान चल रहा है। पूर्व में जिले के शिक्षकों ने एक्स हैंडल के माध्यम से और कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर रोष जताया था।
धरने की अध्यक्षता राजेंद्र सिंह ने की। पैदल मार्च में प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री ठाकुर प्रवीण सिंह, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीव बालियान, मंत्री राजन वशिष्ठ समेत लगभग एक हजार की संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

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महिला शिक्षक संघ ने अलग से सौंपा अपना ज्ञापन
संघ की जिलाध्यक्ष उषा चौहान ने बताया कि सभी संघ के सहयोग से पैदल मार्च का आयोजन किया गया। महिला शिक्षक संघ ने टीईटी अनिवार्यता का विरोध करते हुए अपने संघ की ओर से ज्ञापन सौंपा है।
उन्होंने कहा कि इस नियम से 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। मानसिक दबाव के कारण स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। यह निर्णय अन्यायपूर्ण है। आजाद भारत में गुलामी की प्रथा को महिला शिक्षक संघ स्वीकार नहीं करेगा।

ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री रश्मि मिश्रा, उपाध्यक्ष प्रीति चौहान, कोषाध्यक्ष रश्मि धीमान, प्रीति ठाकुर, राखी चौधरी शामिल रहीं।
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भाकियू शिक्षक प्रकोष्ठ ने किया होली नहीं मनाने का ऐलान
मुजफ्फरनगर। वैचारिक मतभेदों के चलते हुए भाकियू शिक्षक प्रकोष्ठ पैदल मार्च में शामिल नहीं हुआ। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र सिंह ने टीईटी अनिवार्यता का विरोध पत्र जारी करते हुए कहा कि शिक्षक वह वर्ग है जो समाज को दिशा देता है। आज वही शिक्षक स्वयं गहरे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। वेतन, सेवा-सुरक्षा, पदोन्नति और अन्य विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को विवश हैं। इस वर्ष होली शिक्षक होली नहीं मनाएंगे। होली न मनाना केवल एक मौन संदेश है ताकि शासन तक शिक्षकों आवाज को पहुंचाया जा सके।
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