फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Durga Dham will take up tent

गंगा तट को छोड़कर शिवधाम, दुर्गाधाम तक लगेंगे डेरे      

Mon, 07 Nov 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Mon, 07 Nov 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
Durga Dham will take up tent
शुक्रताल का गंगा घाट। - फोटो : अमर उजाला
शुकतीर्थ में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान मेला क्षेत्र घटने की वजह से तीर्थ यात्रियों को गंगा तट से दूर डेरा लगाना पडे़गा। कभी गंगा के दोनों ओर हजारों बीघा भूमि पर तंबुओं की नगरी बस जाती थी, मगर अबकी बार शिवधाम, दुर्गाधाम क्षेत्र में दूर तक श्रद्धालुओं को ठहरना होगा।       
विज्ञापन


महाभारत कालीन तीर्थ शुक्रताल में दस से 15 नवंबर तक गंगा स्नान मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। मेले में ग्रामीणों की तादाद ज्यादा होती है। परिवार के संग भैसा-बुग्गी, ट्रैक्टर-ट्रालियों और अन्य वाहनों से तीर्थ यात्री पहुंचकर तंबुओं में घर बना लेते हैं। दंगल, रागिनी, लोकगीत, धार्मिक सत्संग, बच्चों का मुंडन संस्कार, यज्ञ और अन्य पूजा अनुष्ठान मेले में होते हैं। गंगातट के इलाके में भूमि क्षेत्र घटने से श्रद्धालुओं को अबकी बार दूर तक डेरा लगाना होगा।
विज्ञापन


शिवधाम और दुर्गाधाम क्षेत्र में तीर्थ यात्रियों को बसाया जाएगा। शुकदेव सेतु के पार गन्ना फसल की वजह से ज्यादा तंबू नहीं लग पाएंगे। पुरोहित मधुर शर्मा बताते हैं कि गंगा घाट पर महिला श्रद्धालुओं के लिए शौचालय आदि की दिक्कते हैं। पंडित देवराज पाराशर के मुताबिक स्वच्छता की जरूरत हैं। मेले में असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाए। 25 साल से घाट पर प्रसाद की दुकान चलाने वाली कमलेश देवी कहती हैं कि तीर्थ यात्रियों को सफाई व्यवस्था न होने से दिक्कतें आती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


श्री गंगा माता मंदिर के पुजारी प्रमोद मिश्रा, अंकित क्षत्रिय, रिंकू, राजू और देवेंद्र आदि का कहना है कि मेले की तैयारियां जिला पंचायत प्रशासन को 15 दिन पूर्व ही करनी चाहिए। देवेंद्र पराशर कहते हैं कि दुर्घटना से बचाव के लिए गोताखोरों की टीम गंगा स्नान मेले में तैनात की जाए।       


सैकड़ों की जिंदगी बचा चुके हैं कृष्णपाल      
शुक्रताल। तीर्थ में गंगा स्नान को आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं की जिंदगी बचाने का श्रेय तैराक कृष्णपाल सिंह को है। सदर ब्लाक के गांव पीनना निवासी सिंह बीते तीस साल से शुक्रताल में हैं, जो नि:स्वार्थ भाव से डूबते तीर्थ यात्रियों को बचाते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र भी दिया गया है।       
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed