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पेयजल आपूर्ति की समस्या से जूझते लोग, निजात दिलाने में जुटी पालिका

Wed, 10 Mar 2021 11:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Mar 2021 11:58 PM IST
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Drinking water crisis deepens with heat knock
देवबंद। गर्मी ने अभी ठीक से दस्तक भी नहीं दी कि नगर में पेयजल आपूर्ति की समस्या गहराने लगी है। नगर के कई क्षेत्रों में मोटर की खराबी या विद्युत आपूर्ति न होने की वजह से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। हालांकि पालिका का दावा है कि पानी आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों को लगातार दूर कराया जा रहा है।
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पालिका का जलकल विभाग गर्मी के मौसम में आने वाली पेयजल आपूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए गंभीर नहीं दिख रहा है। जिसकी वजह से नगर के कई मोहल्लों में गर्मी की शुरुआत में ही पानी की किल्लत से लोग जूझने लगे हैं। इसको लेकर पालिका अधिकारी कभी मोटर फुंक जाना तो कभी विद्युत आपूर्ति बाधित होने का कारण बताते हैं। नगर का मोहल्ला खानकाह, सराय मालियान, वेद विहार, और लाल मस्जिद, बड़े भाईयान, जोशीवाड़ा सहित कई मोहल्लों में पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ रहा है। घरों तक पानी न पहुंचने के चलते लोगों की शिकायत पर पालिका अधिकारी पानी से भरा टैंकर खड़ा करा देते हैं। जिससे लोग बाल्टी आदि में पानी भरकर ले जाने को मजबूर हैं। जलकल विभाग के प्रभारी मो. आरिफ का कहना है कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है, ताकि गर्मी में लोगों को पानी की किल्लत न हो। इसके साथ सड़क किनारे लगे जो हैंडपंप खराब पड़े हैं उन्हें भी ठीक कराया जा रहा है।
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पेयजल आपूर्ति पर खर्च किए जाएंगे 70 लाख रुपये
देवबंद। पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी ने बताया कि नगर में 4 छोटे और 15 बड़े ट्यूबवेल लगे हैं। जो ट्यूबवेल बंद पड़े हैं उन्हें चालू करने का काम शुरू हो चुका है। पेयजल आपूर्ति पर 60 से 70 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ट्यूबवेलों के चालू होने के बाद लोगों को पेयजल के लिए नहीं तरसना पड़ेगा। बिजली गुल होने के बाद जनरेटरों की व्यवस्था भी रहेगी।
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80 के दशक में बनी थी पानी की टंकी
देवबंद। नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए 80 के दशक में मोहल्ला किला में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। आबादी के बढ़ने और पानी की खपत अधिक होने के चलते पेयजल संकट गहराने लगा। कई वर्ष पूर्व इंजीनियरों की टीम ने टंकी की मियाद पूरी होने की बात कहते हुए इसको बंद करा दिया था। जिसके बाद पालिका ने कई स्थानों पर ट्यूबवेल बोरिंग करा पानी सप्लाई की व्यवस्था की थी, लेकिन आए दिन मोटर फूंकने और बिजली गुल रहने की वजह से पानी का संकट गहराता रहता है।

सवेरे बिजली गुल होने पर नहीं मिलती पेयजल आपूर्ति
देवबंद। लेखक कमल देवबंदी का कहना है कि अधिकांश ट्यूबवेलों पर जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। जिन स्थानों पर जनरेटर रखे हैं, वहां उनमें तेल न होने की समस्या रहती है। सवेरे पांच बजे बिजली गुल हो जाती है। जिसके चलते पानी भी नहीं आता। मस्जिदों और मंदिरों में जाने वाले लोगों को इससे बड़ी परेशानी होती है। मोहल्ला खानकाह में तो पिछले दो दिनों से लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेलों पर जनरेटर का होना बेहद जरूरी है।
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