{"_id":"643a8e3a21a8f9ea9e0cc696","slug":"drama-presentation-explained-the-importance-of-organic-farming-muzaffarnagar-news-c-14-1-190996-2023-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: नाट्य प्रस्तुति से समझाया जैविक खेती का महत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: नाट्य प्रस्तुति से समझाया जैविक खेती का महत्व
विज्ञापन
मेपल्स एकेडमी में जैविक खेती एवं किसानों में जागरूकता के लिए हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। का आयोजन किया गया। नाट्य प्रस्तुति से किसानों को खेती के बारे में समझाया गया।
मुख्य अतिथि पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि कृषि क्रांति से प्राकृतिक असंतुलन बढ़ गया है। कई समस्या पैदा होती जा रही है। आर्थिक संतुलन, प्राकृतिक संतुलन को संभालना जरूरी है। त्रिवेणी शुगर मिल के उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने कहा कि वातावरण खराब हो रहा है। बीमारियां भी बढ़ रही है। ऐसी कोई चीज नहीं है, जिसके फायदे के साथ नुकसान न हो। पहले पशु पालते थे, खेतों में इस्तेमाल किया जाता था। गोबर खाद में इस्तेमाल की जाती थी, लेकिन वर्तमान में मशीन इस्तेमाल की जा रही है, जिससे प्रदूषण होता है।
कार्यक्रम में कैलाश तीर्थंकर के संस्थापक और अध्यक्ष परमानंद सरस्वती महाराज मौजूद रहे। स्कूल प्रबंधक मुकेश सिंघल व विपिन सिंघल एवं प्रधानाचार्य ममता दत्ता शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम और जूड़ो, स्केटिंग, योगा से छात्र-छात्राओं ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलदीप राठी, मोनिंदर सिंह, मांगेराम, गोपाल सिंह, अंकित, जगदीश आर्य, राकेश प्रजापति, योगेश खारी, इनाम प्रधान, मोदीलाल प्रधान, दीपक चौधरी प्रधान, शिवकुमार, सुधीश पुंडीर, विनीत ठाकुर, अमित उपाध्याय, दर्पण गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। का आयोजन किया गया। नाट्य प्रस्तुति से किसानों को खेती के बारे में समझाया गया।
मुख्य अतिथि पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि कृषि क्रांति से प्राकृतिक असंतुलन बढ़ गया है। कई समस्या पैदा होती जा रही है। आर्थिक संतुलन, प्राकृतिक संतुलन को संभालना जरूरी है। त्रिवेणी शुगर मिल के उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने कहा कि वातावरण खराब हो रहा है। बीमारियां भी बढ़ रही है। ऐसी कोई चीज नहीं है, जिसके फायदे के साथ नुकसान न हो। पहले पशु पालते थे, खेतों में इस्तेमाल किया जाता था। गोबर खाद में इस्तेमाल की जाती थी, लेकिन वर्तमान में मशीन इस्तेमाल की जा रही है, जिससे प्रदूषण होता है।
कार्यक्रम में कैलाश तीर्थंकर के संस्थापक और अध्यक्ष परमानंद सरस्वती महाराज मौजूद रहे। स्कूल प्रबंधक मुकेश सिंघल व विपिन सिंघल एवं प्रधानाचार्य ममता दत्ता शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम और जूड़ो, स्केटिंग, योगा से छात्र-छात्राओं ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलदीप राठी, मोनिंदर सिंह, मांगेराम, गोपाल सिंह, अंकित, जगदीश आर्य, राकेश प्रजापति, योगेश खारी, इनाम प्रधान, मोदीलाल प्रधान, दीपक चौधरी प्रधान, शिवकुमार, सुधीश पुंडीर, विनीत ठाकुर, अमित उपाध्याय, दर्पण गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन