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कांवड़ ड्यूटी से हाथ खींच रहे अफसर, 52 ने जताई असमर्थता, डीएम ने कहा कार्रवाई होगी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:48 AM IST
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मुजफ्फरनगर से होकर मंजिल की ओर बढ़ते कांवड़िये।
- फोटो : अमर उजाला
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कांवड़ यात्रा की ड्यूटी से अधिकारी हाथ खींच रहे हैं। जोनल, सब जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए 52 अधिकारियों ने ड्यूटी से हाथ खड़े कर दिए हैं। इनमें 28 अधिकारियों का इसी बीच तबादला हो गया है और उन्होंने ड्यूटी से बचने के लिए तुरंत दूसरे जिलों में ज्वाइनिंग ले ली है। जिनका तबादला जिले के लिए हुआ है, वह ड्यूटी से बचने के लिए ज्वाइनिंग में देरी कर रहे हैं। कुछ ने बीमारी का बहाना बनाया हुआ है। डीएम ने ड्यूटी न करने वाले अफसरों को दंडित करने की चेतावनी दी है। पांच अफसरों का वेतन काटने का आदेश भी दिया है।
कांवड़ यात्रा को लेकर जिले में लगभग सभी अधिकारियों की ड्यूटी लगी है। ऐसे में अधिकारी किसी भी तरह कांवड़ ड्यूटी से बचना चाहते हैं। इस बीच 28 अफसरों का दूसरे जिलों में तबादला हुआ तो उन्होंने तुरंत चार्ज छोड़ दिया। कुछ अधिकारियों ने अपने आप को गंभीर बीमार बताया है। 52 अधिकारी ऐसे सामने आए हैं, जो ड्यूटी नहीं देना चाहते।
जिन अधिकारियों का इस बीच तबादला हुआ, उनमें पीडी वीपी श्रीवास्तव, डीपीओ विकास चंद्र, एसीओ चकबंदी सुनील कुमार, डायट प्राचार्य प्रवीण उपाध्याय, जल निगम के सहायक परियोजना अधिकारी संजय कुमार, एके सिंघल, बाल विकास परियोजना अधिकारी संजय द्विवेदी, शिवकुमार मिश्रा समेत आरईएस के आठ इंजीनियर भी शामिल हैं। इन अफसरों ने इतनी तेजी दिखाई कि तबादला होते ही दूसरे जनपद में तुरंत ज्वाइन कर लिया।
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जिन अफसरों को यहां आना था, वह जानबूझकर आने में देरी कर रहे हैं कि कहीं उन्हें कांवड़ मेले में न लगा दिया जाए। ड्यूटी को लेकर गायब होने वाले अफसरों को लेकर डीएम जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि जिन अधिकारियों का तबादला हो गया है, उनके स्थान पर अन्य अधिकारी लगा दिए गए हैं। जो अफसर जान-बूझकर ड्यूटी नहीं देना चाहते हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। सबका वेतन कटेगा। बृहस्पतिवार रात ऐसे पांच अफसरों का वेतन काटा गया है।
शिवसैनिकों ने कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटा
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा की व्यवस्था में बृहस्पतिवार को बिजली महकमा ही बाधा बन गया। विभाग के अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के लिए शिवचौक पर बनाए गए कंट्रोल रूम और कांवड़ शिविरों की बिजली काट दी। कंट्रोल रूम की बिजली कटने से अफसरों में अफरातफरी मच गई। वहीं, शिवसेना के शिविर की बिजली काटने पहुंचे कर्मचारी को शिवसैनिकों ने बंधक बनाकर पीटा। बाद में अफसरों के फटकार लगाने पर आनन-फानन में लाइट को जोड़ा गया।
बिजली निगम का आरोप है कि कांवड़ यात्रा के दौरान अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन की ओर से शिवचौक पर बनाए गए कंट्रोल रूम की लाइट काट दी गई। इसी के साथ ही आसपास के कांवड़ सेवा शिविरों में बिजली के कनेक्शन काटने का अभियान चला दिया। शिवचौक पर बनाए गए प्रमुख कंट्रोल रूम की बिजली कटते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। माइक और अन्य उपकरण बंद हो गए।
कुछ ही देर में मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गया। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों को हड़काया गया तब जाकर घंटों बाद बिजली जोड़ी गई। बीजेपी सरकार में कंट्रोल रूम और शिविरों की बिजली काटने का मामला शहर में चर्चा का विषय बना रहा। उधर, बिजली विभाग के कर्मचारी ने शिवसेना के कांवड़ शिविर का कनेक्शन काट दिया। इस पर शिवसैनिकों ने कर्मचारी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।
वेस्ट यूपी शिवसेना प्रमुख ललित मोहन शर्मा और भाजपा नेता शरद कपूर ने कहा कि बिजली विभाग बीजेपी की सरकार में इस तरह की कार्रवाई कर रहा है। यह मामला बीजेपी के बड़े नेताओं के सामने भी रखा जाएगा। शिवसैनिकों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी कांवड़ यात्रा में बाधा उत्पन्न करने का काम कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने विद्युत विभाग की कार्रवाई से अनभिज्ञता व्यक्त की है।
अवैध रूप से हो रहा बिजली का इस्तेमाल
मुजफ्फरनगर। अधिशासी अभियंता केपी पुरी का कहना है कि कांवड़ शिविरों और कंट्रोल रूम आदि पर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल हो रहा है। ट्रांसफार्मर की कैपिसिटी इतनी ज्यादा नहीं है। ठेकेदार को अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम की बिजली जुड़वा दी गई है।
कांवड़ यात्रा के लिए अतिक्रमण हटाया
शाहपुर। कस्बे में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने मुख्यमार्ग पर अतिक्रमण हटवाया। एसडीएम व सीओ बुढाना ने पुलिस बल के साथ कस्बे के भ्रमण किया। कई दुकानदारों का सामान भी जब्त कर लिया गया। शाहपुर में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एसडीएम बुढ़ाना श्याम अवध चौहान व सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव, शाहपुर थाना प्रभारी बृजेश प्रताप सिंह ने पुलिस बल के साथ बुढ़ाना मुजफ्फरनगर मार्ग का पैदल भ्रमण कर खुद अतिक्रमण हटवाया। इस दौरान सड़क़ किनारे लगे ठेली, खोमचे, रिक्शा चालकों को हटवाया।
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कांवड़ यात्रा को लेकर जिले में लगभग सभी अधिकारियों की ड्यूटी लगी है। ऐसे में अधिकारी किसी भी तरह कांवड़ ड्यूटी से बचना चाहते हैं। इस बीच 28 अफसरों का दूसरे जिलों में तबादला हुआ तो उन्होंने तुरंत चार्ज छोड़ दिया। कुछ अधिकारियों ने अपने आप को गंभीर बीमार बताया है। 52 अधिकारी ऐसे सामने आए हैं, जो ड्यूटी नहीं देना चाहते।
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जिन अधिकारियों का इस बीच तबादला हुआ, उनमें पीडी वीपी श्रीवास्तव, डीपीओ विकास चंद्र, एसीओ चकबंदी सुनील कुमार, डायट प्राचार्य प्रवीण उपाध्याय, जल निगम के सहायक परियोजना अधिकारी संजय कुमार, एके सिंघल, बाल विकास परियोजना अधिकारी संजय द्विवेदी, शिवकुमार मिश्रा समेत आरईएस के आठ इंजीनियर भी शामिल हैं। इन अफसरों ने इतनी तेजी दिखाई कि तबादला होते ही दूसरे जनपद में तुरंत ज्वाइन कर लिया।
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जिन अफसरों को यहां आना था, वह जानबूझकर आने में देरी कर रहे हैं कि कहीं उन्हें कांवड़ मेले में न लगा दिया जाए। ड्यूटी को लेकर गायब होने वाले अफसरों को लेकर डीएम जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि जिन अधिकारियों का तबादला हो गया है, उनके स्थान पर अन्य अधिकारी लगा दिए गए हैं। जो अफसर जान-बूझकर ड्यूटी नहीं देना चाहते हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। सबका वेतन कटेगा। बृहस्पतिवार रात ऐसे पांच अफसरों का वेतन काटा गया है।
शिवसैनिकों ने कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटा
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा की व्यवस्था में बृहस्पतिवार को बिजली महकमा ही बाधा बन गया। विभाग के अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के लिए शिवचौक पर बनाए गए कंट्रोल रूम और कांवड़ शिविरों की बिजली काट दी। कंट्रोल रूम की बिजली कटने से अफसरों में अफरातफरी मच गई। वहीं, शिवसेना के शिविर की बिजली काटने पहुंचे कर्मचारी को शिवसैनिकों ने बंधक बनाकर पीटा। बाद में अफसरों के फटकार लगाने पर आनन-फानन में लाइट को जोड़ा गया।
बिजली निगम का आरोप है कि कांवड़ यात्रा के दौरान अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन की ओर से शिवचौक पर बनाए गए कंट्रोल रूम की लाइट काट दी गई। इसी के साथ ही आसपास के कांवड़ सेवा शिविरों में बिजली के कनेक्शन काटने का अभियान चला दिया। शिवचौक पर बनाए गए प्रमुख कंट्रोल रूम की बिजली कटते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। माइक और अन्य उपकरण बंद हो गए।
कुछ ही देर में मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गया। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों को हड़काया गया तब जाकर घंटों बाद बिजली जोड़ी गई। बीजेपी सरकार में कंट्रोल रूम और शिविरों की बिजली काटने का मामला शहर में चर्चा का विषय बना रहा। उधर, बिजली विभाग के कर्मचारी ने शिवसेना के कांवड़ शिविर का कनेक्शन काट दिया। इस पर शिवसैनिकों ने कर्मचारी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।
वेस्ट यूपी शिवसेना प्रमुख ललित मोहन शर्मा और भाजपा नेता शरद कपूर ने कहा कि बिजली विभाग बीजेपी की सरकार में इस तरह की कार्रवाई कर रहा है। यह मामला बीजेपी के बड़े नेताओं के सामने भी रखा जाएगा। शिवसैनिकों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी कांवड़ यात्रा में बाधा उत्पन्न करने का काम कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने विद्युत विभाग की कार्रवाई से अनभिज्ञता व्यक्त की है।
अवैध रूप से हो रहा बिजली का इस्तेमाल
मुजफ्फरनगर। अधिशासी अभियंता केपी पुरी का कहना है कि कांवड़ शिविरों और कंट्रोल रूम आदि पर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल हो रहा है। ट्रांसफार्मर की कैपिसिटी इतनी ज्यादा नहीं है। ठेकेदार को अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम की बिजली जुड़वा दी गई है।
कांवड़ यात्रा के लिए अतिक्रमण हटाया
शाहपुर। कस्बे में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने मुख्यमार्ग पर अतिक्रमण हटवाया। एसडीएम व सीओ बुढाना ने पुलिस बल के साथ कस्बे के भ्रमण किया। कई दुकानदारों का सामान भी जब्त कर लिया गया। शाहपुर में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एसडीएम बुढ़ाना श्याम अवध चौहान व सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव, शाहपुर थाना प्रभारी बृजेश प्रताप सिंह ने पुलिस बल के साथ बुढ़ाना मुजफ्फरनगर मार्ग का पैदल भ्रमण कर खुद अतिक्रमण हटवाया। इस दौरान सड़क़ किनारे लगे ठेली, खोमचे, रिक्शा चालकों को हटवाया।