{"_id":"611563078ebc3e8182676806","slug":"do-not-allow-politicians-to-enter-villages-muzaffarnagar-news-mrt551630522","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनेताओं को गावों में न घुसने दें कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनेताओं को गावों में न घुसने दें कार्यकर्ता
विज्ञापन
छपार टोल प्लाजा धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
राजनेताओं को गावों में न घुसने दें कार्यकर्ता
छपार (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली-दून हाईवे स्थित छपार टोल प्लाजा पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना लगातार 80वें दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू वक्ताओं ने किसानों के कर्जे माफ करने व बकाया गन्ना भुगतान की मांग करते हुए ऐसा न होने पर राजनेताओं को गांव में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी।
छपार टोल प्लाजा पर चल रहे धरने को संबोधित करते हुए भाकियू नेता मांगेराम त्यागी ने कहा कि राजनीतिक दलों को पांच वर्ष बाद किसानों की याद आई है। विधानसभा चुनाव के समय जो मंत्री व विधायक गांव-गांव जाकर वोट के लिए जनसंपर्क करेंगे, उन्हें पहले चीनी मिलों से ब्याज सहित गन्ने का बकाया भुगतान कराना चाहिए। सरकार जब देश के उद्योगपतियों के कर्जे माफ कर रही है, तो किसानों के क्रेडिट कार्ड का कर्जा व ब्याज माफ क्यों नहीं माफ किया जाता। वक्ताओं ने मांग की कि किसानों को भी उनके कर्जों से पूरी तरह मुक्त करने के साथ ही बकाया गन्ना भुगतान भी कराया जाए। ऐसा नहीं होता है तो भाकियू कार्यकर्ता राजनेताओं को गांवों में न घुसने दें।
इस दौरान गोविंद शर्मा, मगन प्रधान, मोनू प्रधान, बबलू त्यागी, ललित त्यागी, तौसीन, फरमान, मुकीम, ओमपाल, दीपक गुर्जर, शशि, राजा, राहुल गुर्जर और चौधरी रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, रोहाना टोल प्लाजा पर भी भाकियू का धरना जारी हैै।
विज्ञापन
विज्ञापन
छपार (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली-दून हाईवे स्थित छपार टोल प्लाजा पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना लगातार 80वें दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू वक्ताओं ने किसानों के कर्जे माफ करने व बकाया गन्ना भुगतान की मांग करते हुए ऐसा न होने पर राजनेताओं को गांव में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी।
छपार टोल प्लाजा पर चल रहे धरने को संबोधित करते हुए भाकियू नेता मांगेराम त्यागी ने कहा कि राजनीतिक दलों को पांच वर्ष बाद किसानों की याद आई है। विधानसभा चुनाव के समय जो मंत्री व विधायक गांव-गांव जाकर वोट के लिए जनसंपर्क करेंगे, उन्हें पहले चीनी मिलों से ब्याज सहित गन्ने का बकाया भुगतान कराना चाहिए। सरकार जब देश के उद्योगपतियों के कर्जे माफ कर रही है, तो किसानों के क्रेडिट कार्ड का कर्जा व ब्याज माफ क्यों नहीं माफ किया जाता। वक्ताओं ने मांग की कि किसानों को भी उनके कर्जों से पूरी तरह मुक्त करने के साथ ही बकाया गन्ना भुगतान भी कराया जाए। ऐसा नहीं होता है तो भाकियू कार्यकर्ता राजनेताओं को गांवों में न घुसने दें।
विज्ञापन
इस दौरान गोविंद शर्मा, मगन प्रधान, मोनू प्रधान, बबलू त्यागी, ललित त्यागी, तौसीन, फरमान, मुकीम, ओमपाल, दीपक गुर्जर, शशि, राजा, राहुल गुर्जर और चौधरी रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, रोहाना टोल प्लाजा पर भी भाकियू का धरना जारी हैै।
विज्ञापन