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दिवाकर का इंसाफ : छह अप्रैल से दो जुलाई तक 11 दोषियों को फांसी
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मुजफ्फरनगर। न्याय पथ पर इंसाफ का सूरज निकला। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने जिले में न्याय के इतिहास में फांसी की सजाओं का नया अध्याय लिख दिया। छह अप्रैल से दो जुलाई तक पांच मामलों में 11 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। सजा पर अगली मुहर का अधिकार हाईकोर्ट के पास है। राहत के लिए दोषियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है।
वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर में शृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन करने एवं देवी-देवताओं के विग्रह सुरक्षित करने वाली अर्जी पर न्यायाधीश ने मई 2022 को एडवोकेट कमीशन की कार्रवाई का निर्देश दिया। फैसले को खूब सुर्खियां मिली और सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई। 20 जून 2023 को उनका स्थानांतरण बरेली हो गया।
धमकियों के बीच भी वह अपने कर्तव्य से नहीं हटे और न्याय की नई गाथा लिखते रहे। मुजफ्फरनगर में स्थानांतरण के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी मिली और अब तक यहां ऐतिहासिक फैसले सुनाकर रिकॉर्ड बना दिया।
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फांसी की सजा-1
चालीस लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में 15 अक्तूबर 2019 को एडवोकेट समीर सैफी की हत्या कर दी गई थी। छह अप्रैल को फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 ने दोषी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान, शालू उर्फ अरबाज को फांसी की सजा सुनाई। दोषी दिनेश को सात साल कैद हुई।
फांसी की सजा-2
भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर की खेड़ी सूंडियान गांव में 17 जून 2019 को हत्या कर दी गई थी। पिछले महीने 28 अप्रैल को अदालत ने मां मुकेश, उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को फांसी की सजा सुनाई । दोषियों का शेखर के साथ 70 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था।
फांसी की सजा-3
सात नवंबर 2011 को चरथावल में ईंटों से कूचकर राजेश देवी और उसके पांच साल के मासूम बेटे हिमांशु की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने इसी साल 30 मई को दोषी रईस को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मृतका राजेश और रईस के अवैध संबंध बन गए थे और वह रईस के साथ रहने की जिद कर रही थी।
फांसी की सजा-04
ककरौली का अविवाहित राजेंद्र सैनी (28) चार जून 2018 की सुबह 10 बजे बाइक पर सवार होकर आरोपियों के साथ घर से निकला। पांच जून को मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव के जंगल में जली अवस्था में शव बरामद हुआ। पुलिस ने 11 जून 2018 को अवैध संबंधों के शक में हत्या का खुलासा किया। ट्रायल के दौरान आरोपी वीरसैन की मौत हो गई। अदालत ने 20 जून को मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी रामकरण उर्फ सावन गिरी और गीलू को फांसी की सजा सुनाई।
फांसी की सजा-5
शहर कोतवाली की बुढ़ाना मोड़ पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल इस्लाम और लकड़संधा निवासी होमगार्ड रतिराम चार जून 2020 को बाइक पर सवार होकर रात करीब सवा दस बजे गश्त कर रहे थे। डीलर वाली गली के मकान से महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज आई। सिपाही और कांस्टेबल मकान के अंदर पहुंचे। यहां दीपक और उसकी मां राजबाला के बीच झगड़ा हो रहा था। आरोपी दीपक ने होमगार्ड के पेट में छुरी घोंप दी थी। अदालत ने बृहस्पतिवार को दोषी दीपक को फांसी की सजा सुनाई।
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वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर में शृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन करने एवं देवी-देवताओं के विग्रह सुरक्षित करने वाली अर्जी पर न्यायाधीश ने मई 2022 को एडवोकेट कमीशन की कार्रवाई का निर्देश दिया। फैसले को खूब सुर्खियां मिली और सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई। 20 जून 2023 को उनका स्थानांतरण बरेली हो गया।
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धमकियों के बीच भी वह अपने कर्तव्य से नहीं हटे और न्याय की नई गाथा लिखते रहे। मुजफ्फरनगर में स्थानांतरण के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी मिली और अब तक यहां ऐतिहासिक फैसले सुनाकर रिकॉर्ड बना दिया।
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फांसी की सजा-1
चालीस लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में 15 अक्तूबर 2019 को एडवोकेट समीर सैफी की हत्या कर दी गई थी। छह अप्रैल को फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 ने दोषी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान, शालू उर्फ अरबाज को फांसी की सजा सुनाई। दोषी दिनेश को सात साल कैद हुई।
फांसी की सजा-2
भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर की खेड़ी सूंडियान गांव में 17 जून 2019 को हत्या कर दी गई थी। पिछले महीने 28 अप्रैल को अदालत ने मां मुकेश, उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को फांसी की सजा सुनाई । दोषियों का शेखर के साथ 70 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था।
फांसी की सजा-3
सात नवंबर 2011 को चरथावल में ईंटों से कूचकर राजेश देवी और उसके पांच साल के मासूम बेटे हिमांशु की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने इसी साल 30 मई को दोषी रईस को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मृतका राजेश और रईस के अवैध संबंध बन गए थे और वह रईस के साथ रहने की जिद कर रही थी।
फांसी की सजा-04
ककरौली का अविवाहित राजेंद्र सैनी (28) चार जून 2018 की सुबह 10 बजे बाइक पर सवार होकर आरोपियों के साथ घर से निकला। पांच जून को मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव के जंगल में जली अवस्था में शव बरामद हुआ। पुलिस ने 11 जून 2018 को अवैध संबंधों के शक में हत्या का खुलासा किया। ट्रायल के दौरान आरोपी वीरसैन की मौत हो गई। अदालत ने 20 जून को मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी रामकरण उर्फ सावन गिरी और गीलू को फांसी की सजा सुनाई।
फांसी की सजा-5
शहर कोतवाली की बुढ़ाना मोड़ पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल इस्लाम और लकड़संधा निवासी होमगार्ड रतिराम चार जून 2020 को बाइक पर सवार होकर रात करीब सवा दस बजे गश्त कर रहे थे। डीलर वाली गली के मकान से महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज आई। सिपाही और कांस्टेबल मकान के अंदर पहुंचे। यहां दीपक और उसकी मां राजबाला के बीच झगड़ा हो रहा था। आरोपी दीपक ने होमगार्ड के पेट में छुरी घोंप दी थी। अदालत ने बृहस्पतिवार को दोषी दीपक को फांसी की सजा सुनाई।