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दिव्या काकरान ने सर्बिया में जीता कांस्य
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दिव्या काकरान अन्य पदक विजेताओं के साथ
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
दिव्या काकरान ने सर्बिया में जीता कांस्य
मुजफ्फरनगर। सर्बिया में खेली जा रही अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जिले की बेटी दिव्या काकरान ने कांस्य पदक जीत लिया है। यूएसए की पहलवान को हराकर दिव्या ने यह कामयाबी हासिल की। काकरान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 77वां पदक जीता है। पुरबालियान में खुशी का माहौल है।
एशियन चैंपियन अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिभाग किया। दिव्या के पिता सूरज पहलवान ने बताया कि शुक्रवार देर रात कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला गया। दिव्या ने कांस्य पदक जीतकर नाम रोशन किया। पदक जीतने की जानकारी मिलते ही पुरबालियान में खुशी मनाई गई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की बेटी ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिव्या की धमक बरकरार है।
अब ओलंपिक का पदक बाकी
दिव्या काकरान के पिता सूरज पहलवान ने बताया कि दिव्या ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभी प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीत लिया है। अब सिर्फ ओलंपिक का पदक ही बाकी है। दिव्या इसके लिए पूरी जी जान से तैयारी में जुटी हुई है। उसने अंडर-23 विश्व चैंपियन के पदक को लक्ष्य बनाया था, जिसे जीत लिया है।
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पदक की आस लेकर पहुंची थी सर्बिया
पहलवान दिव्या काकरान ने कहा कि सर्बिया रवाना होने से पहले उसे अपनी तैयारियों पर भरेासा था। पदक की पूरी उम्मीद थी। कांस्य पदक से भी खुशी हुई है। अगली बार स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करूंगी। ओलंपिक पदक जीतना लक्ष्य है।
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मुजफ्फरनगर। सर्बिया में खेली जा रही अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जिले की बेटी दिव्या काकरान ने कांस्य पदक जीत लिया है। यूएसए की पहलवान को हराकर दिव्या ने यह कामयाबी हासिल की। काकरान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 77वां पदक जीता है। पुरबालियान में खुशी का माहौल है।
एशियन चैंपियन अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिभाग किया। दिव्या के पिता सूरज पहलवान ने बताया कि शुक्रवार देर रात कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला गया। दिव्या ने कांस्य पदक जीतकर नाम रोशन किया। पदक जीतने की जानकारी मिलते ही पुरबालियान में खुशी मनाई गई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की बेटी ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिव्या की धमक बरकरार है।
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अब ओलंपिक का पदक बाकी
दिव्या काकरान के पिता सूरज पहलवान ने बताया कि दिव्या ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभी प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीत लिया है। अब सिर्फ ओलंपिक का पदक ही बाकी है। दिव्या इसके लिए पूरी जी जान से तैयारी में जुटी हुई है। उसने अंडर-23 विश्व चैंपियन के पदक को लक्ष्य बनाया था, जिसे जीत लिया है।
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पदक की आस लेकर पहुंची थी सर्बिया
पहलवान दिव्या काकरान ने कहा कि सर्बिया रवाना होने से पहले उसे अपनी तैयारियों पर भरेासा था। पदक की पूरी उम्मीद थी। कांस्य पदक से भी खुशी हुई है। अगली बार स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करूंगी। ओलंपिक पदक जीतना लक्ष्य है।