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Muzaffarnagar News: मंडलायुक्त ने शुरू की एमडीए कार्यालय में फरियादी की पिटाई की जांच
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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की वीसी कविता मीणा पर गनर और पीए से फरियादी की पिटाई कराने के मामले की जांच मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने शुरू कर दी है। मंडलायुक्त ने पीड़ित साजिद को सहारनपुर बुलाकर उसके बयान दर्ज किए।
खालापार के साजिद और उसकी माता रफत परवीन ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी कि उनकी 100 साल पुरानी जमीन पर दूसरे व्यक्ति का नक्शा पास कर दिया गया। एमडीए कार्यालय में चार दिन पूर्व वीसी ने अपने पीए से फोन कराकर शिकायतकर्ता साजिद को बुलाया था। आरोप है कि उनके ऊपर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और जेल भेजने की धमकी दी।
आरोप है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर वीसी ने अपने गनर और पीए से साजिद की कार्यालय के अंदर ही पिटाई कराई। मौके से ही साजिद ने 112 पर शिकायत की और पुलिस आ गई। बाद में सिविल लाइन थाने पहुंचकर तहरीर दी गई थी।
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पीड़ित साजिद ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। शासन ने इस मामले की जांच मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद को दी है। मंडलायुक्त ने पीड़ित परिवार को सहारनपुर बुलाया और लिखित में शिकायत ली। पीड़ित ने कमिश्नर को यह भी बताया कि सूचना के अधिकार में उन्हें पास किए गए नक्शे की छाया प्रति भी नहीं दी गई। साजिद ने बताया कि मंडलायुक्त ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले में न्याय होगा। जो नक्शा गलत तरीके से पास किया गया वह निरस्त होगा।
पुलिस ने कब्जे में नहीं ली फुटेज
चार दिन पहले तहरीर के बाद भी सिविल लाइन पुलिस की जांच आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। सीओ सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि सिविल लाइन पुलिस जांच कर रही है। उधर, पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी की फुटेज नहीं ली है।
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खालापार के साजिद और उसकी माता रफत परवीन ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी कि उनकी 100 साल पुरानी जमीन पर दूसरे व्यक्ति का नक्शा पास कर दिया गया। एमडीए कार्यालय में चार दिन पूर्व वीसी ने अपने पीए से फोन कराकर शिकायतकर्ता साजिद को बुलाया था। आरोप है कि उनके ऊपर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और जेल भेजने की धमकी दी।
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आरोप है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर वीसी ने अपने गनर और पीए से साजिद की कार्यालय के अंदर ही पिटाई कराई। मौके से ही साजिद ने 112 पर शिकायत की और पुलिस आ गई। बाद में सिविल लाइन थाने पहुंचकर तहरीर दी गई थी।
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पीड़ित साजिद ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। शासन ने इस मामले की जांच मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद को दी है। मंडलायुक्त ने पीड़ित परिवार को सहारनपुर बुलाया और लिखित में शिकायत ली। पीड़ित ने कमिश्नर को यह भी बताया कि सूचना के अधिकार में उन्हें पास किए गए नक्शे की छाया प्रति भी नहीं दी गई। साजिद ने बताया कि मंडलायुक्त ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले में न्याय होगा। जो नक्शा गलत तरीके से पास किया गया वह निरस्त होगा।
पुलिस ने कब्जे में नहीं ली फुटेज
चार दिन पहले तहरीर के बाद भी सिविल लाइन पुलिस की जांच आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। सीओ सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि सिविल लाइन पुलिस जांच कर रही है। उधर, पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी की फुटेज नहीं ली है।