{"_id":"687beac75af9756e0a004137","slug":"dios-gave-the-order-for-reinstatement-the-committee-will-knock-on-jds-door-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1004-150344-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: डीआईओएस ने दिए बहाली के आदेश, कमेटी खटखटाएगी जेडी का दरवाजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: डीआईओएस ने दिए बहाली के आदेश, कमेटी खटखटाएगी जेडी का दरवाजा
Sun, 20 Jul 2025 12:28 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:28 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। रतनपुरी स्थित श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज प्रबंध समिति और ग्रामीणों का विवाद अब नया मोड़ ले रहा है। प्रबंध समिति द्वारा शिक्षिका को हटाए जाने वाले मामले पर ग्रामीणों के रोष के बाद डीआईओएस ने शिक्षिका की बहाली के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षिका की बहाली को लेकर प्रबंध समिति राजी नहीं है। कांवड़ यात्रा के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिलकर मामले से अवगत कराने का फैसला किया है।
गांव रतनपुरी में स्थित श्रीप्राणनाथ इंटर कॉलेज कक्षा एक से आठ तक एडेड श्रेणी में है। 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं तक वित्तविहीन है। इस कारण शिक्षण कार्य के लिए अधिकांश शिक्षक अंशकालिक ही रखे गए हैं। पिछले कुछ सालों से अंशकालिक शिक्षिका के पद पर कार्यरत शिक्षिका सोनू को शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने और शिक्षक योग्यता कम होने का हवाला देकर प्रबंध कमेटी ने हटा दिया था।
इस मामले को लेकर कुछ ग्रामीण ग्राम प्रधान जोगेंद्र सोम और भाकियू एनसीआर प्रभारी कपिल सोम के साथ शुक्रवार को डीआइ्रओएस से मिले और शिक्षिका की बहाली पर अड़े रहे। इसके साथ ही प्रबंध कमेटी को भंग करने की मांग की। डीआईओएस राजेश कुमार श्रीवास ने शनिवार को शिक्षिका की बहाली के आदेश जारी किए।
विज्ञापन
-- -- -- --
आरोप-प्रत्यारोप की हैं लंबी सूची
श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज को लेकर शिक्षिका पक्ष के ग्रामीण और प्रबंध समिति के पास एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की सूची लंबी है। शिक्षिका के पक्ष में उतरे ग्राम प्रधान जोगेंद्र का कहना है कि शिक्षिका की योग्यता एमए राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र है। वह पूरी तरह से शिक्षक पद के लिए योग्य है। पिछले वर्षों में शिक्षण के दौरान बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन में डयूटी पर लगाई जाती रही हैं तो वह किस प्रकार अयोग्य है। इसके साथ ही उन्होंने प्रबंध समिति पर छात्रों से मनमानी फीस वसूलने का आरोप लगाया। उधर, प्रबंध समिति के सदस्य गजेंद्र ने कहा कि शिक्षिका राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह इसका प्रभाव और दबाव बनाकर शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतती है। इससे पहले भी उनको पद से हटाया गया था और डीआईओएस के आदेश पर रख लिया गया था। इस बार भी वहीं हुआ। अब प्रबंध समिति संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिलकर इस मामले से अवगत कराएगी।
-- -- -- -
होगी मामले की जांच
डीआईओएस राजेश कुमार श्रीवास ने कहा कि दोनों पक्षों को सुन लिया गया है। कांवड़ यात्रा के बाद विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा प्रबंध समिति पर लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। फिलहाल शिक्षण कार्य को सुचारू रखने के लिए शिक्षिका को वापस रखने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। रतनपुरी स्थित श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज प्रबंध समिति और ग्रामीणों का विवाद अब नया मोड़ ले रहा है। प्रबंध समिति द्वारा शिक्षिका को हटाए जाने वाले मामले पर ग्रामीणों के रोष के बाद डीआईओएस ने शिक्षिका की बहाली के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षिका की बहाली को लेकर प्रबंध समिति राजी नहीं है। कांवड़ यात्रा के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिलकर मामले से अवगत कराने का फैसला किया है।
गांव रतनपुरी में स्थित श्रीप्राणनाथ इंटर कॉलेज कक्षा एक से आठ तक एडेड श्रेणी में है। 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं तक वित्तविहीन है। इस कारण शिक्षण कार्य के लिए अधिकांश शिक्षक अंशकालिक ही रखे गए हैं। पिछले कुछ सालों से अंशकालिक शिक्षिका के पद पर कार्यरत शिक्षिका सोनू को शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने और शिक्षक योग्यता कम होने का हवाला देकर प्रबंध कमेटी ने हटा दिया था।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर कुछ ग्रामीण ग्राम प्रधान जोगेंद्र सोम और भाकियू एनसीआर प्रभारी कपिल सोम के साथ शुक्रवार को डीआइ्रओएस से मिले और शिक्षिका की बहाली पर अड़े रहे। इसके साथ ही प्रबंध कमेटी को भंग करने की मांग की। डीआईओएस राजेश कुमार श्रीवास ने शनिवार को शिक्षिका की बहाली के आदेश जारी किए।
विज्ञापन
आरोप-प्रत्यारोप की हैं लंबी सूची
श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज को लेकर शिक्षिका पक्ष के ग्रामीण और प्रबंध समिति के पास एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की सूची लंबी है। शिक्षिका के पक्ष में उतरे ग्राम प्रधान जोगेंद्र का कहना है कि शिक्षिका की योग्यता एमए राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र है। वह पूरी तरह से शिक्षक पद के लिए योग्य है। पिछले वर्षों में शिक्षण के दौरान बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन में डयूटी पर लगाई जाती रही हैं तो वह किस प्रकार अयोग्य है। इसके साथ ही उन्होंने प्रबंध समिति पर छात्रों से मनमानी फीस वसूलने का आरोप लगाया। उधर, प्रबंध समिति के सदस्य गजेंद्र ने कहा कि शिक्षिका राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह इसका प्रभाव और दबाव बनाकर शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतती है। इससे पहले भी उनको पद से हटाया गया था और डीआईओएस के आदेश पर रख लिया गया था। इस बार भी वहीं हुआ। अब प्रबंध समिति संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिलकर इस मामले से अवगत कराएगी।
होगी मामले की जांच
डीआईओएस राजेश कुमार श्रीवास ने कहा कि दोनों पक्षों को सुन लिया गया है। कांवड़ यात्रा के बाद विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा प्रबंध समिति पर लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। फिलहाल शिक्षण कार्य को सुचारू रखने के लिए शिक्षिका को वापस रखने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।