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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - धीर सिंह के हत्यारे को उम्रकैद और जुर्माने की सजा
Tue, 16 Apr 2024 04:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 16 Apr 2024 04:14 AM IST
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- 14 साल पहले जागाहेड़ी गांव में गोलियां बरसाकर कर दी थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। करीब 14 साल पहले हुई धीर सिंह की हत्या में दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास और 23 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। सत्र परीक्षण में फैसला अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-11 के पीठासीन अधिकारी सीताराम ने सुनाया। दो दोषियों को करीब नौ साल पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जोगेंद्र गोयल एवं वादी की ओर से अधिवक्ता आसमा परवीन खान ने बताया कि घटना तितावी थाना क्षेत्र के गांव जागाहेड़ी में 15 अगस्त वर्ष 2010 की है। गांव में धीर सिंह और उसके बेटे अमित की जोगेंद्र उर्फ लाला आदि से कहासुनी हो गई थी। तब आरोपी देख लेने की धमकी देकर चले गए थे। इसी रंजिश में दो दिन बाद जोगेंद्र, जयपाल और रवि उर्फ अभिषेक अन्य साथियों के साथ रायफल और तमंचे लेकर वादी के घर घुस आए। हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। गोली लगने से वादी के भाई धीर सिंह की मौत हो गई थी।
हमलावरों ने अन्य परिजनों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी, लेकिन उन्होंने भाग कर जान बचाई। कातिलों के खिलाफ हत्या मुकदमा कायम होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण में नामजद दाेषी जयपाल और रवि उर्फ अभिषेक को सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने सात अक्तूबर वर्ष 2015 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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जोगेंद्र उर्फ लाला फरार हो गया था। घटना के छह साल बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। उसका सत्र परीक्षण न्यायालय में शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के अदालत ने जोगेंद्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अलग अलग धाराओं में 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। करीब 14 साल पहले हुई धीर सिंह की हत्या में दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास और 23 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। सत्र परीक्षण में फैसला अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-11 के पीठासीन अधिकारी सीताराम ने सुनाया। दो दोषियों को करीब नौ साल पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जोगेंद्र गोयल एवं वादी की ओर से अधिवक्ता आसमा परवीन खान ने बताया कि घटना तितावी थाना क्षेत्र के गांव जागाहेड़ी में 15 अगस्त वर्ष 2010 की है। गांव में धीर सिंह और उसके बेटे अमित की जोगेंद्र उर्फ लाला आदि से कहासुनी हो गई थी। तब आरोपी देख लेने की धमकी देकर चले गए थे। इसी रंजिश में दो दिन बाद जोगेंद्र, जयपाल और रवि उर्फ अभिषेक अन्य साथियों के साथ रायफल और तमंचे लेकर वादी के घर घुस आए। हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। गोली लगने से वादी के भाई धीर सिंह की मौत हो गई थी।
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हमलावरों ने अन्य परिजनों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी, लेकिन उन्होंने भाग कर जान बचाई। कातिलों के खिलाफ हत्या मुकदमा कायम होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण में नामजद दाेषी जयपाल और रवि उर्फ अभिषेक को सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने सात अक्तूबर वर्ष 2015 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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जोगेंद्र उर्फ लाला फरार हो गया था। घटना के छह साल बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। उसका सत्र परीक्षण न्यायालय में शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के अदालत ने जोगेंद्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अलग अलग धाराओं में 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है।