{"_id":"57a632c54f1c1b356a2b8f73","slug":"desesperado-por-llegar-sin-registrarse-divyanga","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचे दिव्यांग हुए मायूस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचे दिव्यांग हुए मायूस
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 07 Aug 2016 12:26 AM IST
विज्ञापन
program
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और उपकरण वितरण कार्यक्रम में बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। इन लोगों के चलते अव्यवस्था का माहौल भी रहा। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलौत ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह रजिस्ट्रेशन कराएं, बाद में सभी पात्रों को उपकरण मिलेंगे।
राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में बिना रजिस्ट्रेशन के सैकड़ों लोगों के पहुंचने से अव्यवस्था का माहौल रहा। कैबिनेट मंत्री सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय थावरचंद गहलौत के भाषण के बाद अफरातफरी का माहौल रहा। बिना रजिस्ट्रेेशन के पहुंचे विकलांगों ने भी यंत्र और उपकरण मांगे।
इस पर गहलौत ने कहा कि जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, वह पंजीयन करा लें। जल्द ही दूसरा कैंप लगाकर बचे लोगों को भी उपकरण वितरित कर दिए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन कराने को लेकर लोगों ने केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान को घेरे रखा। कई बार तो मंत्री के सहयोगियों के साथ दिव्यांगों की हॉकटॉक भी हुई। बालियान ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वह दूसरा कैंप जल्द लगाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में बिना रजिस्ट्रेशन के सैकड़ों लोगों के पहुंचने से अव्यवस्था का माहौल रहा। कैबिनेट मंत्री सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय थावरचंद गहलौत के भाषण के बाद अफरातफरी का माहौल रहा। बिना रजिस्ट्रेेशन के पहुंचे विकलांगों ने भी यंत्र और उपकरण मांगे।
विज्ञापन
इस पर गहलौत ने कहा कि जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, वह पंजीयन करा लें। जल्द ही दूसरा कैंप लगाकर बचे लोगों को भी उपकरण वितरित कर दिए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन कराने को लेकर लोगों ने केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान को घेरे रखा। कई बार तो मंत्री के सहयोगियों के साथ दिव्यांगों की हॉकटॉक भी हुई। बालियान ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वह दूसरा कैंप जल्द लगाएंगे।
विज्ञापन