{"_id":"5e2897a58ebc3e4b671402f3","slug":"death-of-wife-and-son-could-not-even-deter-rajpal-muzaffarnagar-news-mrt4652455184","type":"story","status":"publish","title_hn":"गण के तंत्र:-पत्नी और बेटे की मौत से भी डिगा नहीं पाई राजपाल को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गण के तंत्र:-पत्नी और बेटे की मौत से भी डिगा नहीं पाई राजपाल को
विज्ञापन
गण के तंत्र:-मंसूरपुर निवासी समाजसेवी राजपाल चौहान।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
पत्नी और बेटे की मौत भी डिगा नहीं पाई राजपाल को
मंसूूरपुर। कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर समाज की आने वाली पीढ़ियों के सामने अनुकरणीय मिसाल बन जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है मिल मंसूरपुर निवासी राजपाल चौहान का, जिन्होंने अंगदान, पौधरोपण तथा मतदान के प्रति लोगों को जागरूक कर अनुकरणीय कार्य किया है। पत्नी और फिर जवान बेटे की मौत भी समाजसेवा के क्षेत्र में जिनके बढ़ते कदम को न रोक सकी, जिनकी सेवाओं को देखकर जिला प्रशासन भी कई बार सम्मानित कर चुका है।
मंसूरपुर मिल के कर्मचारी 55 वर्षीय राजपाल चौहान बताते हैं कि कारगिल युद्ध में उन्होंने अखबारों में तथा टीवी में ऐसे बहुत से सैनिकों को घायल अवस्था में देखा, जिन्हें लीवर, गुर्दे आदि अंगों की आवश्यकता थी, तभी उसके परिवार ने प्रतिज्ञा की कि वे मरने के बाद अपनी नेत्रदान कर देंगे। करीब 15 वर्ष पहले राजपाल की पत्नी इंदु की मृत्यु हो गई। मेरठ मेडिकल में इंदु की आंखें दान कर दी। इसी माह चार जनवरी को राजपाल के बेटे 26 वर्षीय हिमांशु की बीमारी के चलते मौत हो गई। हिमांशु की भी मेरठ मेडिकल कॉलेज में नेत्र दान कर दी। राजपाल चौहान ने अंगदान करने के लिए देहदान संगठन का गठन कर रखा है, जिसमें उन्होंने अंगदान करने के लिए 60 से अधिक नागरिकों को सदस्य बनाया है। राजपाल ने अपनी और अपने बेटे दीपांशु की भी आंख दान करने की घोषणा कर रखी है। राजपाल हर साल बरसात में क्षेत्र के स्कूल ,कॉलेजों थाना परिसर, पंचायत घर तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पौधरोपण करते रहते हैं। गांव-गांव जाकर लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने में भी पीछे नहीं रहते। हर राष्ट्रीय पर्व पर हाथ में तिरंगा लेकर वह अपनी पूरी देहदान टीम के साथ जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। उनकी समाजसेवा व देश भक्ति की भावना को देखते हुए जिला प्रशासन उन्हें कई बार सम्मानित कर चुका है।
विज्ञापन
मंसूूरपुर। कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर समाज की आने वाली पीढ़ियों के सामने अनुकरणीय मिसाल बन जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है मिल मंसूरपुर निवासी राजपाल चौहान का, जिन्होंने अंगदान, पौधरोपण तथा मतदान के प्रति लोगों को जागरूक कर अनुकरणीय कार्य किया है। पत्नी और फिर जवान बेटे की मौत भी समाजसेवा के क्षेत्र में जिनके बढ़ते कदम को न रोक सकी, जिनकी सेवाओं को देखकर जिला प्रशासन भी कई बार सम्मानित कर चुका है।
मंसूरपुर मिल के कर्मचारी 55 वर्षीय राजपाल चौहान बताते हैं कि कारगिल युद्ध में उन्होंने अखबारों में तथा टीवी में ऐसे बहुत से सैनिकों को घायल अवस्था में देखा, जिन्हें लीवर, गुर्दे आदि अंगों की आवश्यकता थी, तभी उसके परिवार ने प्रतिज्ञा की कि वे मरने के बाद अपनी नेत्रदान कर देंगे। करीब 15 वर्ष पहले राजपाल की पत्नी इंदु की मृत्यु हो गई। मेरठ मेडिकल में इंदु की आंखें दान कर दी। इसी माह चार जनवरी को राजपाल के बेटे 26 वर्षीय हिमांशु की बीमारी के चलते मौत हो गई। हिमांशु की भी मेरठ मेडिकल कॉलेज में नेत्र दान कर दी। राजपाल चौहान ने अंगदान करने के लिए देहदान संगठन का गठन कर रखा है, जिसमें उन्होंने अंगदान करने के लिए 60 से अधिक नागरिकों को सदस्य बनाया है। राजपाल ने अपनी और अपने बेटे दीपांशु की भी आंख दान करने की घोषणा कर रखी है। राजपाल हर साल बरसात में क्षेत्र के स्कूल ,कॉलेजों थाना परिसर, पंचायत घर तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पौधरोपण करते रहते हैं। गांव-गांव जाकर लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने में भी पीछे नहीं रहते। हर राष्ट्रीय पर्व पर हाथ में तिरंगा लेकर वह अपनी पूरी देहदान टीम के साथ जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। उनकी समाजसेवा व देश भक्ति की भावना को देखते हुए जिला प्रशासन उन्हें कई बार सम्मानित कर चुका है।
विज्ञापन