फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Daughters wedding

बेटियों की शादी की तैयारी छोड़, लाइनों में लगे लोग   

Wed, 16 Nov 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 16 Nov 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
Daughters wedding
बेटियों की शादी के कार्ड लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
सरकार के नोट बंदी के निर्णय से वह परिजन ज्यादा परेशान हैं, जिनके यहां शादी, विवाह की तारीख तय हो चुकी है। 500 और 1000 के नोट बंद होने से वह बेटियों की विदाई कैसे करेंगे, यह चिंता उन्हें खाए जा रही है। छपार के गांव कास्सोपुर का यूनुस नोट बंदी से बेहद परेशान हैं। उसने बेटे और बेटी के निकाह की तारीख पहले ही तय कर दी थी। दोनों का निकाह सिर पर हैं। 18 नवंबर शुक्रवार को बेटी साजिदा की बारात आनी है। 17 नवंबर को बेटे फरमान का मंढा है और 19 नवंबर को उसकी बारात जानी है।

भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर धन की गुहार लेकर आए यूनुस की किसी ने नहीं सुनी। उसने बताया कि बैंक में उसके रुपये हैं, मगर बैंक वाले नहीं दे रहे हैं। तीन दिन पहले एक साहूकार से चार रुपये प्रति सैकड़ा के ब्याज से 50 हजार रुपये कर्ज में लिए थे, जो हलवाई आदि को दे दिए। अब आगे कैसे होगा, अल्लाह की मालिक है।
विज्ञापन


बेटी के ससुराल वालों से आग्रह किया है कि वो केवल दस लोगों की बारात लेकर आएं। बेटी को सामान बाद में देने का मन बनाया है। बेटे की बारात में भी केवल पांच ही आदमी जाएंगे, आखिर करें भी तो क्या, कोई सुनने को तैयार नहीं है। बैंक खाते में हमारे रुपये हैं, मगर बैंक वाले बैंक में धन का अभाव बताकर हमारे रुपये नहीं दे रहे हैं।      
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटियों की शादी के कार्ड लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे 
तितावी क्षेत्र के किसान अपनी बेटियों की शादी के कार्ड को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। इन किसानों ने डीएम के नाम प्रार्थना पत्र देकर शादियों के लिए पांच-पांच रुपये दिलवाने की गुहार लगाई है। तितावी के किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि बेटी पारुल की शादी 25 नवंबर को होनी तय है, लेकिन रुपयों का प्रबंध नहीं होने के कारण शादी के लिए सामान जुटाने व अन्य व्यवस्था करने में वो असमर्थ हैं।

उनके खाते में पैसा होने के बावजूद भी बैंक अफसरों ने नियमानुसार 24 हजार रुपये भी निकालकर देने से इंकार कर दिया। तितावी के ही किसान राजपाल सिंह ने बताया कि बेटी अनु की शादी चार दिसंबर को होनी है। घर में शादी में खर्च करने और सामान जुटाने के लिए पर्याप्त नई धनराशि नहीं है। बैंक वाले उनके रुपये नहीं दे रहे है। ये किसान कलेक्ट्रेट में डीएम के नाम प्रार्थना देकर लौट गए।      

आज आएगी बेटियों की बारात, परिजन हैं बेचैन      
नोट बंदी के चलते ग्रामीण अपनी बेटियों की शादी को लेकर चिंता में है। शादी सिर पर है, वो किसी प्रकार रिश्तेदारों और परिचितों से मदद लेकर बेटियों की शादी की तैयारी में जुटे हैं। कसबा भोकरहेड़ी के मोहल्ला सुभाष चौक निवासी किसान अशोक की बेटी की शादी 25 नवंबर को होनी है। शादी के सामान की खरीदारी के लिए 1000 और 500 के नोटों को बाजार मे कोई लेने को तैयार नहीं है।

वहीं लक्सर मार्ग पर मोहल्ला लक्कूपुरा उत्तरी के कंवरपाल बैरागी ने बताया कि बुधवार को बेटी पिंकी की बारात आनी है। परिवार के सहयोग से मध्यम वर्गीय शादी को तो कर लिया जाएगा। समाज में अच्छे व्यवहार के चलते कस्बे में कोई व्यापारी दुकानदार सामान को उधार देने में कोताही नहीं बरतता है। वहीं परिवार के नौ भाई ताराचंद, नकली, सुंदर, ज्योति, रूपचंद, अमरपाल, इंद्रपाल, सोमपाल और लड़की का मामा सत्यपाल बुधवार को वाली शादी में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े हैं।


गांव दरियाबाद के सिख डेरे में भी बुधवार को उत्तराखंड के लक्सर से जसबीर सिंह सरदार के यहां बारात आनी है। बेटी सिमरन कौर की शादी में शामिल होने के लिए रिश्तेदार आ चुके हैं। परिवार के जिम्मेदार बिट्टू सरदार ने बताया कि पैसे के बिना कोई सामान नहीं मिलता है। खुले नोट बैंक नहीं दे रहा है। पति को खो चुकी कुलविन्द्र कौर बेटी की शादी को लेकर बेचैन हैं।       
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed