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Muzaffarnagar News: सरकारी और निजी जर्जर भवनों पर लगे होर्डिंग्स से खतरा

Wed, 28 Oct 2026 01:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 01:10 AM IST
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Danger posed by hoardings on dilapidated government and private buildings
फाइनल
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फोटो

अभियान

संवाद न्यूज एजेंसी

मुजफ्फरनगर। शहर की कई जर्जर मार्केट और पुराने सरकारी भवनों पर लगे वैध और अवैध होर्डिंग्स दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। मानकों का उल्लंघन होने के कारण किसी भी समय हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। आए दिन गोल मार्केट सहित पालिका की अन्य मार्केट की छत का मलबा नीचे गिरता रहता है। छतों पर लगे होर्डिंग्स के भारी-भरकम ढांचे तेज हवा में कभी भी गिर सकते हैं।

नगर पालिका क्षेत्र से लेकर विस्तारित इलाकों तक बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग और डिवाइडरों पर खड़े यूनिपोल न केवल शहर की सुंदरता बिगाड़ रहे हैं, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बने हुए हैं। कई भवनों को जर्जर घोषित किए जाने के बावजूद उन पर लगे पुराने होर्डिंग और लोहे के ढांचे नहीं हटाए गए हैं।
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शहर के गोल मार्केट में जर्जर घोषित भवन की ऊपरी मंजिल पर भारी-भरकम होर्डिंग के ढांचे लगे हुए हैं। इसी तरह झांसी रानी रोड स्थित गुरु तेग बहादुर मार्केट की ऊपरी मंजिल को भी जर्जर घोषित किया जा चुका है, लेकिन वहां भी अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। तेज आंधी, बारिश या तूफान के दौरान इन ढांचों के गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद संबंधित स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आते।
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रुड़की रोड पर कई निजी भवनों की तीसरी मंजिल पर होर्डिंग लगे हैं। वहीं शहर की सड़कों और बाजारों में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग ढांचे यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा रहे हैं। पालिका ईओ पवन कुमार का कहना है कि मार्केट की जर्जर छत एवं जिन भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है, उनकी छतों पर होर्डिंग लगाए जाने की जांच कराई जाएगी।


-नोटिस और चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे हालात

विस्तारित क्षेत्र में भी बिना अनुमति अवैध होर्डिंग लगाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। करीब दो वर्ष पूर्व चेयरपर्सन के आदेश पर कर निर्धारण अधिकारी की ओर से 21 विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए थे। एजेंसियों को तीन दिन के भीतर सभी अवैध होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा अनुमति निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई थी। बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं आया।
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