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कल्याण सिंह को अयोध्या के हीरों के रूप में जानती है जनता
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जयपुर के राजभवन में तत्कालीन राज्यपाल कल्याण सिंह से शिष्टाचार भेंट करते डॉ सुभाषचंद शर्मा। फाइ
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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कल्याण सिंह के निधन से भाजपा को अपूरणीय क्षति
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई है। कल्याण सिंह के कारण जिले की पिछड़ी जातियां पहली बार भाजपा से जुड़ी थी। आम जनता उन्हें अयोध्या के हीरो के रूप में देखती है।
कल्याण सिंह के निधन की खबर सुनते ही भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन को भाजपा के लिए बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का नाम अयोध्या में मंदिर निर्माण के साथ ही इतिहास में अमर हो गया है। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि कल्याण सिंह के निधन से देश की राजनीति ने अनमोल रत्न खो दिया है। जनवरी माह में लखनऊ में उनके जन्मदिन पर उनसे मुलाकात हुई थी। हम सब उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने कहा कि कल्याण सिंह का निधन भाजपा के लिए बड़ी क्षति है। वे अच्छे प्रशासक रहे हैं। उनके कार्यकाल में गुंडागर्दी खत्म हुई थी। भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला ने कहा कि कल्याण सिंह कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत रहे। वह हिंदुत्व के पुरोधा और रामजन्म भूमि आंदोलन के अगवा थे। उनके निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं को झटका लगा है। संस्कार भारती से जुड़े अरुण खंडेलवाल ने कहा कि कल्याण सिंह विलक्षण प्रतिभा के नेता थे। राम मंदिर आंदोलन को लेकर वह हमेशा याद किए जाते रहेंगे।
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बालियान परिवार को दिखाई राजनीति की राह
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के परिवार को राजनीति में आने का अवसर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने ही दिया था। वर्ष 1991 में संजीव बालियान के पिता डॉ सुरेंद्र पाल सिंह सीएम कल्याण सिंह के कहने पर पहली बार जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। इसके बाद परिवार में राजनीतिक चेतना जागी और आज संजीव बालियान दूसरी बार सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री हैं।
सुधीर बालियान को कैबिनेट मंत्री बनाया
मुजफ्फरनगर। पूर्व मंत्री सुधीर बालियान ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया। बताया कि वर्ष 1991 के जून में कल्याण सिंह सीएम बने तो उन्होंने उन्हें कैबिनेट सहकारिता मंत्री बनाया। छह दिसंबर 1992 तक वो उनके मंत्रिमंडल में रहे। सुधीर बालियान ने कहा कि वो विलक्षण नेता थे। कठोर शासक और कोमल ह्दय वाले व्यक्ति थे। वे मैरिट पर काम करते थे, चापलूसी उन्हें पसंद नहीं थी। वर्ष 2004 में शाहपुर आए तो घर मिलने आए। गांव रसूलपुर जाटान पहुंच कर परिवार के साथ खाना खाया। उनका मार्गदर्शन और स्नेह हमेशा याद रहेगा।
यूपी के लौह पुरुष थे
मुजफ्फरनगर। आयुष बोर्ड के पूर्व चेयरमैन डॉ. सुभाषचंद शर्मा ने कहा कि वो उनके बेहद करीब रहे। जिले में जितने भी कार्यक्रम हुए, उनका संचालन मैने किया। कल्याण सिंह यूपी के लौह पुरुष थे। गांव, गरीब और किसान के उत्थान के लिए काम किया। राम मंदिर के पुरोधा थे। उनका निधन पार्टी और भाजपाइयों के लिए अपूरणीय क्षति है।
शाहपुर में कई बार स्वागत हुआ था
शाहपुर। प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का कस्बे में तीन बार आगमन हुआ था। जहां जनता ने उनका भव्य स्वागत किया था । पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में हुए विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद जब उनकी सरकार गिर गई थी। उसके बाद उनका बुढ़ाना जाते समय कस्बे में वरिष्ठ भाजपा नेता श्यामपाल सिंघल के प्रतिष्ठान पर स्वागत किया गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव में प्रदेश सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री सुधीर बालियान के चुनाव प्रचार में आए थे, कस्बे के पैंठ मैदान में उनकी जनसभा हुई थी। जब वह मंच पर पहुंचे तो मंच पर अधिक संख्या होने के कारण मंच टूट गया था। एक सितंबर 2005 को कस्बे की नवीन गुड़ मंडी स्थल पर भारतीय कश्यप जागृति संगठन द्वारा आयोजित सम्मेलन को पूर्व मुख्यमंत्री ने संबोधित किया था। इसके अलावा विकास खंड क्षेत्र के गांव उमरपुर जाने वाले मार्ग पर बने गेट का भी शिलान्यास किया था।
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई है। कल्याण सिंह के कारण जिले की पिछड़ी जातियां पहली बार भाजपा से जुड़ी थी। आम जनता उन्हें अयोध्या के हीरो के रूप में देखती है।
कल्याण सिंह के निधन की खबर सुनते ही भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन को भाजपा के लिए बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का नाम अयोध्या में मंदिर निर्माण के साथ ही इतिहास में अमर हो गया है। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि कल्याण सिंह के निधन से देश की राजनीति ने अनमोल रत्न खो दिया है। जनवरी माह में लखनऊ में उनके जन्मदिन पर उनसे मुलाकात हुई थी। हम सब उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
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बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने कहा कि कल्याण सिंह का निधन भाजपा के लिए बड़ी क्षति है। वे अच्छे प्रशासक रहे हैं। उनके कार्यकाल में गुंडागर्दी खत्म हुई थी। भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला ने कहा कि कल्याण सिंह कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत रहे। वह हिंदुत्व के पुरोधा और रामजन्म भूमि आंदोलन के अगवा थे। उनके निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं को झटका लगा है। संस्कार भारती से जुड़े अरुण खंडेलवाल ने कहा कि कल्याण सिंह विलक्षण प्रतिभा के नेता थे। राम मंदिर आंदोलन को लेकर वह हमेशा याद किए जाते रहेंगे।
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बालियान परिवार को दिखाई राजनीति की राह
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के परिवार को राजनीति में आने का अवसर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने ही दिया था। वर्ष 1991 में संजीव बालियान के पिता डॉ सुरेंद्र पाल सिंह सीएम कल्याण सिंह के कहने पर पहली बार जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। इसके बाद परिवार में राजनीतिक चेतना जागी और आज संजीव बालियान दूसरी बार सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री हैं।
सुधीर बालियान को कैबिनेट मंत्री बनाया
मुजफ्फरनगर। पूर्व मंत्री सुधीर बालियान ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया। बताया कि वर्ष 1991 के जून में कल्याण सिंह सीएम बने तो उन्होंने उन्हें कैबिनेट सहकारिता मंत्री बनाया। छह दिसंबर 1992 तक वो उनके मंत्रिमंडल में रहे। सुधीर बालियान ने कहा कि वो विलक्षण नेता थे। कठोर शासक और कोमल ह्दय वाले व्यक्ति थे। वे मैरिट पर काम करते थे, चापलूसी उन्हें पसंद नहीं थी। वर्ष 2004 में शाहपुर आए तो घर मिलने आए। गांव रसूलपुर जाटान पहुंच कर परिवार के साथ खाना खाया। उनका मार्गदर्शन और स्नेह हमेशा याद रहेगा।
यूपी के लौह पुरुष थे
मुजफ्फरनगर। आयुष बोर्ड के पूर्व चेयरमैन डॉ. सुभाषचंद शर्मा ने कहा कि वो उनके बेहद करीब रहे। जिले में जितने भी कार्यक्रम हुए, उनका संचालन मैने किया। कल्याण सिंह यूपी के लौह पुरुष थे। गांव, गरीब और किसान के उत्थान के लिए काम किया। राम मंदिर के पुरोधा थे। उनका निधन पार्टी और भाजपाइयों के लिए अपूरणीय क्षति है।
शाहपुर में कई बार स्वागत हुआ था
शाहपुर। प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का कस्बे में तीन बार आगमन हुआ था। जहां जनता ने उनका भव्य स्वागत किया था । पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में हुए विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद जब उनकी सरकार गिर गई थी। उसके बाद उनका बुढ़ाना जाते समय कस्बे में वरिष्ठ भाजपा नेता श्यामपाल सिंघल के प्रतिष्ठान पर स्वागत किया गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव में प्रदेश सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री सुधीर बालियान के चुनाव प्रचार में आए थे, कस्बे के पैंठ मैदान में उनकी जनसभा हुई थी। जब वह मंच पर पहुंचे तो मंच पर अधिक संख्या होने के कारण मंच टूट गया था। एक सितंबर 2005 को कस्बे की नवीन गुड़ मंडी स्थल पर भारतीय कश्यप जागृति संगठन द्वारा आयोजित सम्मेलन को पूर्व मुख्यमंत्री ने संबोधित किया था। इसके अलावा विकास खंड क्षेत्र के गांव उमरपुर जाने वाले मार्ग पर बने गेट का भी शिलान्यास किया था।

लखनऊ में जनवरी माह में जन्म दिन पर पूर्व सीएम कल्याण सिंह से मिलने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल। - फोटो : MUZAFFARNAGAR

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के साथ अरुण खंडेलवाल। फाइल फोटो।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

पूर्व मंत्री सुधीर बालियान के शाहपुर आवास पर पूर्व सीएम कल्याण सिंह का अभिवादन करते सुरेश राणा। ?- फोटो : MUZAFFARNAGAR

पूर्व मंत्री सुधीर बालियान के शाहपुर आवास पर पूर्व सीएम कल्याण सिंह। फाइल फोटो- फोटो : MUZAFFARNAGAR