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सड़क हादसे में दो युवकों की मौत
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 12 Oct 2015 12:23 AM IST
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पुरकाजी। लक्सर-पुरकाजी मार्ग पर हुए सड़क हादसे में कैल्लनपुर गांव के दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक बाइक से आ रहे थे कि रास्ते में रोडवेज बस की चपेट में आ गए। युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है तथा गांव में शोक व्याप्त है।
पुरकाजी क्षेत्र के गांव कैल्लनपुर निवासी राहुल (20) पुत्र ज्ञाना और इंतजार (20) पुत्र जहूर कोल्हू चलाने का काम करते थे। रविवार शाम दोनों बाइक से पास के गांव हरिनगर में कोल्हू देेेेखने के लिए गए थे।
वापस आने के दौरान शाम सात बजे के लगभग जब वे लक्सर मार्ग पर गंगनहर के पास पहुंचे कि तभी सामने से आती उत्तराखंड रोडवेज हरिद्वार डिपो की बस ने उन्हें चपेट ले लिया, जिसके चलते दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से दोनों को पुरकाजी सीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे में दोनों युवकों की मौत का समाचार मिलने पर दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया। पूरा गांव शोक में डूब गया।
उधर, चालक बस को लेकर फरार हो गया। पुलिस की सूचना पर बस को उत्तराखंड की सीमा पर स्थित खानपुर चौकी पर पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया। देर रात्रि तक रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही थी।
चार मौताें ने मचाया कोहराम
छपार। सहारनपुर में नांगल के पास खुड्डा गांव के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत होने से परिजनों में कोहराम मचा है। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। परिवार का मुखिया बीडीसी सदस्य बनने की होड़ में शामिल हुआ था।
छपार थाना क्षेत्र के खुड्डा गांव निवासी मूसा ने वार्ड-13 से बीडीसी सदस्य पद पर चुनाव लड़ा है। नौ अक्तूबर को मतदान हो चुका है। जीत की उम्मीद जताई जा रही थी।
सहारनपुर के खत्ताखेड़ी मोहल्ला में मूसा की ससुराल है। ससुराल में समारोह में शामिल होने का निमंत्रण आया था। रविवार को मूसा परिवार के साथ ससुराल समारोह में शामिल होने के लिए जा रहा था।
मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्थित बसेड़ा के पास हादसे में मूसा (36), पत्नी महताब (32), बेटा हुमान (4), बेटी हबीता (3) की मौत हो गई, जबकि मूसा की बेटी फरीन और बेटा शुऐब घायल हो गए हैं। हादसे में चार परिजनों की मौत से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार में कोहराम मचा है। गांव में शोक छा गया।
काफी लोग मूसा के घर पर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस से शव के पहुंचने पर अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया किया तेली बिरादरी से ताल्लुक रखने वाला मूसा बेहद मिलनसार था। यही वजह थी कि बीडीसी चुनाव में उसे काफी लोगों का सपोर्ट मिला।
भैंस के चक्कर में खत्म हो गईं जिंदगी
मुजफ्फ्नगर/सहारनपुर। मुजफ्फरनगर के छपार से सहारनपुर आते समय सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जिंदगी खत्म होने का एक कारण वह भैंस भी रही जिसे ससुराल में लाने के लिए वाहन से लाया जा रहा था।
घटना को करीब से देखने वाले कुछ ग्रामीणों का कहना है कि भैंस के चक्कर में ही चार जिंदगियां खत्म हो गई। उनके मुताबिक वाहन में पीछे भैंस लदी थी और परिवार के सात सदस्य आगे केबिन में ही थे।
केबिन में कम जगह पर अधिक लोगों के बैठने के कारण ही वाहन को चलाने में दिक्कतें रही होंगी और यह हादसा हो गया। पुलिस भी यह मान रही है कि वाहन के केबिन में अधिक लोग रहे। हालांकि रोडवेज बस चालक की गलती की भी जांच करवाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि भैंस वाले वाहन को मूसा ही चला रहा था। सामने के केबिन में होने के कारण ही रोडवेज बस से भिड़ंत के बाद मूसा और बराबर में बैठी बीवी मेहताब की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य बच्चे भी गंभीर रूप से जख्मी हुए।
बाद में उपचार के दौरान दो बेटियों उमैर और फरहीन ने भी दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में लोगों ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि एक भैंस के चक्कर में परिवार उजड़ गया।
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पुरकाजी क्षेत्र के गांव कैल्लनपुर निवासी राहुल (20) पुत्र ज्ञाना और इंतजार (20) पुत्र जहूर कोल्हू चलाने का काम करते थे। रविवार शाम दोनों बाइक से पास के गांव हरिनगर में कोल्हू देेेेखने के लिए गए थे।
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वापस आने के दौरान शाम सात बजे के लगभग जब वे लक्सर मार्ग पर गंगनहर के पास पहुंचे कि तभी सामने से आती उत्तराखंड रोडवेज हरिद्वार डिपो की बस ने उन्हें चपेट ले लिया, जिसके चलते दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से दोनों को पुरकाजी सीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे में दोनों युवकों की मौत का समाचार मिलने पर दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया। पूरा गांव शोक में डूब गया।
उधर, चालक बस को लेकर फरार हो गया। पुलिस की सूचना पर बस को उत्तराखंड की सीमा पर स्थित खानपुर चौकी पर पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया। देर रात्रि तक रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही थी।
चार मौताें ने मचाया कोहराम
छपार। सहारनपुर में नांगल के पास खुड्डा गांव के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत होने से परिजनों में कोहराम मचा है। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। परिवार का मुखिया बीडीसी सदस्य बनने की होड़ में शामिल हुआ था।
छपार थाना क्षेत्र के खुड्डा गांव निवासी मूसा ने वार्ड-13 से बीडीसी सदस्य पद पर चुनाव लड़ा है। नौ अक्तूबर को मतदान हो चुका है। जीत की उम्मीद जताई जा रही थी।
सहारनपुर के खत्ताखेड़ी मोहल्ला में मूसा की ससुराल है। ससुराल में समारोह में शामिल होने का निमंत्रण आया था। रविवार को मूसा परिवार के साथ ससुराल समारोह में शामिल होने के लिए जा रहा था।
मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्थित बसेड़ा के पास हादसे में मूसा (36), पत्नी महताब (32), बेटा हुमान (4), बेटी हबीता (3) की मौत हो गई, जबकि मूसा की बेटी फरीन और बेटा शुऐब घायल हो गए हैं। हादसे में चार परिजनों की मौत से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार में कोहराम मचा है। गांव में शोक छा गया।
काफी लोग मूसा के घर पर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस से शव के पहुंचने पर अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया किया तेली बिरादरी से ताल्लुक रखने वाला मूसा बेहद मिलनसार था। यही वजह थी कि बीडीसी चुनाव में उसे काफी लोगों का सपोर्ट मिला।
भैंस के चक्कर में खत्म हो गईं जिंदगी
मुजफ्फ्नगर/सहारनपुर। मुजफ्फरनगर के छपार से सहारनपुर आते समय सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जिंदगी खत्म होने का एक कारण वह भैंस भी रही जिसे ससुराल में लाने के लिए वाहन से लाया जा रहा था।
घटना को करीब से देखने वाले कुछ ग्रामीणों का कहना है कि भैंस के चक्कर में ही चार जिंदगियां खत्म हो गई। उनके मुताबिक वाहन में पीछे भैंस लदी थी और परिवार के सात सदस्य आगे केबिन में ही थे।
केबिन में कम जगह पर अधिक लोगों के बैठने के कारण ही वाहन को चलाने में दिक्कतें रही होंगी और यह हादसा हो गया। पुलिस भी यह मान रही है कि वाहन के केबिन में अधिक लोग रहे। हालांकि रोडवेज बस चालक की गलती की भी जांच करवाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि भैंस वाले वाहन को मूसा ही चला रहा था। सामने के केबिन में होने के कारण ही रोडवेज बस से भिड़ंत के बाद मूसा और बराबर में बैठी बीवी मेहताब की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य बच्चे भी गंभीर रूप से जख्मी हुए।
बाद में उपचार के दौरान दो बेटियों उमैर और फरहीन ने भी दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में लोगों ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि एक भैंस के चक्कर में परिवार उजड़ गया।