{"_id":"5bcccaedbdec221a020c4c11","slug":"suspiciously-returned-the-alleged-hijacked-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"सकुशल लौट आया कथित अपहृत रियासत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सकुशल लौट आया कथित अपहृत रियासत
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 22 Oct 2018 12:22 AM IST
विज्ञापन
मीरापुर थाने पर प्रदर्शन करते दलित समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीरापुर के गांव भुम्मा से 12 दिन पूर्व कथित अपहृत रियासत सकुशल लौट आया, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अब उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं, रियासत की बरामदगी के बाद गुस्साए दलितों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा करते हुए साजिश के तहत दलित समाज के चार बेकसूरों को जेल भिजवाने का आरोप लगाकर रियासत व उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रियासत की बरामदगी के बाद गांव में तनाव के हालात हैं, जिसके चलते फोर्स तैनात करने के साथ ही फ्लैग मार्च भी किया गया।
थाना क्षेत्र के गांव भुम्मा निवासी रियासत पुत्र मंगता दस अक्तूबर को सुबह करीब 11 बजे संदिग्ध हालात में घर से लापता हो गया था। अगले दिन रियासत के भाई हसरत ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराते हुए दलित समाज के चार लोगों पर उसे गायब करने का आरोप लगाते हुए कई दिन तक लगातार हंगामा किया था। इसके चलते पुलिस ने सीओ जानसठ सोमेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में तीन दिन तक रियासत की तलाश में लगातार जंगलों में कांबिंग अभियान भी चलाया था।
इसके बावजूद रियासत का सुराग न लगने पर 17 अक्तूबर को उसकी गुमशुदगी अपहरण में तरमीम कर नामजद कराए गए दलित समाज के भोपाल, पाल्ले, नरेश व राजबीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने पाल्ले के कब्जे से रियासत का मोबाइल भी बरामद करने का दावा किया था। रविवार सुबह करीब आठ बजे सूचना के आधार पर पुलिस ने भुम्मा के बस स्टैंड से कथित अपहृत रियासत को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस रियासत को थाने ले आई, जहां पूछताछ में उसने 3500 रुपये में अपना मोबाइल गांव के ही पाल्ले को देकर मजदूरी करने मवाना जाने की जानकारी दी।
विज्ञापन
पुलिस अब उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। उधर, रियासत के सकुशल मिलने की जानकारी मिलते ही गांव के दलित समाज में आक्रोश उत्पन्न हो गया। जेल भेजे गए चारों युवकों के परिजनों समेत बड़ी संख्या में दलित थाने जा पहुंचे और रियासत के परिजनों पर साजिश के तहत अपहरण की फर्जी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर एसपी देहात आलोक शर्मा, सीओ जानसठ सोमेंद्र सिंह नेगी मौके पर जा पहुंचे, जिनसे दलितों की तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ते देख मौके पर रामराज, जानसठ, ककरौली व भोपा से भी फोर्स बुला लिया गया। घंटों हंगामे के बाद आखिरकार अफसरों ने हंगामा कर रहे दलितों से वार्ता कर उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई कर जेल भेजे गए चारों युवकों को रिहा कराने और फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले रियासत व उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।
तनाव के चलते फोर्स तैनात, फ्लैग मार्च भी किया
मीरापुर। रियासत के कथित अपहरण का मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के चलते गांव भुम्मा में तनाव व्याप्त है। इसके चलते गांव के संवेदनशील मोहल्लों में फोर्स तैनात करने के साथ ही शाम के समय अफसरों ने पुलिस फोर्स के साथ गांव में फ्लैगमार्च भी किया। शाम के समय एडीएम वित्त आलोक कुमार व तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी ने भी गांव पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।
........
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि कथित अपहृत रियासत को बरामद कर उससे पूछताछ की जा रही है। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराकर दलित युवकों को जेल से रिहा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर रियासत के परिजनों के खिलाफ भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के गांव भुम्मा निवासी रियासत पुत्र मंगता दस अक्तूबर को सुबह करीब 11 बजे संदिग्ध हालात में घर से लापता हो गया था। अगले दिन रियासत के भाई हसरत ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराते हुए दलित समाज के चार लोगों पर उसे गायब करने का आरोप लगाते हुए कई दिन तक लगातार हंगामा किया था। इसके चलते पुलिस ने सीओ जानसठ सोमेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में तीन दिन तक रियासत की तलाश में लगातार जंगलों में कांबिंग अभियान भी चलाया था।
विज्ञापन
इसके बावजूद रियासत का सुराग न लगने पर 17 अक्तूबर को उसकी गुमशुदगी अपहरण में तरमीम कर नामजद कराए गए दलित समाज के भोपाल, पाल्ले, नरेश व राजबीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने पाल्ले के कब्जे से रियासत का मोबाइल भी बरामद करने का दावा किया था। रविवार सुबह करीब आठ बजे सूचना के आधार पर पुलिस ने भुम्मा के बस स्टैंड से कथित अपहृत रियासत को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस रियासत को थाने ले आई, जहां पूछताछ में उसने 3500 रुपये में अपना मोबाइल गांव के ही पाल्ले को देकर मजदूरी करने मवाना जाने की जानकारी दी।
विज्ञापन
पुलिस अब उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। उधर, रियासत के सकुशल मिलने की जानकारी मिलते ही गांव के दलित समाज में आक्रोश उत्पन्न हो गया। जेल भेजे गए चारों युवकों के परिजनों समेत बड़ी संख्या में दलित थाने जा पहुंचे और रियासत के परिजनों पर साजिश के तहत अपहरण की फर्जी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर एसपी देहात आलोक शर्मा, सीओ जानसठ सोमेंद्र सिंह नेगी मौके पर जा पहुंचे, जिनसे दलितों की तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ते देख मौके पर रामराज, जानसठ, ककरौली व भोपा से भी फोर्स बुला लिया गया। घंटों हंगामे के बाद आखिरकार अफसरों ने हंगामा कर रहे दलितों से वार्ता कर उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई कर जेल भेजे गए चारों युवकों को रिहा कराने और फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले रियासत व उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।
तनाव के चलते फोर्स तैनात, फ्लैग मार्च भी किया
मीरापुर। रियासत के कथित अपहरण का मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के चलते गांव भुम्मा में तनाव व्याप्त है। इसके चलते गांव के संवेदनशील मोहल्लों में फोर्स तैनात करने के साथ ही शाम के समय अफसरों ने पुलिस फोर्स के साथ गांव में फ्लैगमार्च भी किया। शाम के समय एडीएम वित्त आलोक कुमार व तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी ने भी गांव पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।
........
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि कथित अपहृत रियासत को बरामद कर उससे पूछताछ की जा रही है। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराकर दलित युवकों को जेल से रिहा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर रियासत के परिजनों के खिलाफ भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।