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बहन का हत्यारोपी भाई गया जेल, पिता ने बेटे के खिलाफ दर्ज कराई हत्या की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 08 Jul 2017 12:39 AM IST
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पुलिस गिरफ्त में आया बहन का हत्यारोपी युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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नई मंडी कोतवाली पुलिस ने सुभाषनगर के संजीदा हत्याकांड में हत्यारोपी भाई कामिल का चालान कर जेल भेज दिया। युवती के पिता की ओर से बेटे के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। इज्जत की खातिर ऑनरकिलिंग की यह वारदात बृहस्पतिवार देर सुभाषनगर मोहल्ले में हुई थी। उधर, शुक्रवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने संजीदा का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी यासीन की बेटी संजीदा मोहल्ले में ही मकान में अलग रहती थी। बृहस्पतिवार को संजीदा का अपने भाई कामिल से झगड़ा हुआ। देर रात जब संजीदा अपने मकान में डबलबेड पर बैठी थी, तभी वहां भाई कामिल पहुंचा और संजीदा की चाकू से गोद कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद कामिल ने गांधी कॉलोनी पुलिस चौकी पर जाकर आत्मसमर्पण कर दिया था।
उसने पुलिस को बताया था कि इज्जत की खातिर उसने अपनी बहन की हत्या कर दी है। रात्रि में ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हत्यारोपी भाई को भी हिरासत में ले लिया था। कत्ल की वारदात में संजीदा के पिता यासीन ने बेटे कामिल के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने चालान कर कामिल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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पिता को भी बेटी की हत्या का अफसोस नहीं
मुजफ्फरनगर। संजीदा की हत्या का पिता यासीन को भी कोई अफसोस नहीं है। उसका कहना है कि इज्जत की खातिर उसके बेटे ने यह कदम उठाया है। पिता यासीन ने नईमंडी कोतवाली पर दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि उसकी बेटी का चाल चलन ठीक नहीं था।
यासीन के मुताबिक मेरठ, जानसठ, मल्हूपुरा में उसका पांच बार निकाह कराया गया। दो बार उसने घर से भागकर निकाह किया। पिता का आरोप है कि बेटी निकाह के नाम पर लोगों को धोखा देकर उसने रुपये ऐंठने का काम करती थी। उन्हीं रुपये से उसने यहां मकान लिया था। उसके कोई बच्चा नहीं था, वह अकेली रह रही थी।
उसके खराब चाल-चलन से परिवार की बदनामी हो रही थी, जिसको लेकर कामिल का उससे कई बार झगड़ा हुआ। बृहस्पतिवार को भी दोनों में झगड़ा हुआ, जिसमें कामिल ने चाकू से संजीदा की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद कामिल ने भी पुलिस के समक्ष अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा था कि उसे बहन की हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। पिता ने भी तहरीर में लिखा कि बेटी की हत्या का उसे भी कोई अफसोस नहीं है।
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नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी यासीन की बेटी संजीदा मोहल्ले में ही मकान में अलग रहती थी। बृहस्पतिवार को संजीदा का अपने भाई कामिल से झगड़ा हुआ। देर रात जब संजीदा अपने मकान में डबलबेड पर बैठी थी, तभी वहां भाई कामिल पहुंचा और संजीदा की चाकू से गोद कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद कामिल ने गांधी कॉलोनी पुलिस चौकी पर जाकर आत्मसमर्पण कर दिया था।
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उसने पुलिस को बताया था कि इज्जत की खातिर उसने अपनी बहन की हत्या कर दी है। रात्रि में ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हत्यारोपी भाई को भी हिरासत में ले लिया था। कत्ल की वारदात में संजीदा के पिता यासीन ने बेटे कामिल के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने चालान कर कामिल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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पिता को भी बेटी की हत्या का अफसोस नहीं
मुजफ्फरनगर। संजीदा की हत्या का पिता यासीन को भी कोई अफसोस नहीं है। उसका कहना है कि इज्जत की खातिर उसके बेटे ने यह कदम उठाया है। पिता यासीन ने नईमंडी कोतवाली पर दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि उसकी बेटी का चाल चलन ठीक नहीं था।
यासीन के मुताबिक मेरठ, जानसठ, मल्हूपुरा में उसका पांच बार निकाह कराया गया। दो बार उसने घर से भागकर निकाह किया। पिता का आरोप है कि बेटी निकाह के नाम पर लोगों को धोखा देकर उसने रुपये ऐंठने का काम करती थी। उन्हीं रुपये से उसने यहां मकान लिया था। उसके कोई बच्चा नहीं था, वह अकेली रह रही थी।
उसके खराब चाल-चलन से परिवार की बदनामी हो रही थी, जिसको लेकर कामिल का उससे कई बार झगड़ा हुआ। बृहस्पतिवार को भी दोनों में झगड़ा हुआ, जिसमें कामिल ने चाकू से संजीदा की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद कामिल ने भी पुलिस के समक्ष अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा था कि उसे बहन की हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। पिता ने भी तहरीर में लिखा कि बेटी की हत्या का उसे भी कोई अफसोस नहीं है।