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चार माह पहले जम्मू-कश्मीर के मीर बाजार इलाके से पकड़ा गया था संदीप
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:33 AM IST
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जम्मू-कश्मीर में पकड़ा गया संदीप उर्फ आदिल।
- फोटो : अमर उजाला
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लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी संदीप शर्मा के बारे में छानबीन में एक और अहम खुलासा हुआ है कि चार माह पहले संदीप को मीर बाजार इलाके से चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि संदीप ने पुलिस को गच्चा दे दिया। उसने खुद को कश्मीर निवासी आदिल बताकर जमानत ले ली। पुलिस अगर उसी समय उससे कड़ाई से पूछताछ करती, तो पहले ही मामले का खुलासा हो जाता।
आतंकी संदीप शर्मा के लश्कर से जुड़ने की जानकारी किसी को नहीं है। उसके साथ कश्मीर में काम करने गए उसके फुफेरा भाई अश्वनी को भी इसकी भनक नहीं थी। संदीप के बारे में चल रही छानबीन में एक और बात सामने आई है कि चार माह पहले वह पुलिस को चकमा दे चुका है। पता चला है कि इसी साल मार्च में पुलिस ने अनंतनाग के मीर बाजार इलाके से संदीप को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया था। उस समय उसने अपना नाम आदिल बताया था।
पुलिस ने उस समय उसे चोर समझकर थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया था। बाद में पुलिस को उसके फर्जी नाम से रहने का सुराग लगा। मकान मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके भाई प्रवीण को फोन कर उसके बारे में जानकारी ली थी।
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सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में प्रवीण ने यह बात स्वीकार की है कि मार्च में अनंतनाग के एसएचओ का फोन उसके पास आया था। उस समय संदीप पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया, लेकिन पुलिस गोपनीय तरीके से उसकी खोजबीन में जुट गई थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही है कि संदीप को छोड़ने के पीछे पुलिस की कोई मिलीभगत तो नहीं थी।
इतना ही नहीं शातिर दिमाग संदीप ने पुलिस को दूसरी बार भी चकमा देने की कोशिश की, लेकिन इस बार वह कामयाब नहीं हो पाया। एक जुलाई को ब्रिंटी-अनंतनाग के जिस मकान में दुर्दांत आतंकी बशीर लश्करी को उसके साथी समेत मारा गया, उसी मकान से रेस्क्यू किए गए लोगों में संदीप भी शामिल था।
आर्मी की त्वरित पूछताछ में संदीप खुद को आदिल बताकर बच गया था, लेकिन आर्मी ने सभी लोगों के पहचान के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस की कई दिन की पूछताछ और वैरिफिकेशन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि आदिल का असली नाम संदीप शर्मा है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस के होश उड़ गए।
यूपी एटीएस ने अनंतनाग में संदीप से की पूछताछ
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में पकड़ा गया लश्कर का संदिग्ध आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल मुजफ्फरनगर में हुई शादी की बात से इंकार कर रहा है। एटीएस के सूत्रों की मानें तो उसने पूछताछ में मुजफ्फरनगर में हुई शादी के बात से इंकार किया है।
जबकि संदीप के परिजनों का कहना है कि उसने मुजफ्फनगर छोड़ने से पहले यहां शादी की थी। एटीएस की टीम मुजफ्फरनगर में उसके परिजनों से भी बात कर रहे हैं और कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। एटीएस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदीप ने कब, कहां और किसके कहने पर धर्म परिवर्तन किया।
दिल्ली ले जाने वाले शख्स की भी तलाश
एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि संदीप को मुजफ्फरनगर से काम दिलाने के लिए दिल्ली ले जाने वाले शख्स की भी तलाश की जा रही है। यह भी पता करने की कोशिश की जा रही है कि मुजफ्फरनगर या पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कोई और युवक तो संदीप के संपर्क में नहीं था? जम्मू कश्मीर में संदीप उर्फ आदिल के खिलाफ कई केस दर्ज हैं।
इसके अन्य राज्यों में भी कारित की गई घटनाओं के बारे में भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही देश भर में एटीएम काट कर हुई पैसों की लूट केबारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। एटीएस ने मंगलवार को मुजफ्फरनगर में संदीप के परिजनों के साथ साथ उसके कुछ दोस्तों से भी पूछताछ की है। एटीएस यह भी पता लगाने कीे कोशिश कर रही है कि संदीप इन तरह के अपराध में शामिल था और घर वालों को भनक क्यों नहीं लग पाई।
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आतंकी संदीप शर्मा के लश्कर से जुड़ने की जानकारी किसी को नहीं है। उसके साथ कश्मीर में काम करने गए उसके फुफेरा भाई अश्वनी को भी इसकी भनक नहीं थी। संदीप के बारे में चल रही छानबीन में एक और बात सामने आई है कि चार माह पहले वह पुलिस को चकमा दे चुका है। पता चला है कि इसी साल मार्च में पुलिस ने अनंतनाग के मीर बाजार इलाके से संदीप को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया था। उस समय उसने अपना नाम आदिल बताया था।
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पुलिस ने उस समय उसे चोर समझकर थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया था। बाद में पुलिस को उसके फर्जी नाम से रहने का सुराग लगा। मकान मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके भाई प्रवीण को फोन कर उसके बारे में जानकारी ली थी।
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सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में प्रवीण ने यह बात स्वीकार की है कि मार्च में अनंतनाग के एसएचओ का फोन उसके पास आया था। उस समय संदीप पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया, लेकिन पुलिस गोपनीय तरीके से उसकी खोजबीन में जुट गई थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही है कि संदीप को छोड़ने के पीछे पुलिस की कोई मिलीभगत तो नहीं थी।
इतना ही नहीं शातिर दिमाग संदीप ने पुलिस को दूसरी बार भी चकमा देने की कोशिश की, लेकिन इस बार वह कामयाब नहीं हो पाया। एक जुलाई को ब्रिंटी-अनंतनाग के जिस मकान में दुर्दांत आतंकी बशीर लश्करी को उसके साथी समेत मारा गया, उसी मकान से रेस्क्यू किए गए लोगों में संदीप भी शामिल था।
आर्मी की त्वरित पूछताछ में संदीप खुद को आदिल बताकर बच गया था, लेकिन आर्मी ने सभी लोगों के पहचान के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस की कई दिन की पूछताछ और वैरिफिकेशन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि आदिल का असली नाम संदीप शर्मा है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस के होश उड़ गए।
यूपी एटीएस ने अनंतनाग में संदीप से की पूछताछ
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में पकड़ा गया लश्कर का संदिग्ध आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल मुजफ्फरनगर में हुई शादी की बात से इंकार कर रहा है। एटीएस के सूत्रों की मानें तो उसने पूछताछ में मुजफ्फरनगर में हुई शादी के बात से इंकार किया है।
जबकि संदीप के परिजनों का कहना है कि उसने मुजफ्फनगर छोड़ने से पहले यहां शादी की थी। एटीएस की टीम मुजफ्फरनगर में उसके परिजनों से भी बात कर रहे हैं और कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। एटीएस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदीप ने कब, कहां और किसके कहने पर धर्म परिवर्तन किया।
दिल्ली ले जाने वाले शख्स की भी तलाश
एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि संदीप को मुजफ्फरनगर से काम दिलाने के लिए दिल्ली ले जाने वाले शख्स की भी तलाश की जा रही है। यह भी पता करने की कोशिश की जा रही है कि मुजफ्फरनगर या पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कोई और युवक तो संदीप के संपर्क में नहीं था? जम्मू कश्मीर में संदीप उर्फ आदिल के खिलाफ कई केस दर्ज हैं।
इसके अन्य राज्यों में भी कारित की गई घटनाओं के बारे में भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही देश भर में एटीएम काट कर हुई पैसों की लूट केबारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। एटीएस ने मंगलवार को मुजफ्फरनगर में संदीप के परिजनों के साथ साथ उसके कुछ दोस्तों से भी पूछताछ की है। एटीएस यह भी पता लगाने कीे कोशिश कर रही है कि संदीप इन तरह के अपराध में शामिल था और घर वालों को भनक क्यों नहीं लग पाई।