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बरवाला के रामप्रसाद हत्याकांड में दोष सिद्ध
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:36 AM IST
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कोर्ट ने बरवाला के रामप्रसाद उर्फ मांगा हत्याकांड में एक अभियुक्त को दोषी करार दिया है। उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट सजा के लिए 19 जुलाई को सुनवाई करेगी। जबकि अदालत ने सबूत के अभाव में मृतक की पत्नी को दोष मुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव बरवाला निवासी रामप्रसाद उर्फ मांगेराम गांव के ही लियाकत दूधिया के यहां नौकरी करता था। 27 सितंबर 2009 की रात उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगले रोज गांव के शमशान घाट के पास खेत में उसकी लाश मिली थी। परिजन शोभाराम की ओर से अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने जांच के दौरान गांव के ही संजीव पुत्र राजवीर तथा मृतक की पत्नी सरला को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस के अनुसार दोनों में अवैध संबंध थे, जिसका रामप्रसाद विरोध करता था। इसके साथ ही रामप्रसाद की बीमा पालिसी भी थी। जिसका भुगतान उसकी पत्नी सरला को होना था । इस लालच में उसने रामप्रसाद की गोली मार कर हत्या कर दी थी।
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यह मुकदमा एडीजे - 16 रविन्द्र कुमार की अदालत में चला। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में 11 गवाह पेश करते हुए अपनी दलील व सुबूत दिए । न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील व सबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए संजीव को धारा 302 के तहत रामप्रसाद उर्फ मांगेराम की हत्या का दोषी करार दिया है । सजा के लिए 19 जुलाई को सुनवाई की जाएगी। सह अभियुक्त सरला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव बरवाला निवासी रामप्रसाद उर्फ मांगेराम गांव के ही लियाकत दूधिया के यहां नौकरी करता था। 27 सितंबर 2009 की रात उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगले रोज गांव के शमशान घाट के पास खेत में उसकी लाश मिली थी। परिजन शोभाराम की ओर से अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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पुलिस ने जांच के दौरान गांव के ही संजीव पुत्र राजवीर तथा मृतक की पत्नी सरला को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस के अनुसार दोनों में अवैध संबंध थे, जिसका रामप्रसाद विरोध करता था। इसके साथ ही रामप्रसाद की बीमा पालिसी भी थी। जिसका भुगतान उसकी पत्नी सरला को होना था । इस लालच में उसने रामप्रसाद की गोली मार कर हत्या कर दी थी।
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यह मुकदमा एडीजे - 16 रविन्द्र कुमार की अदालत में चला। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में 11 गवाह पेश करते हुए अपनी दलील व सुबूत दिए । न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील व सबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए संजीव को धारा 302 के तहत रामप्रसाद उर्फ मांगेराम की हत्या का दोषी करार दिया है । सजा के लिए 19 जुलाई को सुनवाई की जाएगी। सह अभियुक्त सरला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।