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खुराफात करने वाले छह बंदी दूसरी जेलों में शिफ्ट
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 10 May 2016 12:18 AM IST
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मुजफ्फरनगर जिला जेल मेें मिले हथियार (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार में बंदियों के बीच मारपीट के हालात से पार पाने के लिए प्रशासन ने छह खुराफाती बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट कर दिया है। डीएम की संस्तुति पर शासन ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा आठ और बंदियों को बाहर भेजे जाने की तैयारी है। जिन छह बंदियों को आसपास के जिलों में भेजा गया है, यह व्यवस्था तात्कालिक है बाद में इन्हें पूर्वी जेलों में शिफ्ट किए जाने की योजना है।
जिला कारागार में खूंखार बंदियों की लंबी फेहरिस्त है। इनमें जेल में वर्चस्व को लेकर अक्सर अलग-अलग गैंग के सदस्य आमने-सामने आते रहते हैं। इन दिनों जेल में कुछ ज्यादा ही अराजकता का माहौल है। आए दिन मारपीट और बवाल आम हो चुके हैं। दो दिन पहले हुए बवाल में जेल में कई बंदी लहूलुहान हैं। मामले को दबाने के लिए बंदियों को अंदर ही उपचार दिलाया जा रहा है।
रविवार को डीआईजी वीके शेखर ने जेल का दौरा किया तो भौचक्के रह गए। जान लेने के पर्याप्त सामान बैरकों में मिले। सरिए, डंडे और कट्टन आदि बरामद हुए थे। इसको लेकर जेल अफसरों पर भी सवालिया निशान हैं कि कथित सख्त निगरानी के बावजूद आपत्तिजनक वस्तुएं वहां कैसे पहुंचीं। डीआईजी ने जेल के हालात सुधारने के लिए खुराफाती बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने का आदेश दिया था।
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इसके लिए बंदियों की सूची मांगी गई थी। बवाल मेें मुख्य रूप से शामिल रहे बंदियों की लिस्ट तैयार की गई। पहली बार में जेल अफसरों की तरफ से छह बंदियों के नाम जिला प्रशासन को भेजे गए। डीएम की संस्तुति के बाद सोमवार को शासन ने मंजूरी दे दी। मुजफ्फरनगर की मदीना कॉलोनी निवासी सोनू सक्का और अनवर को मेरठ जेल भेजा गया है।
कैराना निवासी गय्यूर को बिजनौर जेल, कुख्यात मुकीम काला के भाई वसील और तितरवाड़ा गांव के फुरकान को मेरठ और सीकरी के जमशेद प्रधान को सहारनपुर जेल शिफ्ट किया गया है। इनमें वर्चस्व के लिए लड़ने वाले दोनों पक्ष के बंदी शामिल हैं। साथ ही जेल से रंगदारी मांगने में भी इनकी भूमिका मानी गई है। बंदियों को शिफ्ट करने का सिलसिला यहीं नहीं थमा है।
इसके अलावा आठ अन्य बंदियों को शिफ्ट करने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। इस पर जल्द ही परमिशन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह व्यवस्था तात्कालिक है, इसके बाद इन बंदियों को पूर्वी जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। डीआईजी जेल वीके शेखर का कहना है कि जिला कारागार के बंदियों में मारपीट के बाद छह बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा कई और बंदी दूसरी जेलों में शिफ्ट किए जाएंगे।
जेल में अभी तनाव के हालात
मुजफ्फरनगर। जेल के माहौल में गरमाहट है। वर्चस्व के लिए आपस में छिड़ी जंग और बंदियों के शिफ्ट किए जाने से तनाव के हालात हैं। कुछ बंदी अपने साथियों को दूसरी जेलों में भेजे जाने से बेहद गुस्साए हुए हैं। हालात के मद्देनजर कई बंदी अभी तन्हाई में रखे गए हैं। संघर्ष में घायलों को जेल चिकित्सालय मेें सही उपचार नहीं मिलने से जेल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।
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जिला कारागार में खूंखार बंदियों की लंबी फेहरिस्त है। इनमें जेल में वर्चस्व को लेकर अक्सर अलग-अलग गैंग के सदस्य आमने-सामने आते रहते हैं। इन दिनों जेल में कुछ ज्यादा ही अराजकता का माहौल है। आए दिन मारपीट और बवाल आम हो चुके हैं। दो दिन पहले हुए बवाल में जेल में कई बंदी लहूलुहान हैं। मामले को दबाने के लिए बंदियों को अंदर ही उपचार दिलाया जा रहा है।
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रविवार को डीआईजी वीके शेखर ने जेल का दौरा किया तो भौचक्के रह गए। जान लेने के पर्याप्त सामान बैरकों में मिले। सरिए, डंडे और कट्टन आदि बरामद हुए थे। इसको लेकर जेल अफसरों पर भी सवालिया निशान हैं कि कथित सख्त निगरानी के बावजूद आपत्तिजनक वस्तुएं वहां कैसे पहुंचीं। डीआईजी ने जेल के हालात सुधारने के लिए खुराफाती बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने का आदेश दिया था।
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इसके लिए बंदियों की सूची मांगी गई थी। बवाल मेें मुख्य रूप से शामिल रहे बंदियों की लिस्ट तैयार की गई। पहली बार में जेल अफसरों की तरफ से छह बंदियों के नाम जिला प्रशासन को भेजे गए। डीएम की संस्तुति के बाद सोमवार को शासन ने मंजूरी दे दी। मुजफ्फरनगर की मदीना कॉलोनी निवासी सोनू सक्का और अनवर को मेरठ जेल भेजा गया है।
कैराना निवासी गय्यूर को बिजनौर जेल, कुख्यात मुकीम काला के भाई वसील और तितरवाड़ा गांव के फुरकान को मेरठ और सीकरी के जमशेद प्रधान को सहारनपुर जेल शिफ्ट किया गया है। इनमें वर्चस्व के लिए लड़ने वाले दोनों पक्ष के बंदी शामिल हैं। साथ ही जेल से रंगदारी मांगने में भी इनकी भूमिका मानी गई है। बंदियों को शिफ्ट करने का सिलसिला यहीं नहीं थमा है।
इसके अलावा आठ अन्य बंदियों को शिफ्ट करने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। इस पर जल्द ही परमिशन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह व्यवस्था तात्कालिक है, इसके बाद इन बंदियों को पूर्वी जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। डीआईजी जेल वीके शेखर का कहना है कि जिला कारागार के बंदियों में मारपीट के बाद छह बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा कई और बंदी दूसरी जेलों में शिफ्ट किए जाएंगे।
जेल में अभी तनाव के हालात
मुजफ्फरनगर। जेल के माहौल में गरमाहट है। वर्चस्व के लिए आपस में छिड़ी जंग और बंदियों के शिफ्ट किए जाने से तनाव के हालात हैं। कुछ बंदी अपने साथियों को दूसरी जेलों में भेजे जाने से बेहद गुस्साए हुए हैं। हालात के मद्देनजर कई बंदी अभी तन्हाई में रखे गए हैं। संघर्ष में घायलों को जेल चिकित्सालय मेें सही उपचार नहीं मिलने से जेल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।